नेतन्याहू ने अचानक PM मोदी को क्यों किया फोन? विदेश मंत्रालय ने बताया
इजरायल के PM बेंजामिन नेतन्याहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन किया. दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया के हालात और भारत-इजरायल रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने पर चर्चा की.

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार (6 अगस्त 2026) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की. विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि यह फोन कॉल इजरायल की ओर से किया गया था और प्रधानमंत्री मोदी ने इसे स्वीकार किया. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि भारत और इजरायल के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी है. बातचीत के दौरान दोनों देशों के बीच इस साझेदारी और दोस्ती को अलग-अलग क्षेत्रों में और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा हुई.
रणधीर जायसवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी और नेतन्याहू ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और वहां हो रहे ताजा घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया.दोनों नेताओं ने क्षेत्र में चल रही स्थिति को लेकर अपने विचार साझा किए. साथ ही आगे भी एक-दूसरे के संपर्क में बने रहने पर सहमति जताई. विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों प्रधानमंत्रियों ने भारत और इजरायल के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी में हो रही प्रगति की भी समीक्षा की. दोनों नेताओं ने यह भी कहा कि दोनों देशों के आपसी हितों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत किया जाएगा.
ये भी पढ़ें: 'तार और खंभों से रहें दूर', हरियाणा में बारिश के बीच बिजली विभाग का अलर्ट
तीन दशकों में मजबूत हुए भारत-इजरायल संबंध
पिछले तीन दशकों में भारत और इजरायल के बीच संबंध काफी मजबूत हुए हैं. दोनों देशों के रिश्ते मुख्य रूप से रणनीतिक भरोसे पर आधारित रहे हैं. रक्षा सहयोग, आतंकवाद से निपटने में सहयोग, खुफिया जानकारी साझा करना और कृषि क्षेत्र में नई तकनीक जैसे क्षेत्र भारत-इजरायल संबंधों के अहम हिस्से बन चुके हैं. हालांकि, राजनीति और सुरक्षा के क्षेत्र में दोनों देशों के रिश्ते काफी आगे बढ़े हैं, लेकिन आर्थिक संबंध अभी अपनी पूरी क्षमता तक नहीं पहुंच पाए हैं.
FTA से आर्थिक रिश्तों को मिल सकता है बढ़ावा
भारत और इजरायल के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी FTA को लेकर बातचीत चल रही है. इस समझौते को दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के एक मौके के तौर पर देखा जा रहा है. ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी और नेतन्याहू के बीच हुई बातचीत को भारत-इजरायल के रणनीतिक और आर्थिक रिश्तों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
ये भी पढ़ें: ऐसी मिसाइल बना रहा ईरान! जद में होगा पूरा अमेरिका, धरा रह जाएगा US का प्लान


















