राहुल गांधी पर राजनाथ सिंह का बड़ा हमला, 'नरसिम्हा राव से लेकर प्रणव मुखर्जी तक जैसे...
भारत सरकार की विदेश नीति को लेकर लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के तौर-तरीके पर देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मुखालफत करते हुए, 'इसे ओछा और निंदनीय करार दिया है.'

लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारत सरकार की विदेश नीति को लेकर जिस तरह से सवाल उठाए हैं, उसपर राजनीतिक विवाद को हवा मिल गई है. राहुल गांधी के तौर-तरीके पर देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मुखालफत करते हुए, 'इसे ओछा और निंदनीय करार दिया है.'
उन्होंने इस पूरे मामले पर शुक्रवार को बयान देते हुए कहा, 'कल (गुरुवार) को विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पीएम मोदी और भारत की विदेश नीति पर जो बातें कहीं है, वे ओछी और निंदनीय है. यह मेरे लिए भी व्यक्तिगत रूप से दुखद है. अपने लंबे राजनीतिक जीवन में मैंने किसी भी विपक्ष के नेता का ऐसा अभद्र और अकल्पनीय व्यवहार कभी नहीं देखा.'
दरअसल, राहुल गांधी ने नई दिल्ली में हुए रचनात्मक कांग्रेस सम्मेलन (12-13 अगस्त) में सरकार की विदेश नीति को लेकर सवाल उठाए थे. इसमें उन्होंने कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित को गले लगाकर बताया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गले लगाने को ही विदेश नीति समझ लिया है.
ऐसा व्यवहार एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा: रक्षामंत्री
रक्षामंत्री ने राहुल गांधी की निंदा करते हुए कहा, 'ऐसा व्यवहार एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है. राहुल गांधी के मन में पीएम के लिए निराशा हो सकती है, लेकिन ऐसी अभद्र बातें स्वीकार्य नहीं है. खासकर तब, जब पीएम मोदी ने देश और विदेश में भारत का मान बढ़ाया हो और विकसित भारत का रास्ता तैयार किया हो.'
उन्होंने कहा, '12 सालों तक पूरी लगन से काम करते हुए, उन्होंने एक भी छुट्टी नहीं ली. पीएम के खिलाफ ऐसी अभद्र बातें हर भारतीय को दुख पहुंचाती है. मैं कांग्रेस पार्टी से विनम्रतापूर्वक यह भी कहना चाहता हूं कि ऐसी भाषा और व्यवहार के बाद क्या वे लाल-बाल-पाल और गांधी-पटेल और नेहरू, सुभाष बाबू से लेकर राजेंद्र बाबू और शास्त्रीजी और नरसिम्हा राव जी से लेकर प्रणव मुखर्जी तक की विरासत का कोई दावा कर सकते हैं?'
उन्होंने कहा, 'इस व्यवहार से राहुल गांधी ने न केवल पीएम नरेंद्र मोदी का अपमान किया है, बल्कि भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को भी ठेस पहुंचाई है. उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता के पद की गरिमा को तार-तार कर दिया है. मैं सोच भी नहीं सकता कि गांधी उपनाम वाला कोई व्यक्ति इतनी शर्मनाक बात कह सकता है.'


















