एक्सप्लोरर

भारत में तेजी से बदलते मौसम का क्या है कारण, क्यों सर्दियों ने इतनी जल्द ले ली विदाई? समझिए

India Weather: भारत में पिछले साल की तरह इस बार भी कड़ाके की सर्दी नहीं पड़ी. मैदानी इलाकों में तो कुछ ही दिन ठंड का असर देखने को मिला. वहीं फरवरी के मध्य में ही गर्मी महसूस होने लगी.

India Weather News: साल 2022 की तरह ही इस साल भी सर्दियों ने भारत से जल्द विदाई ले ली है. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पूरे उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है. ऐसे में इस बार सामान्य से ज्यादा गर्मी होने के आसार हैं. हालात ये हो गए हैं कि साल 1901 के बाद भारत ने 2023 में सबसे गर्म फरवरी का सामना किया. फरवरी में औसत तापमान 29.54 डिग्री सेल्सियस था.

मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि आने वाले गर्मी के मौसम में हीटवेव पिछले सालों के मुकाबले ज्यादा परेशान करेगी. बढ़ती गर्मी के चलते फसलों के नुकसान का खतरा भी मंडरा रहा है. वैज्ञानिकों के अनुसार, मौजूदा मौसम की स्थिति के लिए 'ग्लोबल वार्मिंग' जिम्मेदार है. वैश्विक औसत तापमान में निरंतर वृद्धि पश्चिमी विक्षोभ जैसी बड़ी मौसम संबंधी घटनाओं की गतिशीलता को प्रभावित कर रही है.

मौसम विज्ञानियों के अनुसार, तापमान और बारिश में असमानता/विसंगति मौसम के मिजाज में बदलाव का परिणाम है. इस सर्दी के मौसम में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की तीव्रता भी कम रही है. हालांकि, नवंबर के मध्य तक पश्चिमी विक्षोभ की इंटेंसिटी और फ्रीक्वेंसी पश्चिमी हिमालय में बढ़ने लगी थी, लेकिन फिर भी उसका असर ज्यादा देखने को नहीं मिला.

नवंबर में नहीं दिखा पश्चिमी विक्षोभ का असर

नवंबर को 'ट्रांजिशन मंथ' के रूप में भी जाना जाता है, जिससे सर्दियों का आगमन होता है. आमतौर पर, महीने के अंत तक हिमालयी राज्यों जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में मध्यम से भारी हिमपात और वर्षा हो जाती है, लेकिन नवंबर 2022 में ऐसा नहीं हुआ. पांच पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय में चले गए, इनमें से दो पश्चिमी विक्षोभ का थोड़ा बहुत असर पहाड़ी राज्यों और आसपास की तलहटी पर रिकॉर्ड किया गया. 

दिसंबर में भी कड़ाके की सर्दी नहीं पड़ी

इसके बाद, दिसंबर की शुरुआत भी गरमाहट के साथ हुई. बारिश या बर्फबारी नहीं होने से पूरे उत्तर पश्चिमी मैदानी इलाकों और मध्य भारत के हिस्सों में कड़ाके की ठंड नहीं पड़ी. इस महीने में सात पश्चिमी विक्षोभ देखे गए, इनमें से केवल एक (28-30 दिसंबर) के कारण पश्चिमी हिमालय और आसपास के मैदानी इलाकों में बारिश या बर्फबारी हुई. हालांकि, बाकी छह पश्चिमी विक्षोभ कमजोर थे और इस क्षेत्र को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित नहीं किया.

जनवरी में बदला मौसम का मिजाज

जनवरी की शुरुआत बिल्कुल अलग थी, जिसमें मध्यम से सक्रिय तीव्रता के कई पश्चिमी विक्षोभ नियमित अंतराल पर दिखाई दिए. इसके साथ, उत्तर पश्चिम भारत, विशेष रूप से पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश और हिमपात दर्ज किया गया. इस क्षेत्र में 28 प्रतिशत की अधिक बारिश हुई. जनवरी के दौरान, सात पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारतीय क्षेत्र में चले गए. वहीं चार बार पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में बारिश और बर्फबारी दर्ज की गई.

फरवरी में भी रफूचक्कर हो गई सर्दी!

इसके बाद, फरवरी का मौसम बिल्कुल दिसंबर की तरह रिकॉर्ड किया गया. पश्चिमी विक्षोभ तो थे, लेकिन उनका कोई खास असर दिखाई नहीं दिया. इस वजह से अधिकतम तापमान में लगातार बढ़ोत्तरी होती रही और तापमान सामान्य से काफी ऊपर रहा. मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि मौजूदा समय में जलवायु परिवर्तन का काफी असर दिखाई दे रहा है.

अब गर्मी सताएगी

जलवायु परिवर्तन पर इंटर-गवर्नमेंट पैनल (IPCC) की एक रिपोर्ट के अनुसार, एशिया में आने वाले दिनों में हीटवेव में बहुत ज्यादा वृद्धि होने की संभावना है. अनुमानों से पता चलता है कि भारत सहित दक्षिण एशिया का एक बड़ा हिस्सा आने वाले समय में गर्मी के तनाव की स्थिति का अनुभव करेगा और सर्दियों के दिन कम हो जाएंगे.

