एक्सप्लोरर

मुहर्रम का नाम बवालियों ने किया बदनाम, बिहार में चली गोली, यूपी से एमपी तक आयी डरावनी तस्वीरें

Muharram 2026: प्रयागराज, संभल और दिल्ली जैसे संवेदनशील इलाकों में पुलिस ने पहले से फ्लैग मार्च निकालकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की ताकि किसी तरह का तनाव पैदा न हो.

मुहर्रम... यानी गम, सब्र और कुर्बानी की याद का दिन. हर साल इस मौके पर शिया मुसलमान हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मातमी जुलूस निकालते हैं, ताजिये उठाते हैं और अपने तरीके से गम का इजहार करते हैं. लेकिन अफसोस, इस बार भी देश के कई हिस्सों में मातम का यह पर्व हादसों और हिंसा की वजह से असली शोक में बदल गया. कहीं हाईटेंशन लाइन से ताजिया टकराने पर लोगों की जान चली गई, कहीं मामूली विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया और कहीं धार्मिक आयोजन के नाम पर ऐसे दृश्य सामने आए जिन्होंने प्रशासन और समाज दोनों को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया.

पुलिस ने निकाला फ्लैग मार्च

देश के कई शहरों में मुहर्रम के जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से निकले. रांची, मुरादाबाद और मुंबई में हजारों लोगों ने मातमी जुलूस निकालकर हजरत इमाम हुसैन को श्रद्धांजलि दी. वहीं प्रयागराज, संभल और दिल्ली जैसे संवेदनशील इलाकों में पुलिस ने पहले से फ्लैग मार्च निकालकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की ताकि किसी तरह का तनाव पैदा न हो, लेकिन इन तैयारियों के बावजूद कुछ राज्यों से ऐसी खबरें आईं जिन्होंने पूरे देश को झकझोर दिया.

मुहर्रम पर दरभंगा में विवाद

सबसे सनसनीखेज घटना बिहार के दरभंगा में हुई, जहां मुहर्रम के दौरान मामूली विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया. आरोप है कि इमामबाड़े के पास सुनील सहनी नाम के व्यक्ति ने गोली मारकर ट्यूबलाइट बुझा दी. इसका विरोध मोहम्मद मोबिन ने किया, जो बिहार पुलिस में सब-इंस्पेक्टर हैं. दोनों के बीच कहासुनी हुई और फिर आरोपों के मुताबिक सुनील ने मोबिन के पेट में गोली मार दी. इसके बाद हालात बेकाबू हो गए और मोबिन के समर्थकों ने धारदार हथियार से सुनील सहनी की हत्या कर दी. एक धार्मिक आयोजन के दौरान हुई यह हिंसा कई सवाल छोड़ गई कि आखिर इतना बड़ा विवाद कैसे और क्यों हुआ.

एमपी में मुहर्रम का जुलूस हादसे में बदला

उधर मध्य प्रदेश के रतलाम में मुहर्रम का जुलूस एक बड़े हादसे में बदल गया. बैंड-बाजे के साथ निकले ताजिये की ऊंचाई इतनी ज्यादा थी कि वह हाईटेंशन बिजली लाइन से टकरा गया. बिजली का तेज करंट फैलते ही वहां अफरा-तफरी मच गई. दस से ज्यादा लोग झुलस गए और अस्पताल में इलाज के दौरान रशीद, हुसैन और अरबाज की मौत हो गई. चश्मदीद बिजली विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार बता रहे हैं, जबकि पुलिस ताजिये की अधिक ऊंचाई को भी हादसे की बड़ी वजह मान रही है.

यूपी में हाईटेंशन तार से टकराया ताजिया

उत्तर प्रदेश के एटा में भी लगभग ऐसा ही दृश्य सामने आया. यहां भी ऊंचा ताजिया हाईटेंशन लाइन से टकरा गया और कई लोग करंट की चपेट में आ गए. आठ लोग गंभीर रूप से झुलसे, जिनमें सैफ की इलाज के दौरान मौत हो गई. इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया कि आखिर हर साल चेतावनियों के बावजूद बिजली लाइनों और जुलूसों के बीच सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं हो पाता.

