एक्सप्लोरर

बिहार चुनाव रुझान: एनडीए की बढ़त से उत्साह, लेकिन तेजस्वी यादव के लिए छिपा ये बड़ा राजनीतिक संदेश

महागठबंधन ने तेजस्वी को मुख्यमंत्री का चेहरा और मुकेश साहनी को डिप्टी सीएम उम्मीदवार बनाया था ताकि यादव-मुस्लिम के साथ मल्लाह वोट भी खींचा जा सके.

Bihar Elections Results 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के शुरुआती रुझानों में एनडीए गठबंधन महागठबंधन से काफी आगे चलता दिख रहा है. इससे पहले आए एग्जिट पोल ने भी सत्ता में एनडीए की वापसी का अनुमान लगाया था. ऐसे रुझान न सिर्फ चुनावी दिशा दिखा रहे हैं बल्कि महागठबंधन और खासकर तेजस्वी यादव के भविष्य के लिए भी एक अहम संकेत दे रहे हैं.

तेजस्वी यादव: बिहार की राजनीति का स्थापित चेहरा

चुनाव विश्लेषक और राजनीतिक जानकार राकेश शुक्ला के अनुसार, भले ही रुझान अंतिम परिणाम नहीं होते, लेकिन इससे यह साफ झलकता है कि तेजस्वी यादव अब बिहार की राजनीति के केंद्रीय चेहरा बन चुके हैं.

इसके पीछे कुछ प्रमुख कारण:

2020 चुनाव में तेजस्वी का प्रभाव- तेजस्वी यादव ने अपने दम पर आरजेडी को 75 सीटें दिलाई थीं, जो उस चुनाव में किसी भी पार्टी को मिली सबसे ज्यादा सीटें थीं. इस बार के रुझानों में भी आरजेडी सबसे आगे- महागठबंधन भले पीछे हो, लेकिन तेजस्वी की पार्टी आरजेडी विपक्षी दलों से काफी आगे चल रही है—यह साफ संकेत है कि उनका जनाधार अभी भी मजबूत है.

2015 और 2024 के चुनावों में भी दमदार प्रदर्शन- तेजस्वी लगातार चुनावी राजनीति में अपनी छाप छोड़ते आए हैं और यह साबित करते हैं कि वे बिहार की राजनीतिक ज़मीन पर स्वीकार्य नेता हैं.

तेजस्वी क्यों नहीं चल पाए इस बार?

वरिष्ठ पत्रकार रोहित कहते हैं कि इस बार जनता ने तेजस्वी को सीएम के तौर पर स्वीकार करने में हिचक दिखाई. उनका मानना है कि यादव-मुस्लिम वोट बैंक के एकजुट होने की उम्मीदें जितनी थीं, जनता का मूड उससे अलग रहा.

महागठबंधन ने तेजस्वी को मुख्यमंत्री का चेहरा और मुकेश साहनी को डिप्टी सीएम उम्मीदवार बनाया था ताकि यादव-मुस्लिम के साथ मल्लाह वोट भी खींचा जा सके. लेकिन रणनीति उम्मीद के मुताबिक परिणाम नहीं दे सकी.

क्या जनता ने तेजस्वी को नकार दिया?

रुझानों से यह साफ होता है कि महागठबंधन अपने गठजोड़ और समीकरणों पर कामयाब नहीं हो पाया लेकिन तेजस्वी यादव को जनता ने पूरी तरह नहीं नकारा है. आरजेडी की मजबूत स्थिति दिखाती है कि तेजस्वी अब बिहार की राजनीति में स्थायी और मजबूत खिलाड़ी बन चुके हैं.

हालांकि एनडीए शुरुआती रुझानों में मजबूत स्थिति में है, लेकिन तेजस्वी यादव की राजनीतिक हैसियत और जनाधार सुरक्षित और मजबूत बना हुआ है. यह चुनाव उनके लिए हार नहीं बल्कि आने वाले समय में और मज़बूत होकर उभरने का संकेत दे रहा है.

ये भी पढ़ें: क्या नीतीश कुमार नहीं होंगे बिहार के CM? 9 बजे तक के रूझानों के आंकड़ों ने बढ़ाई धड़कन, BJP आगे

