बंगाल में अधिकारियों को बंधक बनाने का मामला, NIA ने 15 लोगों को दबोचा, क्या है पूरा माजरा
पश्चिम बंगाल में SIR अभियान के दौरान सड़क जाम करने और अधिकारियों को घंटों रोके रखने के मामले को लेकर NIA ने बड़ा एक्शन लेते हुए 15 लोगों को गिरफ्तार किया है.

पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में पिछले महीने सड़क जाम और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े न्यायिक अधिकारियों को कथित तौर पर घंटों तक रोकने के मामले में अब एक्शन हुआ है. नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने विशेष अभियान चलाकर 15 लोगों को गिरफ्तार किया है.
जानकारी के मुताबिक ये मामला विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान के दौरान सामने आया था. आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने अलग-अलग जगहों पर सड़क जाम की और ड्यूटी पर तैनात जजों को अवैध रूप से रोककर रखा.
आरोपियों में कौन-कौन शामिल
इस मामले में NIA ने सोमवार (25 मई) को मालदा में व्यापक अभियान चलाया. जांच एजेंसी के मुताबिक दो अलग-अलग मामलों में इन गिरफ्तारियों को अंजाम दिया गया है. पहले मामले में 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें मुख्य आरोपी जोशीम शेख और असमाउल शेख भी शामिल हैं. आरोप है कि इन लोगों ने हैबतटोला और अमलीटोला के बीच सड़क पर एक महिला न्यायिक अधिकारी को करीब 8 घंटे तक रोककर रखा था. महिला अधिकारी उस समय चुनावी ड्यूटी पर थी.
सुप्रीम कोर्ट ने लिया था संज्ञान
दूसरे मामले में मोथाबाड़ी ब्लॉक के बागमारा ब्रिज पर सड़क जाम किए जाने को लेकर तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. उनकी पहचान आलमगीर शेख, नुरुल इस्लाम और हबीबुर रहमान के रूप में हुई है. बता दें कि ये मामला इतना गंभीर था कि चुनाव आयोग के निर्देश पर NIA ने जांच अपने हाथ में ली. वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने भी इस घटना का स्वतः संज्ञान लिया था, जिसके बाद जांच और तेज कर दी गई थी.
मामले की तहकीकात में जुटी NIA
NIA का कहना है कि गिरफ्तार किए गए सभी लोगों से पूछताछ की जा रही है और घटना में शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी है. केंद्रीय एजेंसी अब ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सड़क जाम और न्यायिक अधिकारियों को रोकने की इन घटनाओं के पीछे कोई बड़ी और संगठित साजिश तो नहीं थी.
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