One Nation One Election: 'एक देश, एक चुनाव' पर जनता से रायशुमारी, सरकार जल्द लॉन्च करेगी वेबसाइट
Democracy In India: 'एक देश, एक चुनाव' को लेकर सरकार अब जनता और विशेषज्ञों की राय भी लेगी. इसके लिए जल्द ही एक वेबसाइट लॉन्च की जाएगी, जहां आम लोग अपने सुझाव दे सकेंगे.

One Nation One Election: 'एक देश, एक चुनाव' (One Nation One Election) विधेयक को लेकर संसद की संयुक्त समिति (जेपीसी) ने एक अहम कदम उठाने की घोषणा की है. समिति के प्रमुख पी.पी. चौधरी ने बताया कि जल्द ही एक वेबसाइट लॉन्च की जाएगी जहां आम जनता और विशेषज्ञ अपनी राय शेयर कर सकेंगे. इस पहल का उद्देश्य जनता की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करना और इस संवैधानिक विषय पर सभी पहलुओं को ध्यान में रखना है.
मंगलवार (11 मार्च) को हुई समिति की चौथी बैठक में इस विषय पर कानूनी विशेषज्ञों से चर्चा की गई. बैठक में देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई और दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन ने अपने विचार प्रस्तुत किए. उन्होंने इस विधेयक के कानूनी, संवैधानिक और संघीय ढांचे से जुड़े पहलुओं को समझाया और समिति के सदस्यों के सवालों का उत्तर दिया. साथ ही इस बैठक में प्रस्तावित वेबसाइट की रूपरेखा पर भी चर्चा हुई.
वेबसाइट से जनता सीधे दे सकेगी सुझाव
जेपीसी प्रमुख पी.पी. चौधरी ने बताया कि इस वेबसाइट का प्रचार-प्रसार व्यापक रूप से किया जाएगा. सरकार टीवी और समाचार पत्रों में विज्ञापन के जरिए वेबसाइट का क्यूआर कोड शेयर करेगी जिससे लोग इसे स्कैन करके अपनी राय दर्ज कर सकेंगे. ये कदम इस विधेयक को ज्यादा पारदर्शी और लोकतांत्रिक बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है.
संविधान और संघीय ढांचे पर उठे सवाल
बैठक के दौरान विपक्षी सांसदों ने इस विधेयक से जुड़े कई अहम सवाल उठाए. उन्होंने खासतौर पर खर्च में कटौती, चुनाव प्रक्रिया में संभावित जटिलताओं और राष्ट्रपति शासन की संभावना को लेकर चिंता जाहिर की. किसी विधानसभा का चुनाव लोकसभा चुनाव से अलग होने की स्थिति में इसके कानूनी प्रभावों पर भी चर्चा हुई. विशेषज्ञों ने इन सभी मुद्दों पर कानूनी और संवैधानिक दृष्टिकोण से उत्तर दिए.
सूत्रों के अनुसार समिति की अगली बैठक 17 मार्च को होगी. इस बैठक में जाने-माने विधि विशेषज्ञ हरीश साल्वे और भारत के अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमण शामिल होंगे. वे 'एक देश, एक चुनाव' के कानूनी, प्रशासनिक और राजनीतिक पहलुओं पर समिति के समक्ष अपनी राय प्रस्तुत करेंगे. इस बैठक से विधेयक पर और स्पष्टता आने की उम्मीद है.
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