Mahua Maji Accident: 'हाथ टूटा और पसलियां भी डैमेज, सर्जरी होगी', महुआ माजी के बेटे ने बताई रोड एक्सीडेंट की पूरी कहानी
Mahua Maji Accident: झारखंड मुक्ति मोर्चा की राज्यसभा सांसद महुआ माजी बुधवार (26 फरवरी) सुबह रोड एक्सीडेंट में बुरी तरह घायल हो गईं. RIMS में उनका इलाज चल रहा है.

Mahua Maji Accident: झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की सांसद महुआ माजी का बुधवार (26 फरवरी) को एक्सीडेंट हो गया. महाकुंभ से रांची लौटते वक्त उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई. इस दौरान उनके बेटे सोमवित माजी ही गाड़ी चला रहे थे. नींद की झपकी के कारण यह हादसा हुआ. इस दुर्घटना में महुआ माजी का हाथ टूट गया, उनकी पसलियों में भी डैमेज है. फिलहाल RIMS में उनका इलाज चल रहा है.
बेटे सोमवित माजी ने इस हादसे की पूरी कहानी बताई है. उन्होंने सिलसिलेवार तरीके से बताया कि कैसे लगातार गाड़ी चलाने की वजह से उन्हें नींद की झपकी लग गई और यह हादसा हुआ. उन्होंने यह भी बताया कि मां महुआ माजी के हाथ का ऑपरेशन किया जाएगा.
कैसे हुआ हादसा?
सोमवित माजी ने बताया, 'हम लोग परसों कुंभ स्नान के लिए गए थे. गाड़ी से 12 घंटे लगे. कल अच्छे से सुबह हमने संगम घाट पर स्नान किया. इसके बात हमने फैसला लिया कि हम आज ही वापस निकल चलते हैं. तो शाम 6.30 बजे हम वहां से रांची के लिए निकले. लगातार 9 घंटे से हम ड्राइव कर रहे थे. बीच में बस डिनर के लिए रूके थे. हम गाड़ी चला रहे थे. ड्राइवर बगल में बैठा हुआ था. बारी-बारी कर के गाड़ी चला रहे थे. करीब 3.40 पर मुझे लगा कि चेहरा धो लेना चाहिए लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया और बस उसके बाद झपकी लग गई.'
#WATCH | Jharkhand: JMM Rajya Sabha MP Mahua Maji's son Somvit Maji says "We were returning from Maha Kumbh, Prayagraj when this accident took place...My mother (Mahua Maji) and wife were in the back seat. I was driving the car, and around 3:45 AM, I fell asleep, and the car hit… https://t.co/Rz1MXP3tAZ pic.twitter.com/6yswYEnkuH
— ANI (@ANI) February 26, 2025
महुआ माजी को ज्यादा चोटें क्यों?
सोमवित बताते हैं, 'मां मेरे पीछे बैठे हुई थी. उनके बगल में मेरी पत्नी भी बैठे हुए थी. हम लोगों ने तो सीट बेल्ट लगा रखा था लेकिन पीछे गद्दे के कारण मां सीट बेल्ट नहीं लगा पाई थी. जैसे ही हमें झपकी लगी तो अचानक मेरी वाइफ के जोर से चिल्लाने की आवाज आई. देखा तो गाड़ी का एक्सीडेंट हो चुका था और धुआं ही धुआं हो रहा था. लोगों ने शीशा तोड़कर निकालने की कोशिश की लेकिन हम दरवाजा खोलकर आसानी से निकल आए. मुझे और ड्राइवर को तो ज्यादा चोट नहीं आई, मेरी पत्नी को पीठ में चोट लगी और मां को ज्यादा चोटें आईं.'
'हाथ टूटा, पसलियां भी डैमेज'
सोमवित ने बताया, 'मां को जब हमने निकाला और जमीन पर लेटाया तो दिखा कि उनका हाथ टूट गया है. नाक से भी खून बह रहा था. उन्हें चेस्ट पर भी बहुत दर्द हो रहा था. इसके बाद हमने एंबुलेंस को कॉल किया और उन्हें लातेहार हॉस्पिटल ले आए. करीब 40 मिनट तक वहां पर रहे. इसके बाद हम वहां से एंबुलेंस करके उन्हें RIMS ले आए. अब डॉक्टर का कहना है कि बाया हाथ टूट गया है और पसलियां भी टूटी हैं. वह बोले हैं कि हाथ की तो सर्जरी करनी ही होगी. बाकी मां बातचीत कर रही हैं और वे खुद चलकर ही एंबुलेंस में बैठीं थीं.'
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