CJI सूर्यकांत के कार्यक्रम में शामिल होने का विरोध, BCI पर भड़के NLSIU छात्र
BCI Controversy: NLSIU के छात्रों ने CJI सूर्यकांत और BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के दीक्षांत समारोह में आने पर आपत्ति जताई है.

बेंगलुरु की नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) में दीक्षांत समारोह को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. यूनिवर्सिटी के छात्रों और पूर्व छात्रों के एक समूह ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के आगामी दीक्षांत समारोह में शामिल होने पर आपत्ति जताई है. छात्रों ने यह विरोध हैदराबाद की NALSAR यूनिवर्सिटी के छात्रों के खिलाफ BCI की अब वापस ली जा चुकी कार्रवाई को लेकर किया है.
NLSIU के 2026 बैच के छात्रों ने NALSAR के छात्रों और शिक्षकों के समर्थन में बयान जारी किया है. छात्रों ने 13 अगस्त को BCI की ओर से जारी किए गए दो पत्रों को लेकर सवाल उठाए. उनका कहना है कि BCI की कार्रवाई Advocates Act, 1961 के तहत उसकी तय शक्तियों के दायरे से बाहर थी. छात्रों का आरोप है कि BCI को कानून की पढ़ाई पूरी कर चुके योग्य छात्रों के वकील के रूप में नामांकन को मनमाने तरीके से रोकने या निलंबित करने का अधिकार नहीं है.
अभिव्यक्ति की आजादी का मुद्दा उठाया
NLSIU के छात्रों ने BCI की कार्रवाई को संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) में दी गई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़ा है. छात्रों का कहना है कि NALSAR के छात्रों और शिक्षकों की पहचान करने के निर्देश से कैंपस में अपनी बात रखने और असहमति जताने वाले छात्रों के बीच डर का माहौल बन सकता है. छात्रों ने BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के उस कथित बयान पर भी आपत्ति जताई, जिसमें प्रदर्शन कर रहे छात्रों को एंटी सोशल एंड एंटी-नेशनल फोर्स बताया गया था.
165 छात्रों और सैकड़ों मौजूदा छात्रों का समर्थन
NLSIU की ओर से जारी बयान में 2026 बैच के 165 छात्रों, 409 मौजूदा छात्रों और 128 पूर्व छात्रों के समर्थन का उल्लेख किया गया है. छात्रों ने BCI से NALSAR के छात्रों और फैकल्टी से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है. इसके साथ ही छात्रों ने BCI से अपने लेटरहेड के इस्तेमाल से जुड़े नियम और प्रक्रिया को स्पष्ट करने की मांग भी की है.
क्या है NALSAR और BCI का पूरा विवाद?
विवाद की शुरुआत NALSAR के कुछ छात्रों की उस आपत्ति से हुई, जिसमें उन्होंने अपने दीक्षांत समारोह में CJI सूर्यकांत को मुख्य अतिथि बनाए जाने पर सवाल उठाया था. इसके बाद 13 अगस्त को BCI ने NALSAR के 2026 बैच के छात्रों के वकील के रूप में नामांकन पर रोक लगाने का आदेश जारी किया था. हालांकि, BCI ने बाद में इस कार्रवाई को वापस ले लिया. BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने भी छात्रों की भावनाएं आहत होने पर खेद जताते हुए माफी मांगी थी.
NLSIU दीक्षांत में BCI चेयरमैन के आने पर भी आपत्ति
NLSIU के छात्रों ने मनन कुमार मिश्रा के यूनिवर्सिटी के आगामी दीक्षांत समारोह में शामिल होने पर भी असहमति जताई है. छात्रों का कहना है कि NALSAR विवाद में BCI की कार्रवाई और उसके बाद हुई घटनाओं को देखते हुए उनके समारोह में शामिल होने के फैसले पर दोबारा विचार किया जाना चाहिए. छात्रों ने NALSAR के दीक्षांत समारोह में CJI सूर्यकांत को मुख्य अतिथि बनाए जाने के फैसले पर पुनर्विचार की मांग का भी समर्थन किया है.






















