ओडिशा: राज्यसभा के लिए नामित होने के बाद बीजेपी में शामिल हुए अश्विनी वैष्णव
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निजी सचिव रह चुके वैष्णव बीजेपी की ओडिशा इकाई के अध्यक्ष और सांसद बसंत पांडा और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुए. वैष्णव के नवीन पटनायक के साथ भी मधुर संबंध रहे हैं.

भुवनेश्वर: ओडिशा में राज्यसभा के लिए होने वाले उपचुनाव में बीजेपी की ओर से प्रत्याशी बनाए जाने के बाद पूर्व आईएएस अधिकारी अश्विनी वैष्णव शनिवार को बीजेपी में शामिल हो गए. वहीं कांग्रेस ने उनकी उम्मीदवारी को सत्तारूढ़ बीजेडी की ओर से समर्थन दिए जाने के पीछे एक 'सौदा' होने का इशारा किया है.
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निजी सचिव रह चुके वैष्णव बीजेपी की ओडिशा इकाई के अध्यक्ष और सांसद बसंत पांडा और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुए. बीजेपी की तरफ से पूर्व नौकरशाह को पांच जुलाई को होने वाले राज्यसभा उपचुनावों के लिए अपना उम्मीदवार घोषित करने के तुरंत बाद ओडिशा के मुख्यमंत्री और बीजेडी अध्यक्ष नवीन पटनायक ने उन्हें अपनी पार्टी का समर्थन देने की घोषणा की.
वैष्णव के पटनायक के साथ मधुर संबंध रहे हैं जिनकी पार्टी बीजू जनता दल (बीजेडी) वाजपेयी के समय में बीजेपी की सहयोगी थी. हालांकि विपक्षी कांग्रेस सत्तारूढ़ बीजेडी पर यह आरोप लगाते हुए जमकर बरसी कि उसकी बीजेपी के साथ साठगांठ है जो राज्यसभा उपचुनाव में पार्टी के प्रत्याशी को समर्थन देने की घोषणा से उजागर हो गई है.
कांग्रेस के दिग्गज नेता और विधायक नरसिंह मिश्रा ने कहा कि बीजेडी सभी तीन सीट पर हो रहे उपचुनाव में जीतने की स्थिति में थी क्योंकि वर्तमान में 145 सदस्यीय राज्य विधानसभा में उसके 111 सदस्य हैं. इसलिए बीजेडी और बीजेपी के बीच छिपे हुए संबंध अब सामने आ गए हैं. ये उपचुनाव अच्युत सामंत, सौम्य रंजन पटनायक और पी के देब द्वारा खाली की गई सीटों पर होंगे.
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