शांति का पैगाम लेकर अटल-मोदी भी गए थे पाकिस्तान, मेरी यात्रा राजनीतिक नहीं- सिद्धू
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने पहुंचे सिद्धू पड़ोसी देश के सेना प्रमुख को गले लगाने के बाद विवादों में घिर गए थे.

चंडीगढ़: पंजाब सरकार के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने अपनी पाकिस्तान यात्रा पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि यह राजनीतिक नहीं एक दोस्त की ओर से महज गर्मजोशी भरा आमंत्रण था. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने पहुंचे सिद्धू पड़ोसी देश के सेना प्रमुख को गले लगाने के बाद विवादों में घिर गए थे.
विपक्ष की तीखी आलोचना और अपने मुख्यमंत्री के निशाने पर आने के बाद सिद्धू ने कहा कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल बाजवा ने मुझे बताया कि वे भारत के डेरा बाबा नानक करतारपुर साहिब के गुरुद्वारे के लिए रास्ता खोलने का प्रयास कर रहे हैं. इसके बाद जो हुआ वह भावुक क्षण था. सिद्धू इमरान के शपथ समारोह में शिरकत करने 18 अगस्त को इस्लामाबाद पहुंचे थे.
सिद्धू ने सफाई देते हुए कहा कि उनकी यात्रा किसी भी तरह से राजनीतिक नहीं थी, इसलिए इस तरह की आलोचना करना गलत है. उन्होंने कहा, पहले भी शांति के प्रयास भी किए गए हैं. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी दोस्ती बस लेकर लाहौर गए थे, उन्होंने मुशर्रफ को भारत बुलाया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नवाज शरीफ को शपथ लेने के लिए आमंत्रित किया था, वो अचानक लाहौर भी चले गए थे.
सिद्धू ने कहा, मेरा पाकिस्तान दौरा चर्चा का मुद्दा बन गया है. इस संबंध में, मैं निश्चित तौर पर कुछ चीजें स्पष्ट करना चाहूंगा. पाकिस्तान का मेरा दौरा राजनीतिक नहीं एक दोस्त की ओर से महज गर्मजोशी भरा आमंत्रण था. उन्होंने कहा, वह दोस्त, जिसने अपने जीवन में कड़ी मेहनत और संघर्ष किया. वह जो आज उस मुकाम पर पहुंच गया है कि वह करोड़ों लोगों की किस्मत बदल सकता है.
जनरल बाजवा के साथ अपनी बैठक पर सिद्धू ने कहा, मैं एक बार फिर यह स्पष्ट करना चाहूंगा कि जनरल बाजवा के साथ मेरी बैठक उनके शपथ समारोह स्थल पर पहुंचने के बाद हुई. सिद्धू ने कहा, ‘‘मुझे पहली पंक्ति में बैठा देख वह गर्मजोशी से मिले और तुरंत ही उन्होंने मुझे बताया कि वे करतारपुर साहिब (जो करीब 3 से 3.5 किलोमीटर पाकिस्तान में है) के लिए रास्ता खोलने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि गुरु नानक देव जी के 550वें ‘प्रकाश दिवस’ पर श्रद्धालु उसके दर्शन कर सकें.’’
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि करोड़ों श्रद्धालु पवित्र करतारपुर साहिब के दर्शन करने का इंतजार कर रहे हैं, जहां गुरु नानक देव जी ने अपने जीवन के करीब 18 वर्ष बिताए थे. उन्होंने कहा, ‘‘जनरल बाजवा के यह कहने के बाद, वह एक भावुक क्षण बन गया, जिसका नतीजा (एक दूसरे को गले लगाना) सभी ने देखा. उस छोटी मुलाकात के बाद, जनरल बाजवा के साथ मेरी कोई मुलाकात नहीं हुई.’’
बहरहाल, सिद्धू ने अचानक हुई बैठक के भावुक क्षण में बदलने की निंदा होने पर दुख भी व्यक्त किया. इस बीच, सिद्धू ने यह भी कहा कि भारत और पाकिस्तान अगर बातचीत के जरिए अपने मतभेद दूर कर लें, अच्छे दोस्त बन जाएं और व्यापार और अन्य क्षेत्रों में आपसी अदान-प्रदान को बढ़ावा दें, तो दक्षिण एशिया के लिए यह एक बड़ी उम्मीद और संदेश होगा.
बीजेपी ने किया पलटवार बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस और सिद्धू पर पलटवार करते हुए कहा कि राहुल के कहने पर सिद्धू ने प्रेस कांफ्रेंस की है. जबकि देश राहुल गांधी से जवाब मांग रहा है. उन्हें इस पूरे मुद्दे पर सफाई देनी चाहिए. उनके राज्य तक के मुख्यमंत्री ने उनके बाजवा से गले मिलने को गलत ठहराया है. उसके बाद भी उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस की है यह आश्चर्यजनक है. पाक आर्मी चीफ बाजवा से गले मिलकर सिद्धू ने ठीक नहीं किया है.
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