ये भी पढ़ें- Weather Today Update: क्या उत्तर भारत को मिलेगी गर्मी से राहत? इन राज्यों के लिए अगले 72 घंटे मुश्किल भरे, जानें IMD का लेटेस्ट अलर्ट

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

'SIR का विरोध नहीं किया', कांग्रेस के मंत्री के बयान पर बवाल, BJP बोली- सभी सच्चाई जानते हैं
'SIR का विरोध नहीं किया', कांग्रेस के मंत्री के बयान पर बवाल, BJP बोली- सभी सच्चाई जानते हैं
बंगाल की स्कूलों की किताबों में बदलाव, ‘पानी’ की जगह ‘जल’, ‘अब्बा’ की जगह ‘बाबा’
बंगाल की स्कूलों की किताबों में बदलाव, ‘पानी’ की जगह ‘जल’, ‘अब्बा’ की जगह ‘बाबा’
ममता बनर्जी को ही हाईकमान मानते हैं पार्टी तोड़ने वाले TMC नेता, बागी गुट पर कही ये बात
ममता बनर्जी को ही हाईकमान मानते हैं पार्टी तोड़ने वाले TMC नेता, बागी गुट पर कही ये बात
CEC के खिलाफ INDIA गठबंधन के 'महाभियोग' में स्पीकर होंगी मीरा कुमार, कौन रखेगा प्रस्ताव?
CEC के खिलाफ INDIA गठबंधन के 'महाभियोग' में स्पीकर होंगी मीरा कुमार, कौन रखेगा प्रस्ताव?

वीडियोज

Sansani: बैंक का 'गोलमाल'... ग्राहक 'कंगाल' !
Ballot Paper पर जीरो, अब क्या करेगी Congress?
Form-6 पर Supreme Court में क्या बहस हुई? सटीक विश्लेषण
MLC का नतीजा UP में 2027 का करेगा फैसला? सटीक विश्लेषण
YRKKH:🫨Badi Dadi ने मेहमानों के सामने Abhira को दिए ताने, बवाल के बीच Maira-Kabir का हुआ सामना #sbs

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
बंगाल की स्कूलों की किताबों में बदलाव, ‘पानी’ की जगह ‘जल’, ‘अब्बा’ की जगह ‘बाबा’
बंगाल की स्कूलों की किताबों में बदलाव, ‘पानी’ की जगह ‘जल’, ‘अब्बा’ की जगह ‘बाबा’
महाराष्ट्र MLC चुनाव: हार से निराश BJP? कहा- 'शिंदे गुट ने नहीं निभाया गठबंधन का धर्म'
महाराष्ट्र MLC चुनाव: हार से निराश BJP? कहा- 'शिंदे गुट ने नहीं निभाया गठबंधन का धर्म'
CEC के खिलाफ INDIA गठबंधन के 'महाभियोग' में स्पीकर होंगी मीरा कुमार, कौन रखेगा प्रस्ताव?
CEC के खिलाफ INDIA गठबंधन के 'महाभियोग' में स्पीकर होंगी मीरा कुमार, कौन रखेगा प्रस्ताव?
'कॉन्सर्ट मत लेकर जाना', जाह्नवी कपूर ने वीर पहाड़िया को दी डेटिंग एडवाइज, तारा संग ब्रेकअप का दिया हिंट
'कॉन्सर्ट मत लेकर जाना', जाह्नवी कपूर ने वीर पहाड़िया को दी डेटिंग एडवाइज, तारा संग ब्रेकअप का दिया हिंट
ऑस्ट्रेलिया टीम के लिए बुरी खबर, दिसंबर से पहले नहीं हो सकेगी स्टीव स्मिथ की मैदान पर वापसी
ऑस्ट्रेलिया टीम के लिए बुरी खबर, दिसंबर से पहले नहीं हो सकेगी स्टीव स्मिथ की मैदान पर वापसी
राजेश खन्ना की संपत्ति मांग रही अनीता आडवाणी को SC से झटका, रिश्ते को बताया था 'शादी जैसा'
राजेश खन्ना की संपत्ति मांग रही अनीता आडवाणी को SC से झटका, रिश्ते को बताया था 'शादी जैसा'
UP MLC में सपा को मिली बढ़त तो ओपी राजभर बोले- इसमें पढ़े-लिखे लोगों ने वोट दिया
UP MLC में सपा को मिली बढ़त तो ओपी राजभर बोले- इसमें पढ़े-लिखे लोगों ने वोट दिया
Pulav Masala Recipe: घर में ऐसे बनाएं पुलाव मसाला, इन चीजों को जरूर करें शामिल
घर में ऐसे बनाएं पुलाव मसाला, इन चीजों को जरूर करें शामिल
Embed widget