आतंकवाद के खिलाफ सेना की बड़ी तैयारी! ड्रोन के साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस को दी स्पेशल ट्रेनिंग
Indian Army: प्रशिक्षण का मुख्य फोकस जूनियर नेतृत्व क्षमताओं को मजबूत करने पर था, जो आतंकवाद-रोधी परिदृश्यों में छोटी टीम के अभियानों के प्रभावी निष्पादन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं.

- टाइगर डिवीजन ने पुलिस कर्मियों हेतु संयुक्त आतंकवाद-रोधी कोर्स संपन्न किया।
- 108 पुलिस कर्मियों ने जूनियर नेतृत्व क्षमता पर गहन प्रशिक्षण प्राप्त किया।
- इसमें आतंकवाद-रोधी अभियानों, आधुनिक उपकरणों, ड्रोन-रोधी उपायों का प्रशिक्षण दिया गया।
- संयुक्त प्रशिक्षण सुरक्षा चुनौतियों के लिए समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करेगा।
भारतीय सेना के टाइगर डिवीजन की तरफ से जम्मू कश्मीर के पुलिस कर्मियों के लिए आयोजित किया गया एक संयुक्त उग्रवाद-रोधी और आतंकवाद-रोधी रिफ्रेशर कोर्स शनिवार (18 अप्रैल, 2026) को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया. इस कोर्स की शुरुआत पिछले हफ्ते मंगलवार (7 अप्रैल, 2026) को हुई है, जिसका समापन शनिवार को किया गया. इसे भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस के वरिष्ठ नेतृत्व की ओर से संयुक्त रूप से तैयार किया गया था. इसका उद्देश्य जम्मू-कश्मीर के गतिशील सुरक्षा वातावरण में परिचालन तालमेल, समन्वय और प्रक्रियाओं के मानकीकरण को बढ़ाना था.
प्रतिभागियों को किन-किन चीजों की मिली ट्रेनिंग?
इस कोर्स में जम्मू-कश्मीर पुलिस के कुल 108 कर्मियों ने मीरां साहिब ब्रिगेड की ओर से आयोजित गहन प्रशिक्षण प्राप्त किया. प्रशिक्षण का मुख्य फोकस जूनियर नेतृत्व क्षमताओं को मजबूत करने पर था, जो आतंकवाद-रोधी परिदृश्यों में छोटी टीम के अभियानों के प्रभावी निष्पादन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं.
कोर्स के दौरान, प्रतिभागियों को परिचालन के व्यापक पहलुओं में प्रशिक्षित किया गया, जिसमें छोटी टीम के अभियान और गश्त, त्वरित प्रतिक्रिया टीम और मोबाइल वाहन जांच चौकी अभ्यास, घात और घात-रोधी तकनीकें, घेराबंदी और तलाशी अभियान और कमरा-प्रवेश प्रक्रियाएं शामिल थीं.
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इसके अलावा, हथियार चलाने और फायरिंग, आधुनिक उपकरणों के उपयोग, ड्रोन की पहचान और ड्रोन-रोधी उपाय, प्राथमिक उपचार और हताहतों को निकालने और खुफिया जानकारी जुटाने और साझा करने में विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया.
J-K पुलिस कर्मियों को उच्च तकनीकी उपकरणों की दी गई ट्रेनिंग
प्रशिक्षण पद्धति में पूर्वाभ्यास और सामरिक अभ्यास शामिल थे, जिससे प्रतिभागियों को न केवल व्यावहारिक परिचालन दक्षता हासिल करने का अवसर मिला, बल्कि विभिन्न प्रकार के निगरानी उपकरणों, ड्रोन और ड्रोन-रोधी प्रणालियों सहित उच्च-तकनीकी उपकरणों से परिचित होने का भी मौका मिला. इस रिफ्रेशर कोर्स का सफल आयोजन, निर्बाध समन्वय, साझा स्थितिजन्य जागरूकता और आपसी विश्वास की शक्तियों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
इस तरह की संयुक्त प्रशिक्षण पहलें, उभरती सुरक्षा चुनौतियों के प्रति एक समन्वित, अनुशासित और सुसज्जित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं. इस कोर्स का सफल समापन, क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने के प्रति भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
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