'लोकतंत्र की चोरी पर PM क्यों नहीं बोल रहे?', MLC चुनाव रिजल्ट के बीच क्यों बोले गौरव गोगोई?
दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA गठबंधन ने अपनी रणनीति तैयार करने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर बैठक की.

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि आज लोकतंत्र की चोरी सबसे अहम मुद्दा है और प्रधानमंत्री को इस पर अपनी बात रखनी चाहिए। गोगोई ने सवाल किया कि जब केंद्रीय गृह मंत्री इस मुद्दे पर बोल चुके हैं, तो प्रधानमंत्री खुद इस पर अपनी राय क्यों नहीं दे रहे हैं? उन्होंने प्रधानमंत्री के एमएलसी चुनाव के नतीजों पर बोलने को लेकर भी निशाना साधा। इस बीच, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 30 अक्टूबर को 'पब्लिक इम्पीचमेंट' कार्यक्रम और 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली की तैयारी कर रहे INDIA गठबंधन के नेता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर रणनीतिक बैठक के लिए जुटे।
गौरव गोगोई बोले- लोकतंत्र की चोरी पर प्रधानमंत्री में बोलने की हिम्मत क्यों नहीं?
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि आज सबसे अहम बात लोकतंत्र की चोरी है और प्रधानमंत्री को इसी विषय पर बोलना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर क्यों नहीं बोल रहे हैं और उनमें इस पर बात करने की हिम्मत क्यों नहीं है। गोगोई ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री की बातें सुनी हैं। उनके चेहरे पर भी डर और बेचैनी साफ दिखाई दे रही थी। इसके बावजूद प्रधानमंत्री खुद इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर अपनी राय क्यों नहीं रख रहे हैं? कांग्रेस सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री एमएलसी चुनाव के नतीजों पर बात कर रहे हैं, जबकि लोकतंत्र खतरे में होने का मुद्दा उठाया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री को '56 इंच' वाला नेता बताते हुए सवाल किया कि जब लोकतंत्र से जुड़ा इतना अहम मुद्दा सामने है, तो प्रधानमंत्री चुप क्यों हैं?
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA गठबंधन की बैठक, आगे के आंदोलन की तैयारी
गौरव गोगोई के बयान के बीच INDIA गठबंधन के नेता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर बैठक के लिए पहुंचे। बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित कार्यक्रम और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर आगे की रणनीति पर चर्चा की जा रही है।
गठबंधन ने 30 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ 'पब्लिक इम्पीचमेंट' कार्यक्रम आयोजित करने और 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली करने की तैयारी की है। बैठक में कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई, आरजेडी सांसद अभय सिंह, झारखंड मुक्ति मोर्चा की सांसद महुआ माजी, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और सीपीआई (एम) सांसद जॉन ब्रिटास सहित अन्य नेता शामिल हुए।
अभय सिंह ने कहा- लोकतंत्र और संविधान बचाने के लिए है रैली
आरजेडी सांसद अभय सिंह ने बिहार के चुनावी नतीजों का जिक्र करते हुए दावा किया कि वहां एनडीए कमजोर हुई है। उन्होंने वाराणसी की सीट पर समाजवादी पार्टी की जीत का भी उल्लेख किया। अभय सिंह ने आरोप लगाया कि जहां लोगों को बहकाने और जुमले फैलाने में सफलता मिलती है, वहां भाजपा कामयाब हो जाती है। हालांकि, उनके मुताबिक, जहां लोग सक्रिय और जागरूक हो चुके हैं, वहां अब जुमलेबाजी नहीं चल रही है।
उन्होंने कहा कि यह रैली केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान को बचाने की कोशिश है। अभय सिंह ने सवाल किया कि यदि लोगों को वोट देने के अधिकार से ही वंचित कर दिया जाएगा, तो देश में क्या बचेगा? उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान ने हर व्यक्ति को समान मतदान का अधिकार दिया है। राजा का बेटा हो या गरीब का बेटा, सभी के वोट का बराबर सम्मान होना चाहिए।






