ऐसे हादसों से बचने के लिए उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में पुलिस ने इस बार एक अलग अभियान चलाया. एसपी ग्रामीण अनुज चौधरी खुद पुलिसकर्मियों के साथ इंची टेप लेकर ताजियों की ऊंचाई मापने निकले ताकि कोई भी ताजिया बिजली की लाइनों से टकराने लायक ऊंचाई का न हो. हालांकि यह अभियान सुरक्षा के उद्देश्य से शुरू किया गया था, लेकिन सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें वायरल होने के बाद विवाद भी खड़ा हो गया. कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि ताजिये की ऊंचाई मापते समय अधिकारी ने जूते नहीं उतारे, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं.

उज्जैन में कार को उड़ाया

मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के बड़नगर से भी एक हैरान करने वाला वीडियो सामने आया. मुहर्रम के दौरान क्रेन की मदद से एक कार को विस्फोटक लगाकर उड़ाया गया. वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शोएब, जाहिद और तस्लीम नाम के आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनका जुलूस भी निकाला. इस घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं और कुछ नेताओं ने आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाने की मांग की.

इन घटनाओं के बीच एक बड़ा सवाल बार-बार सामने आ रहा है. चाहे कांवड़ यात्रा हो या ताजिये का जुलूस, प्रशासन हर साल ऊंचाई और सुरक्षा के नियम तय करता है. इसके बावजूद कई जगह इन नियमों की अनदेखी क्यों होती है? क्या धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा मानकों का पालन करना भी उतना ही जरूरी नहीं है जितना धार्मिक परंपराओं का सम्मान करना?

सीएम योगी ने दिए सख्त संदेश

इसी संदर्भ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मुहर्रम के दौरान कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त संदेश दिया. उन्होंने साफ कहा कि सभी को अपनी धार्मिक परंपराओं का पालन करने का पूरा अधिकार है, लेकिन किसी भी स्थिति में कानून और सार्वजनिक सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा. प्रशासन की प्राथमिकता यही है कि धार्मिक आयोजन श्रद्धा और शांति के साथ संपन्न हों, न कि हिंसा या हादसों की वजह बनें.

मुहर्रम का संदेश कुर्बानी, इंसाफ और सब्र का है. लेकिन जब धार्मिक आयोजन हिंसा, लापरवाही या कानून की अनदेखी की वजह से हादसों में बदल जाते हैं, तो सबसे बड़ा नुकसान उसी संदेश का होता है, जिसे याद करने के लिए यह पर्व मनाया जाता है. इसलिए जरूरी है कि आस्था के साथ-साथ सुरक्षा और कानून दोनों का भी उतना ही सम्मान किया जाए, ताकि मातम का यह पर्व किसी परिवार के लिए हमेशा का मातम बनकर न रह जाए.

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

मुहर्रम का नाम बवालियों ने किया बदनाम, बिहार में चली गोली, यूपी से एमपी तक आयी डरावनी तस्वीरें
मुहर्रम का नाम बवालियों ने किया बदनाम, बिहार में चली गोली, यूपी से एमपी तक आयी डरावनी तस्वीरें
केतन को 350 फीट गड्ढे में धक्का चेतन दिया या सिया? CCTV और हुड्डी में उलझी मर्डर मिस्ट्री
केतन को 350 फीट गड्ढे में धक्का चेतन दिया या सिया? CCTV और हुड्डी में उलझी मर्डर मिस्ट्री
इंडिगो की फ्लाइट में यात्री बनाए गए बंदी! घंटे भर से ज्यादा बिना AC के विमान में बैठाया, यात्रियों का घुटा दम
फ्लाइट में यात्री बने बंदी! घंटे भर से ज्यादा बिना AC के विमान में बैठाया, यात्रियों का घुटा दम
अयोध्या राम मंदिर दान चोरी पर भड़के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, कहा- ऐसा करने वालों को भगवान...
अयोध्या राम मंदिर दान चोरी पर भड़के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, कहा- ऐसा करने वालों को भगवान...
Advertisement

