केंद्रीय कर्मचारियों को मोदी कैबिनेट का तोहफा, महंगाई भत्ता 9 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज हुई कैबिनेट की बैठक में केंद्रीय कर्मचारियों के लिए तीन फिसदी महंगाई भत्ता बढ़ाने का निर्णय लिया गया.

नई दिल्ली: मोदी सरकार ने चुनावी मौसम में केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ा तोहफा देते हुए महंगाई भत्ता बढ़ा दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज हुई कैबिनेट की बैठक में तीन फीसदी महंगाई भत्ता बढ़ाने का निर्णय लिया गया. महंगाई भत्ता 9 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी किया गया है. यह एक जनवरी 2019 से लागू होगा. इससे केन्द्र सरकार के 1.1 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को फायदा होगा.
कैबिनेट की बैठक के बाद फैसले की जानकारी देते हुये वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि मंत्रिमंडल ने सरकारी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता तीन प्रतिशत बढ़ाने का फैसला किया है. महंगाई भत्ता बढ़ने से केन्द्र सरकार के 48.41 लाख कर्मचारियों और 62.03 लाख पेंशनभोगियों को फायदा होगा. महंगाई भत्ते की यह वृद्धि 7वें केन्द्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप है. भत्ते में स्वीकार्य फार्मूले के अनुरूप वृद्धि हुई है.
अरुण जेटली ने कहा कि मंत्रिमंडल ने दिल्ली- गाजियाबाद- मेरठ क्षेत्रीय द्रुत परिवहन प्रणाली (Regional Rapid Transit System (RRTS)) के निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी दी. इस पर 30,274 करोड़ रुपये की लागत आयेगी. कैबिनेट की बैठक में अहमदाबाद मेट्रो रेल प्रोजेक्ट फेज-2 को भी मंजूरी मिली. अरुण जेटली ने बताया कि कैबिनेट ने किसान ऊर्जा सुरक्षा और उत्थान महाअभियान (कुसुम) को भी मंजूरी दी है.
#Cabinet approves construction of Regional Rapid Transit System (RRTS) covering a distance of 82.15 kms. (68.03 kms. elevated and 14.12 km. underground) at a total completion cost of Rs. 30,274 crores. pic.twitter.com/H75VKBf4sX
— Sitanshu Kar (@DG_PIB) February 19, 2019
Cabinet approves #TripleTalaq ordinance.@PMOIndia @rsprasad pic.twitter.com/REWnd3slAQ
— Sitanshu Kar (@DG_PIB) February 19, 2019
कैबिनेट की बैठक में तीन तलाक अध्यादेश को भी मंजूरी दी गई. तीन तलाक बिल को पिछले साल 27 दिसंबर को लोकसभा से मंजूरी मिली थी. लेकिन इसे राज्यसभा से मंजूरी नहीं मिल पाई है. तीन तलाक को अवैध घोषित कर इसे प्रतिबंधित करने वाले प्रावधानों को सरकार अध्यादेश के जरिये दो बार लागू कर चुकी है.
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