'ऑपरेशन सिंदूर के बाद भी नहीं सुधरा पाकिस्तान, स्टेट स्पॉन्सर टेररिज्म जारी', आर्मी चीफ का बड़ा खुलासा
दिल्ली में ऑपरेशन सिंदूर पर लिखी पुस्तक के विमोचन के दौरान थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने खुलासा करते हुए बताया कि मुझे नहीं लगता कि पाकिस्तान ने स्टेट स्पॉन्सर टेरेरिज्म खत्म कर दिया है.

ऑपरेशन सिंदूर के बाद भी पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है और आतंकी संगठनों को पालने पोसने की (धूर्त) नीति जारी रखे हुए है. खुद थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने इस बात का खुलासा किया है.
थलसेना प्रमुख ने मीडिया से बातचीत में खुद कहा है कि मुझे नहीं लगता कि पाकिस्तान ने स्टेट स्पॉन्सर टेरेरिज्म खत्म कर दिया है, क्योंकि एलओसी (पाकिस्तान से सटी नियंत्रण रेखा) पर हम लगातार आतंकियों की घुसपैठ देख रहे हैं.
एलओसी पर भारत की कार्रवाई
राजधानी दिल्ली में ऑपरेशन सिंदूर पर लिखी पुस्तक के विमोचन से इतर बोलते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा कि हम एलओसी पर लगातार आतंकियों को मार रहे हैं या हमारे एक्शन से आतंकी वापस पाकिस्तान भाग गए हैं.
‘ऑपरेशन सिंदूर: डीप स्ट्राइक इन पाकिस्तान’ नाम की इस पुस्तक को डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी के पूर्व डीजी, लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लन (रिटायर) ने लिखा है. ले. जनरल ढिल्लन ने लंबे समय तक कश्मीर स्थित सेना की चिनार कोर (श्रीनगर मुख्यालय) के कमांडर के तौर पर अपनी सेवाएं दी थी.
ऑपरेशन सिंदूर के बाद से एलओसी पर शांति
थलसेना प्रमुख ने ये भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को हमें लंबे समय की दूरबीन से देखना होगा. जनरल द्विवेदी के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर (6-10 मई) हाल ही में हुआ था. दरअसल ऑपरेशन सिंदूर के बाद से एलओसी पर तो शांति है और पाकिस्तानी सेना की तरफ से कोई युद्धविराम उल्लंघन की बड़ी घटना सामने नहीं आई है, लेकिन पाकिस्तान से आतंकियों की घुसपैठ बदस्तूर जारी है. 28 अगस्त को सेना ने दो (02) आतंकियों को गुरेज सेक्टर में घुसपैठ के वक्त मार गिराया था.
सेना को लगातार इस तरह को इंटेलिजेंस इनपुट मिल रहे हैं कि पाकिस्तान (पीओके) में आतंकी एक बार फिर लॉन्च पैड पर इकठ्ठा होने की कोशिश कर रहे हैं. यहां तक कि जिन आतंकी ठिकानों को सेना और वायुसेना ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तबाह किया था, वहां फिर से मरम्मत का काम शुरू हो गया है.
इस कैंप को एक्टिव करने की कोशिश
खबर है कि आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद ने पाकिस्तान के नरोवाल में सरजाल कैंप को एक हेल्थ सेंटर की आड़ में फिर से एक्टिव करने की कोशिश की है. आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने भी अपने मुरीदके हेडक्वार्टर को बहावलपुर शिफ्ट करने की तैयारी कर ली है. बहावलपुर में जैश का मुख्यालय भी है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना ने हवाई हमलों में इन दोनों ही हेडक्वार्टर को ध्वस्त कर दिया था.
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