'तिहाड़ का खाना मसालेदार', आतंकियों को ट्रेनिंग देने वाले अमेरिकी कैदी ने कहा- 'मछली, चिकन और ऑलिव आॉयल चाहिए'
Myanmar Terror Training Case: म्यांमार आतंकी प्रशिक्षण मामले में एनआईए द्वारा गिरफ्तार मैथ्यू आरोन वैनडाइक ने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में तिहाड़ जेल में खुद खाना बनाने की अनुमति मांगी है.

Myanmar Terror Training Case: म्यांमार आतंकी प्रशिक्षण मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की गिरफ्त में आए अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक ने तिहाड़ जेल में खुद खाना बनाने की अनुमति देने की मांग को लेकर दिल्ली की अदालत का दरवाजा खटखटाया है.
वैनडाइक का कहना है कि जेल में मिलने वाला भोजन अत्यधिक मसालेदार और तेल वाला है, जिसे वह खाने का आदी नहीं है. इसके कारण उसकी सेहत लगातार बिगड़ रही है और उसका वजन भी काफी कम हो गया है. अदालत ने इस याचिका पर एनआईए और तिहाड़ जेल प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी.
तिहाड़ जेल में खुद खाना बनाने की मांगी अनुमति
मैथ्यू आरोन वैनडाइक ने पटियाला हाउस कोर्ट में आवेदन दायर कर तिहाड़ जेल में अपना भोजन स्वयं तैयार करने की अनुमति मांगी है. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत शर्मा की अदालत में गुरुवार को इस याचिका पर सुनवाई हुई. अदालत ने एनआईए और जेल प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया है. मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई को निर्धारित की गई है.
'जेल का खाना बहुत तेल वाला और मसालेदार है'
वैनडाइक ने अदालत में दिए अपने आवेदन में कहा कि तिहाड़ जेल में मिलने वाला खाना बहुत ज्यादा तेल और मसालों वाला होता है. यह खाना उसकी खान-पान की आदतों से बिल्कुल अलग है, इसलिए वह इसे नहीं खा पा रहा. उसका कहना है कि इसी वजह से उसकी तबीयत लगातार बिगड़ रही है और वह काफी कमजोर हो गया है.
'6 मई से जेल का खाना नहीं खाया'
वैनडाइक की ओर से पेश वकील रोहित डांडरियाल और रोहित गौर ने अदालत को बताया कि उनका मुवक्किल 6 मई से तिहाड़ जेल का खाना नहीं खा रहा है. आवेदन में दावा किया गया है कि इस दौरान उसका करीब 14 किलो वजन कम हो गया है. वैनडाइक का कहना है कि सही खाना नहीं मिलने की वजह से उसे पर्याप्त पोषण नहीं मिल पा रहा और वह लगातार भूख झेल रहा है.
हलफनामे में स्वास्थ्य संबंधी गंभीर दावे
याचिका में कहा गया है कि लंबे समय तक उचित भोजन नहीं मिलने से उसकी शारीरिक स्थिति लगातार बिगड़ रही है. आवेदन के अनुसार, उसे दृष्टि संबंधी समस्याएं होने लगी हैं, शरीर की ताकत और सहनशक्ति में कमी आई है तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर हो गई है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ गया है.
इन खाद्य पदार्थों और सामान की मांगी अनुमति
वैनडाइक ने अदालत से इंडक्शन स्टोव, बर्तन, कटोरे और प्लास्टिक चॉपर रखने की अनुमति मांगी है. इसके अलावा उसने दाल, चिकन, रेड मीट, मछली, बिना पके नूडल्स और पास्ता, चावल, आलू, प्याज, बीन्स, ब्रेड, मक्खन, ऑलिव ऑयल, टोंड दूध, सोया मिल्क, बोतलबंद पानी, सब्जियां और लेमन पेपर सीज़निंग उपलब्ध कराने की भी मांग की है. आवेदन में कहा गया है कि इन सभी खाद्य सामग्री और उपकरणों का खर्च उसका परिवार वहन करेगा.
फिलहाल न्यायिक हिरासत में है अमेरिकी नागरिक
मैथ्यू आरोन वैनडाइक फिलहाल तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में बंद है. अदालत पहले ही उसकी न्यायिक हिरासत 1 अगस्त तक बढ़ा चुकी है.
क्या है म्यांमार आतंकी प्रशिक्षण मामला?
एनआईए ने मार्च महीने में मैथ्यू आरोन वैनडाइक को छह यूक्रेनी नागरिकों के साथ म्यांमार आतंकी प्रशिक्षण मामले में गिरफ्तार किया था. जांच एजेंसी का आरोप है कि सभी आरोपी अवैध रूप से म्यांमार में दाखिल हुए और वहां सशस्त्र समूहों को ड्रोन युद्ध और लड़ाकू प्रशिक्षण उपलब्ध कराया. सभी आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया गया है. फिलहाल मामले की जांच जारी है.
कौन है मैथ्यू आरोन वैनडाइक?
मैथ्यू आरोन वैनडाइक अमेरिकी नागरिक है, जो डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माता, पूर्व पत्रकार और सन्स ऑफ लिबर्टी इंटरनेशनल (SOLI) नामक संगठन का संस्थापक बताया जाता है. यह संगठन विभिन्न संघर्ष क्षेत्रों में सैन्य प्रशिक्षण देने के लिए जाना जाता है. वैनडाइक वर्ष 2011 के लीबिया गृहयुद्ध के दौरान विद्रोहियों के साथ लड़ने के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था. इसके बाद उसका नाम सीरिया और यूक्रेन सहित कई संघर्ष क्षेत्रों से भी जुड़ता रहा.





















