राम मंदिर चढ़ावा चोरी में VHP ने घसीटा प्रियंका गांधी-अखिलेश यादव का नाम तो भड़की कांग्रेस, कहा- 'विपक्ष पर उंगली उठाने का...'
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने VHP, RSS और सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि हिंदुओं के इन तथाकथित 'रक्षकों' का धर्म या भगवान से कोई लेना-देना नहीं है.

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर विपक्ष सरकार और हिंदू संगठनों पर हमलावर है. कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोमवार (6 जुलाई) को एक लंबा पोस्ट कर विश्व हिंदू परिषद को घेरा है. उन्होंने कहा कि चोरी मामले में विपक्षी नेताओं पर हमला करने वाला VHP का लेटर 'उल्टा चोर कोतवाल को डांटे' वाली कहावत जैसा है.
उन्होंने पोस्ट में कहा कि VHP पर पहले निर्मोही अखाड़ा ने 1,400 करोड़ रुपये के राम मंदिर घोटाले का आरोप लगाया था और अब उन विपक्षी नेताओं से पूछताछ की मांग की जा रही है जिन्होंने कथित लूट पर सवाल उठाए थे. यह मांग जितनी बेतुकी है, उतनी ही बेशर्मी भरी भी है. खुद जांच के घेरे में होने के कारण, VHP के पास विपक्ष पर उंगली उठाने का न तो कोई नैतिक अधिकार है और न ही कोई विश्वसनीयता.
केसी वेणुगोपाल ने अपनी पोस्ट में आगे कहा कि आखिरकार मंदिर ट्रस्ट का गठन PM मोदी ने किया था. ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, VHP के उपाध्यक्ष और RSS प्रचारक भी हैं. ट्रस्ट के अध्यक्ष भारत के प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव, जिन्हें BJP ने पद्म भूषण से सम्मानित किया है. इसके अलावा केंद्र और राज्य दोनों जगह बीजेपी की सरकार है.
'VHP और संघ परिवार की विश्वसनीयता खत्म'
उन्होंने सवाले उठाते हुए कहा कि ऐसे में प्रियंका वाड्रा, अखिलेश यादव या अन्य विपक्षी नेताओं पर कैसे उंगुली उठाई जा सकती है. सच तो यह है कि VHP और संघ परिवार की विश्वसनीयता पूरी तरह खत्म हो चुकी है. कांग्रेस नेता ने कहा कि विवादास्पद राम मंदिर आंदोलन लंबे समय से चंदा चोरी के आरोपों से घिरा रहा है और हालिया रिपोर्टों ने एक बार फिर उजागर कर दिया है कि हिंदुओं के इन तथाकथित 'रक्षकों' का धर्म या भगवान राम से कोई लेना-देना नहीं है. वे केवल भक्तों की आस्था का फायदा उठाते हैं.
The VHP’s letter attacking opposition leaders in the Ram Temple theft case is a classic case of the pot calling the kettle black.
— K C Venugopal (@kcvenugopalmp) July 6, 2026
The same VHP that had in the past faced allegations by the Nirmohi Akhara of a ₹1,400 crore Ram Mandir scam is demanding that Opposition leaders…
केसी वेणुगोपाल ने कहा कि अगर VHP को सचमुच राम मंदिर की पवित्रता की चिंता है तो उसने अपने ही संगठन के उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग क्यों नहीं की, जिन्होंने यह बड़ा घोटाला किया? वह उस BJP नेतृत्व पर चुप क्यों है जिसने मंदिर निर्माण का पूरा श्रेय लिया था, लेकिन अब जब उनके द्वारा नियुक्त ट्रस्ट खुद जांच के घेरे में है तो वे कहीं नजर नहीं आ रहे हैं?
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग
कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि शर्मिंदा होने के बाद वे अब तमाशा खड़ा करने, मासूमियत का दिखावा करने, तथ्यों को तोड़ने-मरोड़ने, आलोचकों को डराने-धमकाने और ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि उनकी अपनी नैतिक गिरावट उजागर न हो. उन्होंने आगे कहा कि हम एक स्वतंत्र और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होने वाली जांच की अपनी मांग दोहराते हैं. मौजूदा SIT राम मंदिर को लूटने वालों को बचाने के लिए बनाया गया एक दिखावटी तंत्र मात्र है.
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