‘आखिरी बार बेटी को देखना चाहता हूं’, US में निकिता की हत्या के बाद हैदराबाद में रहने वाले पिता ने सरकार से की अपील
Murder in Crime: पीड़िता निकिता के पिता ने कहा कि उनकी बेटी की हत्या करने वाले को उसका पूर्व बॉयफ्रेंड बताया जा रहा है, जो सरासर गलत है. वह सिर्फ उसका एक पूर्व रूममेट था.

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद की रहने वाली निकिता गोडिशाला के पिता आनंद गोडिशाला ने बेटी की अमेरिका में हत्या को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि उनकी बेटी की हत्या करने वाले को उसका पूर्व बॉयफ्रेंड बताया जा रहा है, जो सरासर झूठ है. वह सिर्फ उनकी बेटी का पूर्व रूममेट था. वहीं, उन्होंने अपनी बेटी के पार्थिव शरीर को भारत लाने के लिए राज्य और केंद्र सरकार से मदद की अपील की है.
हैदराबाद के तारनाका इलाके की निवासी निकिता गोडिशाला के पिता ने अत्यंत भावुक होकर बताया कि उनकी बेटी अमेरिका के कोलंबिया राज्य के मैरीलैंड शहर में रहती थी, जहां वह अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी कर रही थी. उन्होंने कहा कि निकिता साल 2021 में उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका गई थी. वह वहां अपने दोस्तों के साथ एक अपार्टमेंट में रहती थी, जहां कुल चार लोग रहते थे.
बेटी की हत्या को लेकर निकिता के पिता ने दी जानकारी
बेटी निकिता की हत्या के बारे में विस्तार से बताते हुए उसके पिता ने कहा कि निकिता को पता चला था कि उनके साथ रहने वाला एक पूर्व रूममेट, जिसका नाम अर्जुन शर्मा है, काफी कर्ज में डूबा हुआ है. अर्जुन ने निकिता से भी पैसे उधार लिए थे. जब निकिता को उसकी सच्चाई का पता चला, तो उसने अर्जुन को फोन किया. इसके बाद, अर्जुन ने उसे पैसे लौटाने के बहाने घर बुलाया और वहां उस पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई.
उन्होंने कहा कि बेटी की हत्या करने के बाद अर्जुन वहां से फरार हो गया. उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि जो खबरें उसे निकिता का पूर्व बॉयफ्रेंड बता रही हैं, वह गलत है. वह केवल एक पूर्व रूममेट था.
राज्य और केंद्र सरकार से मांगी मदद
निकिता के पिता आनंद गोडिशाला ने हाथ जोड़ते हुए केंद्र और राज्य सरकारों से भावुक अपील की है कि उनकी बेटी का पार्थिव शरीर जल्द से जल्द भारत (हैदराबाद) लाने में मदद की जाए. उन्होंने कहा कि उनका परिवार इस समय बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहा है और वे बस अपनी बेटी को आखिरी बार देखना चाहते हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि उनकी छोटी बेटी और परिवार के अन्य सदस्य भी अमेरिकी अधिकारियों से लगातार संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अब भारत सरकार की मदद की सख्त जरूरत है.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL






















