भारत को मिलने वाले हैं तीन खतरनाक हथियार, ऐसे और मजबूत होगा एयर डिफेंस सिस्टम
Operation Sindoor: भारतीय सेना तीन नए खतरनाक हथियार मिलने के बाद और ज्यादा ताकतवर बन जाएगी. सेना का एयर डिफेंस सिस्टम और मजबूत होने वाला है.

Operation Sindoor: भारत ने मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम की वजह से पाकिस्तान के हर हमले को नाकाम कर दिया था. पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत के कई शहरों को निशाना बनाने की कोशिश थी, लेकिन अब भारत और ज्यादा मजबूत होने वाला है. उसे जल्दी ही तीन नई मिसाइल मिलने वाली हैं. इसमें आकाश नेक्स्ट जनरेशन मिसाइल भी शामिल है, जो कि ड्रोन, लड़ाकू विमान और क्रूज मिसाइल को नष्ट करने में सक्षम है.
भारतीय एयरफोर्स ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अहम भूमिका निभाई थी. अब वह और मजबूत होने वाली है. भारत अब अपनी बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली में तीन नई स्वदेशी प्रणालियों को शामिल करने का प्लान बना रहा है. इसमें आकाश नेक्स्ट जनरेशन, वीएल-एसआरएसएएम (वर्टिकली लॉन्चड शॉर्ट-रेंज सरफेस टू एयर मिसाइल) क्यूआर-एसएएम (क्विक रिएक्शन सरफेस टू एयर मिसाइल) शामिल है.
आकाश नेक्स्ट जनरेशन -
इस मिसाइल की रेज 70 से 80 किलोमीटर है. यह मौजूदा आकाश मिसाइल से काफी एडवांस है. आकाश नेक्स्ट जनरेशन को डीआरडीओ विकसित कर रहा है. खास बात यह है कि आकाश क्रूज मिसाइल, लड़ाकू विमान और ड्रोन को पूरी तरह से नष्ट करने में सक्षम है.
क्यूआर-एसएएएम (क्विक रिएक्शन सरफेस टू एयर मिसाइल)
क्यूआर-एसएएम की रेंज 25 से 30 किलोमीटर है. इसे भी डीआरडीओ ही विकसित कर रहा है. इसकी खास बात यह है कि यह त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली है, जो कि हवाई खतरों को टालने में सक्षम है. यह स्वचलित कमांड और कंट्रोल सिस्टम से लैस है.
वीएल-एसआरएसएएम (वर्किली लॉन्चड शॉर्ट रेंज सरफेस टू एयर मिसाइल)
इस मिसाइल की रेंज 20 से 30 किलोमीटर है. वीएल-एसआरएसएएम को भारतीय एयरफोर्स और नेवी को दोनों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है. यह आकाश प्रणाली की पूरक भी है. यह भी ड्रोन और बाकी हवाई हमलों को टालने में सक्षम है.
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