देश का मूडः पूर्वी भारत में पीएम मोदी का जादू बरकरार, कुल 142 में से 86-94 सीटें
पूर्वी भारत के राज्यों की बात करें तो इसमें पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा, झारखंड और असम आते हैं.

नई दिल्लीः लोकसभा चुनावों के लिए बिगुल बज चुका है और एक साल बाद देश की केंद्र सरकार को तय करने के लिए आम चुनाव या लोकसभा चुनाव होंगे. देश की अगली सरकार की तस्वीर कैसी हो सकती है इसको लेकर एबीपी न्यूज-सीएसडीएस लोकनीति ने एक सर्वे कराया है. इस सर्वे में देश के पूर्वी पश्चिमी उत्तर, दक्षिण और मध्य भारत में किस पार्टी को कितनी सीटें मिल सकती हैं इसको जानने की कोशिश की गई है. इनमें से पूर्वी भारत की सीटों का क्या हाल हो सकता है वो जानिए...
पूर्वी भारत की क्या हो सकती है तस्वीर पूर्वी भारत के राज्यों की बात करें तो इसमें पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा, झारखंड और असम आते हैं. पूर्वी भारत की 142 सीटों में एनडीए के हिस्से में 86 से 94 सीटें, यूपीए के खाते में 22 से 26 और अन्य के खाते में 26 से 30 सीटें जाती नजर आ रहीं हैं. 2014 की बात करें एनडीए को 58, यूपीए को 21 और अन्य के खाते में 63 सीटें गई थीं. अन्य में ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी भी शामिल है. 2014 के मुकाबले एनडीए को 32 सीटों का फायदा होता नजर आ रहा है. इन नतीजों के मायने समझें तो नीतीश के साथ आने से बीजेपी को फायदा और लालू यादव के जेल जाने से आरजेडी को नुकसान होता नजर आ रहा है.
इस तरह देखें तो पीएम मोदी और बीजेपी के लिए ये अच्छी खबर है क्योंकि पूर्वी भारत में जिन राज्यों में अच्छी सीटें आने की उम्मीद हैं वहां बिहार, पश्चिम बंगाल जैसे अहम राज्य आते हैं वहीं ओडिशा, झारखंड और असम जैसे राज्य जहां बीजेपी का वर्चस्व नहीं है पर वहां बीजेपी की सीटें बढ़ती हुई दिख रही हैं.
साल 2014 की 58 सीटों के मुकाबले इस बार 86-94 सीटें मिलना बीजेपी के लिए राहत की खबर होगी. अगर ऐसा होता है तो बीजेपी को नए राज्यों में अपनी ताकत बढ़ाने का मौका भी मिलेगा.
कैसे हुआ सर्वे?- मोदी सरकार के चार साल पूरे होने पर एबीपी न्यूज़ ने CSDS-लोकनीति के साथ देश का मूड जानने की कोशिश की. ये सर्वे 28 अप्रैल 2018 से 17 मई 2018 के बीच किया गया है, 19 राज्यों में 700 जगहों की 175 लोकसभा सीटों पर जाकर 15859 लोगों की राय ली गई.






















