रिजिजू पर भड़के राहुल, 'सबसे बड़ा खतरा दिमाग से खाली लोग, जिन्हें...'
जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन को लेकर किरेन रिजिजू ने कहा कि इस आंदोलन के पैमाने पर गौर करें. छात्रों के भेष में कई अपराधी भी घुस आए थे. उनके बयान पर राहुल गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.

दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज पर सियासी बवाल जारी है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू के उस बयान पर पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट के दौरान किसी को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचा, किसी की भी हड्डी नहीं टूटी. गंभीर चोट के कारण कोई भी प्रदर्शनकारी अस्पताल में नहीं है.
राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार के मंत्री कह रहे हैं कि दिल्ली पुलिस की तारीफ करनी चाहिए. संसद से आधा किलोमीटर दूर, शांतिपूर्ण छात्रों पर पैलेट गन चली, कील लगी लाठियां चलीं, एक बच्चे की आंख चली गई, एक बच्ची का कान कट गया. इस बर्बरता की तारीफ करनी चाहिए?
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, ''मैं ख़ुद उन घायल बच्चों से मिला हूं. हज़ारों वीडियो देश ने देखे हैं. इस सरकार का मूल मंत्र ही असत्य और हिंसा है. पहले बच्चों पर लाठी चलाओ, फिर बोल दो कि कुछ हुआ ही नहीं.''
मोदी सरकार के मंत्री कह रहे हैं कि “दिल्ली पुलिस की तारीफ करनी चाहिए।”
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 18, 2026
संसद से आधा किलोमीटर दूर, शांतिपूर्ण छात्रों पर पैलेट गन चली, कील लगी लाठियाँ चलीं, एक बच्चे की आँख चली गई, एक बच्ची का कान कट गया। इस बर्बरता की तारीफ करनी चाहिए?
मैं ख़ुद उन घायल बच्चों से मिला हूँ।… https://t.co/LELgwxuQcE
उन्होंने कहा, ''पूरे सत्र “लापता” अमित शाह विपक्ष से भागते रहे. और प्रधानमंत्री ने आज तक छात्रों से माफ़ी नहीं मांगी. सच्चाई यह है कि इस देश के लिए सबसे बड़ा ख़तरा यही दिमाग से खाली लोग हैं - जिन्हें न अपनी ग़लती दिखती है, और दिखने पर मानते नहीं. देश के बच्चों से झूठ मत बोलिए. उनके पास आँखें हैं और याददाश्त भी.''
किरेन रिजिजू ने क्या कहा?
न्यूज़ एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में रिजिजू ने कहा, ''एक आदमी की मौत नहीं हुई, हड्डी नहीं टूटा, एक भी प्रदर्शनकारी गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में नहीं है.''
उन्होंने आगे कहा, ''इतना बड़ा आंदोलन, हजारों में आए, छात्रों की आड़ में कई क्रिमिनल आए, आधे से ज्यादा लोग आम आदमी पार्टी, डफली बजाने वाले, भीम आर्मी और समाजवादी पार्टी वाले थे. कितने लोग आए और उन्हें हिंसा के लिए उकसाया. एक मौत नहीं हुई. ये आंदोलन अगर कांग्रेस के जमाने में होता तो...कई हुए, हजारों लोग मारे गए गए हैं.''
किरेन रिजिजू ने कहा, ''इसमें तो तारीफ करनी चाहिए, दिल्ली पुलिस की तारीफ होनी चाहिए. प्रोटेस्ट के समय एक भी डंडा नहीं चला. संसद की तरफ जब मार्च करने लगे, तब रोका गया. मौत नहीं हुई, तारीफ करनी चाहिए. पुलिस को गाली दी जा रही है.''























