जानिए अटल बिहारी वाजपेयी के परिवार और उनकी बेटी नमिता भट्टाचार्य के बारे में
देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी पंचतत्व में विलीन हो गए. उनके अंतिम संस्कार में भारी भीड़ उमड़ी और अपने प्रिय नेता को श्रद्धासुमन अर्पित किए. उनकी चिता को उनकी बेटी नमिता भट्टाचार्य ने मुखाग्नि दी. इस मौके पर उनकी नातिन निहारिका और दामाद रंजन भट्टाचार्य भी मौजूद थे.

नई दिल्ली: देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी पंचतत्व में विलीन हो गए. उनके अंतिम संस्कार में भारी भीड़ उमड़ी और अपने प्रिय नेता को श्रद्धासुमन अर्पित किए. उनकी चिता को उनकी बेटी नमिता भट्टाचार्य ने मुखाग्नि दी. इस मौके पर उनकी नातिन निहारिका और दामाद रंजन भट्टाचार्य भी मौजूद थे.
अटल का जन्म 25 दिसंबर 1924 को आगरा के बटेश्वर में हुआ था. उनके पिता का नाम कृष्ण बिहारी वाजपेयी और मां का नाम कृष्णा वाजपेयी था. उनके तीन बड़े भाई और तीन बहनें थीं. एमपी के ग्वालियर में उनके भतीजा-भतीजी और भांजा-भांजी रहते हैं.
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उनके भतीजे का नाम दीपक वाजपेयी और भांजे के नाम अनूप मिश्रा है. अनूप अब मध्य प्रदेश के मुरैना से सांसद हैं.
अटल बिहारी आजीवन अविवाहित रहे, नमिता उनकी दत्तक पुत्री हैं. नमिता की माता राजकुमारी कौल, वाजपेयी की मित्र थीं. वह कॉलेज में उनके साथ पढ़ती थीं. वक्त बीता तो अटल बिहारी राजनीति में व्यस्त हो गए और राजकुमारी कौल की शादी उनके पिता ने ब्रिज नारायण कौल से कर दी.

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ब्रिज नारायण प्रोफेसर थे, वे शादी के बाद परिवार के साथ दिल्ली स्थित रामजस कॉलेज के परिसर में रहने लगे. पीएम बनने के बाद जब अटल 7 रेसकोर्स रोड पर रहने लगे तो कौल परिवार भी उनके साथ वहीं आ गया था. राजकुमारी कौल की बेटी नमिता को अटल बिहारी वाजपेयी ने अपनी दत्तक संतान मान लिया था. 2014 में राजकुमारी कौल की भी मृत्यु हो गई थी.
कॉलेज में एक ही क्लास में एक साथ पढ़ते थे अटल बिहारी वाजपेयी और उनके पिता
नमिता के पति रंजन भट्टाचार्य अटल बिहारी वाजपेयी के ओएसडी भी रहे थे. 2005 में अटल बिहारी ने राजनीति से सन्यास लेने की घोषणा कर दी थी. 2009 में सांसद के रूप में अटल ने अपना कार्यकाल पूरा किया. इसी साल उन्हें एक स्ट्रोक पड़ा था और उन्होंने लोगों को पहचानना बंद कर दिया था.
साल 2015 में उनकी तस्वीर देखी गई थी जब तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया था. वे अपने अंतिम समय में कृष्णा मेनन मार्ग स्थित आवास पर रहते थे. जब अटल बीमार रहने लगे थे और सार्वजनिक जीवन से दूर थे तो सालों तक कौल परिवार ने उनकी सेवा की. अंतिम वक्त में भी नमिता और निहारिका उनके साथ रहे.
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