कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को महुआ मोइत्रा का समर्थन, जंतर-मंतर पहुंचकर भरी हुंकार, कहा- 'बच्चों के खून से...'
जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में महुआ मोइत्रा ने हिस्सा लेकर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक का समर्थन किया. उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री पर निशाना साधा.

तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा शुक्रवार को जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में शामिल हुईं. उन्होंने एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के समर्थन में अपनी आवाज उठाई. सोनम वांगचुक शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं और केंद्र सरकार से जवाब मांग रहे हैं. प्रदर्शन के दौरान महुआ मोइत्रा ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि सरकार सत्ता के नशे में है और उसे अपने आसपास हो रही घटनाएं दिखाई नहीं दे रही हैं.
महुआ मोइत्रा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी निशाना साधा. उन्होंने एक्स पर लिखा कि उनके जन्मदिन का केक हमारे बच्चों के खून से नहीं बनाया जा सकता. उन्हें आपको लेबल न करने दें, आपका एकमात्र लेबल हिंदुस्तानी है. हार मत मानो. अपने मकसद के प्रति सच्चे रहो. जय हिंद. छात्रों का आरोप है कि कथित पेपर लीक और परीक्षा से जुड़े विवादों पर सरकार ने सही तरीके से जवाब नहीं दिया. इसी वजह से छात्र लगातार विरोध कर रहे हैं और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं.
His birthday cake can’t be baked with the blood of our children. Don’t let them label you, your only label is “Hindustani”. Don’t give up. Stay true to the cause. Jai Hind. pic.twitter.com/hp4wP6ff0p
— Mahua Moitra (@MahuaMoitra) July 4, 2026
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कॉकरोच पार्टी के फाउंडर दीपके का बयान
प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच पार्टी के फाउंडर दीपके ने भी शिक्षा मंत्री के बयान की आलोचना की. उन्होंने कहा कि छात्रों को आतंकवादी कहना गलत है. उनका कहना था कि छात्र सिर्फ शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं. इस प्रदर्शन को कई राजनीतिक नेताओं और फिल्म जगत के लोगों का भी समर्थन मिल रहा है. इससे पहले 1 जुलाई को सागरिका घोष भी जंतर-मंतर पहुंची थीं और प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया था. उन्होंने केंद्र सरकार पर लोगों की आवाज नहीं सुनने का आरोप लगाया. हालांकि सभी विपक्षी दल इस आंदोलन के साथ नहीं आए हैं, लेकिन अरविंद केजरीवाल और उद्धव ठाकरे ने आंदोलन का समर्थन किया है.
फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने दिया समर्थन
फिल्म इंडस्ट्री से भी कई लोग प्रदर्शनकारियों के साथ खड़े नजर आए. प्रकाश राज और अतुल कुलकर्णी ने भी शिक्षा और एग्जाम सिस्टम में सुधार की मांग का समर्थन किया. अतुल कुलकर्णी ने युवाओं के लिए संदेश देते हुए कहा कि ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ देश को बेहतर बनाया जा सकता है. पिछले दो हफ्तों से यह प्रदर्शन लगातार जारी है. इसमें एक्टिविस्ट, छात्र और कई राजनीतिक नेता शामिल हो रहे हैं. सोनम वांगचुक ने साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनकी भूख हड़ताल जारी रहेगी. अब तक शिक्षा क्षेत्र में जवाबदेही की मांग को लेकर चल रही इस भूख हड़ताल पर केंद्र सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
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