मेवे ने ली प्याज की जगह, होटल मालिकों ने कहा- बढ़ते दामों से घट रहा है मुनाफा
चौक चौराहे पर स्थित एक भोजनालय के खानसामा राकेश बताते हैं कि मंडी में प्याज 80 रुपये किलो मिल रहा है. एक दिन की सब्जी तैयार करने में 15 किलो प्याज लग जाती है.

नई दिल्ली: प्याज के दामों में होती बेतहाशा बढ़ोत्तरी के चलते होटल संचालकों ने विकल्प तलाशने शुरू कर दिए हैं. इसी के चलते तरबूज के बीज और काजू को मिलाकर स्वादिष्ट भोजन बनाने की तरकीब भी आजमाई जाने लगी है. हालांकि ऐसा करके उतना मुनाफा नहीं होता है, लेकिन कम से कम प्याज के मुकाबले ये सौदा फायदे का साबित हो रहा है. वहीं होटलों में खाने के साथ दी जाने वाली सलाद से प्याज का नाम तक गायब है.
चौक चौराहे पर स्थित एक भोजनालय के खानसामा राकेश बताते हैं कि मंडी में प्याज 80 रुपये किलो मिल रहा है. एक दिन की सब्जी तैयार करने में 15 किलो प्याज लग जाती है. ऐसे में अब 80 रुपये प्रति किलो के हिसाब से 12,00 रुपये का प्याज लग जाता है. ऐसे में इसकी जगह 200 से 250 रुपये खर्च कर 250 ग्राम काजू डाल देते हैं. इसके बाद टमाटर और मगज (तरबूज का बीज) से ग्रेवी तैयार करते हैं. इससे खाने का स्वाद बढ़ जाता है. कस्टमर को पुराने रेट पर वही आइटम मिल जाता है. उन्होंने कहा कि ये विकल्प प्याज के मुकाबले काफी बेहतर है.
नक्खास इलाके के एक होटल के संचालक रिजवान बताते हैं कि नॉन वेज के सभी आइटम प्याज, लहसुन, अदरक और मिर्च से तैयार होते हैं. इनकी मात्रा नहीं घटाई जा सकती. अगर रेट बढ़ाते हैं तो ग्राहक घट जाएंगे. ऐसे में महंगे दाम पर प्याज-लहसुन खरीदने के बावजूद खाने का सामान पुराने रेट पर बेचना पड़ रहा है. इससे मुनाफा आधा हो गया है. उन्होंने बताया कि सलाद में प्याज देना बंद कर दिया गया है. इसे लेकर कुछ लोग झगड़ा करने पर उतारू हो जाते हैं. प्याज ने बड़ी मुसीबत कर दी है.
प्याज की बढ़ी कीमतों से ना केवल बड़े होटलों का कारोबार प्रभावित हुआ है, बल्कि छोटे दुकानदार भी खासे प्रभावित हो रहे हैं. लखनऊ के लोगों में दोपहर और शाम को भूजा खाने का जबरदस्त चस्का है और भूजे में जबतक प्याज न पड़े, उसका आनंद नहीं आता. मगर इन दिनों प्याज भूजे से भी गायब है. भूजा विक्रेता मनीराम ने बताया कि महंगा होने से पहले दिन भर में करीब पांच किलो प्याज खप जाता था, मगर महंगा होने की वजह से आजकल प्याज का इस्तेमाल बिल्कुल बंद कर दिया है. ऐसे में मूली और उसके पत्तों का मिक्सचर मिलाकर प्याज का विकल्प तैयार किया गया है. मनीराम बताते हैं कि लोग डिमांड करते हैं, लेकिन आज के दौर में अगर प्याज खिलाएंगे तो जेब से खर्च करना पड़ जायेगा.
मंत्री जी का अटपटा बयान, बोले थोक मंडी से लोग खरीदें प्याज-
वहीं इस मुद्दे पर उद्यान मंत्री श्रीराम चौहान ने व्यापारियों को सलाह दी. मंत्री बोले थोक मंडी से आम लोग और व्यापारी प्याज खरीद सकते हैं. उन्होंने कहा कि जब मैंने लखनऊ की दुबग्गा मंडी में जाकर पड़ताल की थी, तो चालीस से पचास रुपय किलो प्याज बिक रहा था. खुले में सौ रुपय में प्याज बेचकर अंधाधुंध कमाई की जा रही है. सरकार इसके खिलाफ जल्द कार्रवाई करेगी.
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Source: IOCL

