राजेश कुमार पत्रकारिता जगत में पिछले करीब 14 सालों से ज्यादा वक्त से अपना योगदान दे रहे हैं. राष्ट्रीय और सामाजिक मुद्दों से लेकर अपराध जगत तक, हर मुद्दे पर वह स्टोरी लिखते आए हैं. इसके साथ ही, किसी खबरों पर किस तरह अलग-अलग आइडियाज के साथ स्टोरी की जाए, इसके लिए वह अपने सहयोगियों का लगातार मार्गदर्शन करते रहे हैं. इनकी अंतर्राष्ट्रीय जगत की खबरों पर खास नज़र रहती है, जबकि भारत की राजनीति में ये गहरी रुचि रखते हैं. इन्हें क्रिकेट खेलना काफी पसंद और खाली वक्त में पसंद की फिल्में भी खूब देखते हैं. पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखने से पहले उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर ऑफ ब्रॉडकास्ट जर्नलिज्म किया है. राजनीति, चुनाव, अंतरराष्ट्रीय संबंधों और अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों पर राजेश कुमार लगातार लिखते आ रहे हैं.
Read
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Stray Dogs: 'जो डरते हैं उनको काटते हैं कुत्ते', SC की बात सुनकर सिर हिलाने लगे डॉग लवर्स तो जज ने टोका और कही ये बात
'जो डरते हैं उनको काटते हैं कुत्ते', SC की बात सुनकर सिर हिलाने लगे डॉग लवर्स तो जज ने टोका और कही ये बात
UP में सपा को कम, BJP को ज्यादा नुकसान! 2027 में किसका होगा फायदा? इन आंकड़ों ने बढ़ाई मुश्किल
UP में सपा को कम, BJP को ज्यादा नुकसान! 2027 में किसका होगा फायदा? इन आंकड़ों ने बढ़ाई मुश्किल
I-PAC के दफ्तर पर ED का छापा, रेड वाली जगह पहुंचीं ममता बनर्जी, बोलीं- 'अमित शाह चुनाव से जीतें बंगाल...'
I-PAC के दफ्तर पर ED का छापा, रेड वाली जगह पहुंचीं ममता बनर्जी, बोलीं- 'अमित शाह चुनाव से जीतें बंगाल...'
दूसरे के घरों में बर्तन मांजने जाती थी मां, आज बेटे ने रचा इतिहास, SA20 में हैट्रिक लेने वाला बना पहला गेंदबाज
दूसरे के घरों में बर्तन मांजने जाती थी मां, आज बेटे ने रचा इतिहास, SA20 में हैट्रिक लेने वाला बना पहला गेंदबाज
Advertisement

वीडियोज

Turkman Gate Row: तुर्कमान हिंसा को लेकर आई अभी की बड़ी खबर । Faiz-E-Ilahi । Breaking News
ज्यादा Profit,फिर भी कम Dividend? RBI का Master Plan | Paisa Live
Delhi Bulldozer Action: CCTV से शुरू हुई पत्थरबाजों की तलाश, मची अफरा तफरी ! | Turkman Gate
Delhi Bulldozer Action: Delhi के तुर्कमान गेट इलाके में फिर गरजा बुलडोजर | Turkman Gate
Delhi Vidhansabha में Atishi के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन, सिख गुरू के अपमान का लगा आरोप
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement
Petrol Price Today
₹ 94.72 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.62 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
Stray Dogs: 'जो डरते हैं उनको काटते हैं कुत्ते', SC की बात सुनकर सिर हिलाने लगे डॉग लवर्स तो जज ने टोका और कही ये बात
'जो डरते हैं उनको काटते हैं कुत्ते', SC की बात सुनकर सिर हिलाने लगे डॉग लवर्स तो जज ने टोका और कही ये बात
UP में सपा को कम, BJP को ज्यादा नुकसान! 2027 में किसका होगा फायदा? इन आंकड़ों ने बढ़ाई मुश्किल
UP में सपा को कम, BJP को ज्यादा नुकसान! 2027 में किसका होगा फायदा? इन आंकड़ों ने बढ़ाई मुश्किल
I-PAC के दफ्तर पर ED का छापा, रेड वाली जगह पहुंचीं ममता बनर्जी, बोलीं- 'अमित शाह चुनाव से जीतें बंगाल...'
I-PAC के दफ्तर पर ED का छापा, रेड वाली जगह पहुंचीं ममता बनर्जी, बोलीं- 'अमित शाह चुनाव से जीतें बंगाल...'
दूसरे के घरों में बर्तन मांजने जाती थी मां, आज बेटे ने रचा इतिहास, SA20 में हैट्रिक लेने वाला बना पहला गेंदबाज
दूसरे के घरों में बर्तन मांजने जाती थी मां, आज बेटे ने रचा इतिहास, SA20 में हैट्रिक लेने वाला बना पहला गेंदबाज
‘सबकी बियर्ड क्यों है? हर कोई पुष्पा बन रहा है’, ग्रे शेड वाले हीरो पर गुलशन देवैया का तंज
‘सबकी बियर्ड क्यों है? हर कोई पुष्पा बन रहा है’, ग्रे शेड वाले हीरो पर गुलशन देवैया का तंज
अचानक रद्द हुई अनुमति! चार महीने पहले मिली थी वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज को मंजूरी
अचानक रद्द हुई अनुमति! चार महीने पहले मिली थी वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज को मंजूरी
मेहनत, मजदूरी और मजबूरी... खिलौने बेचते बाप के पैर पकड़ सो गया मासूम, वीडियो देख इंटरनेट हुआ इमोशनल
मेहनत, मजदूरी और मजबूरी... खिलौने बेचते बाप के पैर पकड़ सो गया मासूम, वीडियो देख इंटरनेट हुआ इमोशनल
Bangladesh Diesel Import: भारत के बिना बांग्लादेश का नहीं चल रहा काम, यूनुस ने पहले चावल मांगे और अब 1.8 लाख टन डीजल चाहिए
भारत के बिना बांग्लादेश का नहीं चल रहा काम, यूनुस ने पहले चावल मांगे और अब 1.8 लाख टन डीजल चाहिए
Embed widget