वीडियोज

Welcome to the Jungle Review: Akshay Kumar की मजेदार कॉमेडी, लॉजिक नहीं सिर्फ एंटरटेनमेंट
Raakh के Villain Akash Makhija ने सुनाई struggle, Death Threatsऔर success की अनसुनी कहानी
Sansani | Ketan Agrawal Murder Case:मर्डर से ठीक एक दिन पहले सिया और चेतन ने रची थी ये साजिश!
Ketan Murder Case: 350 फीट गहरी खाई...'क्राइम कुंडली' सामने आई! | Bharat ki Baat
Ram Mandir Daan Chori | Sanjay Singh | Champat Rai | Sandeep Chaudhary:राम नाम की लूट का पूरा सच!
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
राम मंदिर मामला: कइयों की ड्यूटी के बाद नहीं होती थी तलाशी, सिफारिश पर मिला था नोट गिनने का काम
राम मंदिर मामला: कइयों की ड्यूटी के बाद नहीं होती थी तलाशी, सिफारिश पर मिला था नोट गिनने का काम
IND vs IRE 1st T20I: भारत की हार के 3 बड़े कारण, जानें क्यों और कैसे आयरलैंड के खिलाफ खत्म हुई बादशाहत
भारत की हार के 3 बड़े कारण, जानें क्यों और कैसे आयरलैंड के खिलाफ खत्म हुई बादशाहत
UP Election 2027: यूपी चुनाव में विपक्ष की हवा निकालने के लिए BJP का तैयार प्लान, PDA फॉर्मूले पर टीम के बाद अब हुआ ये ऐलान
यूपी चुनाव में विपक्ष की हवा निकालने के लिए BJP का तैयार प्लान, PDA फॉर्मूले पर टीम के बाद अब हुआ ये ऐलान
Welcome To The Jungle BO Collection: 'वेलकम टू द जंगल' का धमाका, पहले दिन 'राजा शिवाजी'-'पेद्दी' समेत तोड़े 10 फिल्मों के रिकॉर्ड्स
'वेलकम टू द जंगल' का धमाका, पहले दिन 'राजा शिवाजी'-'पेद्दी' समेत तोड़े 10 फिल्मों के रिकॉर्ड्स
PoK विद्रोह: पाकिस्तान की फूड ब्लॉकेड नीति 14वें दिन भी जारी! कहुटा बॉर्डर पर सैकड़ों ट्रक खड़े, आम लोगों से भी जब्त हो रहा राशन
PoK विद्रोह: पाकिस्तान की फूड ब्लॉकेड नीति 14वें दिन भी जारी! कहुटा बॉर्डर पर खड़े सैकड़ों ट्रक
अयोध्या राम मंदिर दान चोरी पर भड़के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, कहा- ऐसा करने वालों को भगवान...
अयोध्या राम मंदिर दान चोरी पर भड़के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, कहा- ऐसा करने वालों को भगवान...
कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने धर्मेंद्र प्रधान को भेजा 'गिफ्ट', बोले - 'हैप्पी बर्थडे, प्लीज...'
CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने धर्मेंद्र प्रधान को भेजा 'गिफ्ट', बोले - 'हैप्पी बर्थडे, प्लीज...'
Explained: दरवाजे पर दस्तक, फॉर्म और मतदान का अधिकार! दिल्ली में SIR के लिए कस लें कमर, क्या, कैसे, कब और क्यों होगा?
दरवाजे पर दस्तक, फॉर्म और मतदान का अधिकार! दिल्ली में क्या, कैसे, कब और क्यों होगा SIR?
Embed widget