गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला, आपरेशन को अंजाम देने निकले NSG को मिलेगा 'ग्रीन कॉरिडोर'

नई दिल्लीः सुकमा में नक्सली हमले के बाद सरकार चरमपंथ और आतंकवाद को लेकर अब और सख्त होती जा रही है. इस कड़ी में गृह मंत्रालय ने नेशनल सेक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) के मूवमेंट को लेकर बड़ा फैसला किया है. मंत्रालय ने कहा कि आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन के लिए एनएसजी को 'ग्रीन कॉरिडोर' मिलेगा. जिसका मतलब है कि ऑपरेशन के लिए निकले एनएसजी के कमांडो को पूरे रास्ते ट्रैफिक फ्री रखा जाएगा. इनके रास्ते में कोई ट्रैफिक नहीं होगी.
भारत सरकार का मानना है कि ग्रीन कॉरिडोर मिलने से एनएसजी कमांडो को आपरेशन में तुरंत पहुंचने में मदद मिलेगी साथ ही आपरेशन को बेहतर तरीके से और जल्दी अंजाम दिया जा सकेगा. आतंकी हमले का जवाब देने के लिए रेस्पांस टाइम कम से कम करने के लिए ये फैसला लिया गया है. 15 अप्रैल से 20 अप्रैल तक देश के कई शहरों में एनएसजी के ग्रीन कॉरिडोर का मॉकड्रिल किया गया.
क्या है एनएसजी? नेशनल सेक्योरिटी गार्ड एक स्पेशल फोर्स यूनिट है जो गृह मंत्रालय के अंतर्गत आती है. इसका गठन 1984 में किया गया था. इसका मुख्य उद्देश्य आतंकी गतिविधियों से निपटना और देश को आंतरिक (नक्सली) हमलों से बचाना है. एनएसजी गार्ड को आम तौर पर 'ब्लैक कैट' नाम से भी जाना जाता है.
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