पानी पर मध्य प्रदेश की मंत्री का विवादास्पद बयान, कहा- प्रयोगशाला में नहीं बनता पानी

भोपाल : एबीपी न्यूज पर मध्य प्रदेश में पानी के संकट की खबर दिखाए जाने के बाद भी लगता है कि मध्य प्रदेश सरकार को हालात का अंदाजा नहीं है. मध्य प्रदेश की मंत्री कुसुम मेहदेले ने इस मुद्दे पर विवादास्पद बयान दिया है. मेहदेले ने कहा है कि पानी प्रयोगशाला में नहीं बनता. लेकिन, सरकार पानी के संकट से निपटने के लिए पूरा काम कर रही है. अभी हालात उतने खराब नहीं हुए हैं.
कलेक्टरों को विशेष निर्देश और बजट भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं
मप्र की मंत्री कुसुम मेहदेले ने कहा जल संकट से निपटने सरकार तैयार है. कलेक्टरों को विशेष निर्देश और बजट भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं. गौरतलब है कि पूरे मध्यप्रदेश से भीषण जल संकट की खबरें आ रही हैं. ग्रामीण दूरस्थ अंचलों में तो हालात बहुत बद्तर हो गए हैं. लोग दूषित गंदा पानी पीने को मजबूर हैं.
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उन्होंने कहा की प्राकृतिक आपदा की स्थिति निर्मित है
इस भीषण जल संकट से मध्य प्रदेश की मंत्री कुसुम मेहदेले भी सहमत हैं. उन्होंने कहा की प्राकृतिक आपदा की स्थिति निर्मित है. हालांकि, इस दौरान उन्होंने यह भी कह दिया कि 'पानी किसी लैब में नहीं बनाया जा सकता है. लिहाजा हमने पानी की विकराल होती समस्या के लिए पुख्ता बंदोबस्त किए हैं.' उन्होंने बताया कि जल संकट से निपटने के लिए 9 सौ करोड़ का बजट आवंटित हुआ है.
सभी जिलों के कलेक्टरों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है
केंद्र सरकार से भी बजट प्राप्त हुआ है और सभी जिलों के कलेक्टरों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है. सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जहां भी हैंडपंप खराब है, जल योजनाएं बंद हैं, उन्हें तत्काल चालू किया जाए. किसी को भी किसी स्थिति में पेयजल की परेशानी नहीं होनी चाहिए.
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हर गुजरते दिन के साथ पानी का संकट बढ़ रहा है
गौरतलब है कि गर्मी ने दस्तक दे दी है, हर गुजरते दिन के साथ पानी का संकट बढ़ रहा है. मध्य प्रदेश के जिलों से ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं जिन्हें देखकर शक होगा कि यह हिन्दुस्तान है या सहारा रेगिस्तान. मध्यप्रदेश में इन दिनों नर्मदा नदी का महोत्सव चल रहा है. करोड़ों रुपए पानी की तरह बहाए जा रहे हैं. पर उसी मध्यप्रदेश में नर्मदा नदी से 20 से 300 किलोमीटर की दूरी में लोग पानी के लिए तरस रहे हैं. जबकि गुजरात, नर्मदा के पानी से हरा भरा हो रहा है.
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