मदरसे में पढ़ाया, IRGC से करीबी संबंध, चुनाव में दखल के आरोप... कौन हैं ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा हुसैनी?
Mojtaba Khamenei: आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद उनके छोटे बेटे मोजतबा हुसैनी खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता चुना गया है. लेकिन मोजतबा हैं कौन और अब तक राजनीति से दूर क्यों थे?

ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई के बेटे मोजतबा हुसैनी खामेनेई इन दिनों चर्चा में हैं क्योंकि उन्हें पिता की जगह नया सर्वोच्च नेता चुना गया है. कई जानकारों का कहना है कि वह इस दौड़ में सबसे आगे दिख रहे हैं. मोजतबा पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे हैं. अली खामेनेई की इजरायल-अमेरिका के संयुक्त हमले में मौत हो गई थी.
1969 में मशहद में जन्में थे मोजतब
56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई, अली खामेनेई के दूसरे बेटे हैं. उनका जन्म 1969 में मशहद में हुआ था. यह वह समय था जब 1979 की इस्लामी क्रांति से लगभग दस साल पहले ईरान में शाह का शासन था.
रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से करीबी संबंध
मोजतबा खामेनेई को इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प (IRGC) से करीबी संबंधों के लिए जाना जाता है. हाई स्कूल पूरा करने के बाद उन्होंने 1987 में इस्लामी सैन्य कोर में प्रवेश किया. उन्होंने 1980 से 1988 तक चले ईरान-इराक युद्ध के अंतिम दौर में सेवा दी. अगले ही साल 1989 में, उनके पिता अली खामेनेई को रुहोल्लाह खुमैनी के निधन के बाद ईरान का सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया.
धार्मिक शिक्षा और अध्यापन
इसके बाद मोजतबा खामेनेई ने कोम में देश के बड़े धर्मगुरुओं के साथ पढ़ाई की. उन्होंने एक धार्मिक मदरसे में पढ़ाया भी. इस दौरान उन्होंने धार्मिक नेताओं से अपने संबंध मजबूत किए. पिता के पद की वजह से भी उन्हें खास पहचान मिली. मोजतबा कभी बहुत ज्यादा सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए. वह अधिकतर परदे के पीछे रहकर काम करते रहे. कहा जाता है कि उन्होंने सुप्रीम लीडर के कार्यालय का संचालन भी पर्दे के पीछे से संभाला.
2005 के चुनाव में लगे आरोप
2005 में जब रूढ़िवादी नेता महमूद अहमदीनेजाद राष्ट्रपति चुने गए, तो सुधारवादियों ने मोज़्तबा पर आरोप लगाया कि उन्होंने धार्मिक नेताओं और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के साथ मिलकर अहमदीनेजाद की जीत में भूमिका निभाई.
सुधारवादी नेता मेहदी कर्रूबी ने 'एक उस्ताद के बेटे' पर चुनाव में दखल देने का आरोप लगाया था. उस समय अली खामेनेई ने अपने बेटे का बचाव करते हुए कहा था कि वह 'खुद उस्ताद है, किसी उस्ताद का बेटा मात्र नहीं.'
2024 में उत्तराधिकार पर चर्चा
2024 में Assembly of Experts ने सुप्रीम लीडर के उत्तराधिकार की योजना पर बैठक की. उस समय अली खामेनेई ने कहा था कि उनके बेटे को इस विचार से बाहर रखा जाए.
परिवारवाद सत्ता को लेकर चिंता
अगर मोजतबा को सुप्रीम लीडर बनाया जाता है, तो इससे देश में असंतोष बढ़ सकता है. 1979 की इस्लामी क्रांति में मोहम्मद रजा पहलवी को सत्ता से हटाया गया था और परिवारवाद शासन की परंपरा खत्म की गई थी. ऐसे में पिता के बाद बेटे को पद मिलना कई लोगों को पसंद नहीं आएगा. खासकर उन लोगों को, जिन्होंने इस साल की शुरुआत में आर्थिक मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किए थे, जो बाद में सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन में बदल गए.
कट्टरपंथियों की पकड़ का संकेत?
कुछ विश्लेषकों का मानना है कि अगर मोजतबा का चयन होता है, तो यह संकेत होगा कि रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से जुड़े कट्टरपंथी अब भी सत्ता में मजबूत हैं और आने वाले समय में बड़े बदलाव की संभावना कम है. ईरानी सरकार के अनुसार हालिया हमलों में मोजतबा खामेनेई की पत्नी जहरा आदेल, उनकी मां मंसूरह खोझस्तेह बाघेरजादेह और उनका एक बेटा भी अली खामेनेई के साथ मारे गए.
























