जम्मू कश्मीर के कठुआ में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़, जंगली इलाके में भयंकर फायरिंग
Encounter in Jammu-Kashmir: भारतीय सुरक्षा बलों को कठुआ में कुछ आतंकवादियों के छिपे होने की सूचना मिली थी. इसके बाद भारतीय सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन चलाया. इस दौरान आतंकियों ने फायरिंग कर दी.

जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के बिलावर में बुधवार (7 जनवरी, 2026) को भारतीय सुरक्षा बलों और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई है. सूत्रों के मुताबिक, बिलावर में धनु परोल के जंगलों में भयंकर फायरिंग हो रही है. दरअसल, सुरक्षा बलों को इलाके में कुछ आतंकवादियों के छिपे होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद भारतीय सुरक्षा बलों की ओर से सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था. इसी सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकियों और सुरक्षा बलों का आमना-सामना हो गया और आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी.
आतंकवादियों पर भारतीय सुरक्षा बलों की यह कार्रवाई 2026 का पहला बड़ा एनकाउंटर माना जा रहा है. इन आतंकवादियों ने पिछले साल 26 मार्च, 2025 को कठुआ पुलिस के चार जवानों को शहीद किया था और पिछले 9 महीनों से फरार चल रहे थे. ऐसे में जब सुरक्षा बलों को आतंकियों के बारे में जानकारी मिली, तो सेना ने पूरे इलाके की घेराबंदी करते हुए सर्च ऑपरेशन चलाया था.
पिछले साल जम्मू-कश्मीर पुलिस के चार जवान हुए थे शहीद
दरअसल, पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने 26 मार्च, 2025 को घात लगाकर हमला किया था. इस आतंकवादी हमले में जम्मू कश्मीर पुलिस के चार जवान शहीद हो गए थे. इसके बाद से जम्मू कश्मीर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इन पाकिस्तानी आतंकवादियों की तलाश में जुटी थी.
लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे आतंकी
सुरक्षा बलों की नजर से बचने के लिए जैश के आतंकवादी लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे. इसके बाद वे कठुआ के बिलावर और आसपास के घने जंगलों में अपना ठिकाना बना लिया था. आज 9 महीनों के लंबे इंतजार के बाद आतंकियों का सुरक्षा बलों से आमना-सामना हो गया.
उल्लेखनीय है कि जम्मू कश्मीर के कठुआ का बिलावर इलाका अपनी घनी वनस्पति और मुश्किल रास्तों के लिए जाना जाता है. जैश के आतंकियों ने इसी का फायदा उठाकर जंगलों में अपना ठिकाना बना लिया था. हालांकि, इन आतंकियों को कई बार कठुआ के रिहायशी इलाकों के करीब भी देखा गया, लेकिन पुलिस की कार्रवाई से पहले ही वह अक्सर घने जंगलों में गायब हो जाते थे.
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Source: IOCL






















