Manipur Violence: मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह का दावा, 'राज्य में जल्द लौटेगी शांति'
Manipur Violence: मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा है कि मणिपुर में शांति बहाल होगी. मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने को लेकर राज्य में इस साल मई में हिंसा भड़क उठी थी.

CM N Biren Singh: पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर इस साल मई से जातीय हिंसा की आग में सुलग रहा है. इस बीच मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने इंफाल में कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी. इस मौके पर उन्होंने कहा कि मणिपुर में जल्द ही शांति बहाल की जाएगी.
मणिपुर के इंफाल में पत्रकारों से बात करते हुए सीएम बीरेन सिंह ने कहा कि जैसे ही मणिपुर में सामान्य स्थिति लौटेगी, राज्य में शांति बहाल की जाएगी और लोग खुश होंगे.
CKLA समूह के दो उग्रवादी गिरफ्तार
हाल ही में पुलिस ने प्रतिबंधित उग्रवादी समूह CKLA से हथियार और गोला-बारूद जब्त किया था. साथ ही पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार भी किया था. इसके लेकर मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मणिपुर पुलिस की सराहना की थी.
उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा था कि मणिपुर पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र बलों ने म्यांमार स्थित आतंकवादी समूह सीकेएलए से कई हथियार, गोला-बारूद, ड्रग्स और नकदी पकड़ी है. जब्त किए गए हथियारों में भारी मात्रा में गोला-बारूद के साथ एके 47, इंसास, स्नाइपर और एम 16 राइफलें शामिल हैं. इसके अलावा, लगभग 2.5 किलोग्राम वजनी अफीम, 4,86,500 रुपये कैश और कई अन्य सामान भी बरामद किया गया है.
In a major breakthrough by Manipur Police and Central armed forces, multiple weapons, ammunition, drugs and cash have been apprehended from Myanmar based militant group CKLA.
— N.Biren Singh (@NBirenSingh) October 23, 2023
The seized weapons include AK47, Insas, Sniper and M16 rifles along with huge cache of ammunition.… pic.twitter.com/3k40kwfSnj
NIA ने अंतरराष्ट्रीय साजिश का मामला उठाया
सीएम सिंह ने आगे बताया कि इससे पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने म्यांमार और बांग्लादेश में आतंकवादी संगठनों के मणिपुर हिंसा की आड़ में भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की अंतरराष्ट्रीय साजिश का मामला उठाया था.
बीरेन सिंह ने कहा, "सीकेएलए कैडरों की गिरफ्तारी और हथियारों की बरामदगी ने एक बार फिर मणिपुर और हमारे देश दोनों को अस्थिर करने की अंतरराष्ट्रीय साजिश को उजागर किया.
आदिवासी एकता मार्च
इस साल हाई कोर्ट की ओर से राज्य में मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने पर विचार करने का निर्देश दिया था. इसके बाद 3 मई को ऑल ट्राइबल स्टूडेंट्स यूनियन मणिपुर (ATSUM) ने 'आदिवासी एकता मार्च' निकाला था. इस दौरान दोनों समुदाय आमने-सामने आ गए थे. इसके बाद राज्य में हिंसा भड़क उठी थी.
यह भी पढ़ें- 'सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के अलावा कोई विकल्प नहीं', चीन सीमा के नजदीक तवांग में बोले राजनाथ सिंह
























