600 करोड़ रुपये के घोटाला मामले में त्रिपुरा के पूर्व मुख्य सचिव गिरफ्तार
त्रिपुरा पुलिस की क्राइम ब्रांच को त्रिपुरा के पूर्व मुख्य सचिव यशपाल सिंह की लंबे समय से तलाश थी. आज उन्हें गाजियाबाद से गिरफ्तार किया गया.

गाजियाबाद: करोड़ों के पीडब्ल्यूडी घोटाला मामले में क्राइम ब्रांच ने आज त्रिपुरा के पूर्व मुख्य सचिव यशपाल सिंह को गाजियाबाद के इंदिरापुरम से गिरफ्तार किया. सिंह को त्रिपुरा के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में हुए करीब 600 करोड़ रुपए के घोटाले के मामले में इंदिरापुरम की पॉश आईआरएस कोऑपरेटिव ग्रुप हाउसिंग सोसायटी अभय खंड से गिरफ्तार किया गया.
एबीपी न्यूज की टीम जब इस पते पर पहुंची तो सूत्रों ने बताया कि ये यशपाल सिंह (वाईपी सिंह) का गेस्ट हाउस है, जहां वो कभी कभार आया करते थे. जिस समय सिंह को स्थानीय पुलिस गिरफ्तार करने आई थी उस समय वो अपने परिवार के साथ गेस्ट हाउस में मौजूद थे और बिना किसी ज़ोर ज़बरदस्ती के पुलिस की गाड़ी में जाकर बैठ गए. त्रिपुरा की क्राइम ब्रांच ने उत्तर प्रदेश की मदद लेकर एक ज्वाइंट ऑपरेशन को अंजाम दिया और सोमवार सुबह करीबन आठ बजे सिंह को गिरफ्तार कर लिया.
पूर्व मुख्य सचिव सिंह को अब उत्तर प्रदेश की अदालत में ट्रांजिट रिमांड के लिए पेश किया जाएगा और अदालत की इजाज़त के बाद अगरतला लाया जाएगा. दरअसल बाहर से भागे किसी आरोपी को अगर दूसरे जिले में पकड़ा जाता है, तो स्थानीय पुलिस उसे 24 घंटे से अधिक नहीं रख सकती. जहां मामला दर्ज किया गया है, उस पुलिस को आने में जितना समय लगता है, उतने दिन की ट्रांजिट रिमांड स्थानीय पुलिस लेकर उसे जेल भेज देती है.
यशपाल सिंह भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 1984 बैच में मणिपुर - त्रिपुरा कैडर के अफ़सर हैं जिन्हे जी कामेश्वर राव के कार्यकाल के बाद 1 अप्रैल 2015 को मुख्य सचिव का कार्यभार सौंपा गया था. 2014 में सिंह प्रमोट हो कर एडिशनल सेक्रेटरी के पद पर नियुक्त हुए थे और एक साल के भीतर ही त्रिपुरा के मुख्य सचिव बन गए थे.
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