29 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिये जाएंगे केदारनाथ मंदिर के कपाट
केदारनाथ मंदिर के कपाट 29 अप्रैल को विधिवत पूजा अर्चना के बाद मेष लग्न में सुबह छह बजकर 10 मिनट पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिये जाएंगे. श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल ने ये जानकारी दी.

गोपेश्वर: उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित भगवान शिव के धाम केदारनाथ के कपाट सर्दी के मौसम में छह महीने तक बंद रहने के बाद इस साल 29 अप्रैल को सुबह छह बजकर 10 मिनट पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिये जाएंगे. रूद्रप्रयाग जिले में स्थित पवित्र धाम के कपाट खोले जाने की तिथि और समय का शुभ मुहूर्त शुक्रवार को महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर उखीमठ के ओमकारेश्वर मंदिर में निकाला गया. शीतकालीन प्रवास के दौरान ओमकारेश्वर मंदिर में ही भगवान शिव की पूजा अर्चना होती है.
श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल ने बताया, ‘‘केदारनाथ मंदिर के कपाट 29 अप्रैल को विधिवत पूजा अर्चना के बाद मेष लग्न में सुबह छह बजकर 10 मिनट पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिये जाएंगे.’’ इससे पहले, 29 जनवरी को बसंत पंचमी पर बदरीनाथ के कपाट खोले जाने का मुहूर्त निकाला गया था. बदरीनाथ के कपाट 30 अप्रैल को तड़के साढ़े चार बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिये जायेंगे.
Gates of Kedarnath temple to be reopened for devotees on April 29: Badrinath-Kedarnath mandir samiti president Mohan Prasad Thapliyal
— Press Trust of India (@PTI_News) February 21, 2020
गढ़वाल हिमालय के चार धाम के नाम से प्रसिद्ध बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिरों के कपाट सर्दियों के मौसम में भारी बर्फवारी और भीषण ठंड के कारण हर साल अक्टूबर—नवंबर में बंद कर दिये जाते हैं जो अगले साल दोबारा अप्रैल—मई में श्रद्धालुओं के लिए खोल दिये जाते हैं. उत्तरकाशी जिले में स्थित गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिरों के कपाट जहां हर साल अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर खोले जाते हैं वहीं केदारनाथ तथा बदरीनाथ मंदिर के कपाट खोले जाने का मुहूर्त निकाला जाता है.
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