Farooq Abdullah Firing: 'मैं उन्हें 20 साल से मारना चाहता था', फारूक अब्दुल्ला पर फायरिंग करने वाला कमल सिंह जामवाल कौन?
Farooq Abdullah Firing: नेशनल कॉन्फ्रेंस चीफ फारूक अब्दुल्ला पर हुए हमले पर नाराजगी जताते हुए जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अल्लाह मेहरबान है. मेरे पिता बाल-बाल बच गए.

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर बुधवार की रात जानलेवा हमले की कोशिश हुई. वह जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके स्थित 'होटल रॉयल पार्क' में एक वकील की शादी में शामिल होने पहुंचे थे. इसी दौरान हमलावर ने पूर्व सीएम पर बहुत ही नजदीक से फायर किया. अधिकारियों ने बताया कि यह घटना उस समय हुई जब फारूख अब्दुल्ला, उपमुख्यमंत्री चौधरी और मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी समारोह स्थल से निकल रहे थे. गोली चलाने वाले आरोपी की पहचान कमल सिंह जामवाल के रूप में हुई है.
हमलावर जामवाल पुरानी मंडी इलाके का रहने वाला है. वह पिस्तौल लेकर फारूक अब्दुल्ला के पीछे पहुंचा और गोली चला दी. जम्मू कश्मीर पुलिस की सुरक्षा शाखा के दो अधिकारियों—एक इंस्पेक्टर और एक सब इंस्पेक्टर ने उसे काबू कर लिया. डिप्टी सीएम चौधरी ने इस घटना को सुरक्षा में चूक बताया है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि जामवाल की उम्र 70 साल से अधिक है और हमले के समय वह नशे की हालत में था. उन्होंने बताया कि सुरक्षाकर्मियों द्वारा उसका हथियार छीने जाने और जमीन पर गिराए जाने से पहले उसने एक गोली चलाई.हालांकि गोलीबारी में कोई घायल नहीं हुआ.
हमलावर के दावे से पुलिस हैरान
आरोपी ने पुलिस के सामने जो दावे किए हैं, उनसे वो भी हैरान है. जामवाल ने पुलिस को बताया कि वह पिछले करीब 20 सालों से फारूक अब्दुल्ला की हत्या की योजना बना रहा था. हालांकि उसने इसे व्यक्तिगत एजेंडा बताया. सुरक्षाकर्मियों ने उसके पास से एक पिस्टल बरामद की है, जिसको वह लाइसेंसी बता रहा है.
घटना में कोई आतंकी पहलू? पुलिस ने बताया
अधिकारियों के अनुसार, फारूक अब्दुल्ला और चौधरी JKNC के नेता बीएस चौहान को उनके बेटे की शादी पर बधाई देने आए थे और वे कार्यक्रम स्थल पर एक घंटे से अधिक समय तक मौजूद रहे. सिटी साउथ के पुलिस अधीक्षक अजय शर्मा ने ‘X’ पर एक पोस्ट में कहा, 'जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुक अब्दुल्ला की मौजूदगी में एक शादी समारोह में लाइसेंसी हथियार से गोलीबारी की घटना हुई. आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और विस्तृत जांच जारी है. इसमें आतंकी पहलू का कोई संदेह नहीं है.'
इस हमले का वीडियो आया सामने
इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपी को फारूक अब्दुल्ला के एकदम पास जाकर फायरिंग करते हुए देखा जा सकता है. जैसे ही वो फायर करता है, वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी उसे गिराकर काबू कर लेते हैं. जम्मू कश्मीर के कैबिनेट मंत्री सतीश शर्मा ने एबीपी न्यूज़ से बातचीत में कहा कि इस घटना की जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि फारूक अब्दुल्ला हिंदुस्तान के बड़े लीडर हैं, उनकी ढंग की सिक्योरिटी तो होनी चाहिए. ये सुरक्षा चूक है हालांकि वो बिल्कुल ठीक हैं. वो जब यहां से निकले तो उनके चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी.
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उपमुख्यमंत्री ने घटना पर चिंता जताते हुए पत्रकारों से कहा कि आपको सुरक्षाकर्मियों और पुलिस से पूछना चाहिए कि इतनी बड़ी चूक कैसे हुई. उन्होंने कहा, 'यह सुरक्षा में बहुत बड़ी चूक है. जब पूर्व मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री के सलाहकार किसी समारोह में मौजूद हों और कोई व्यक्ति हथियार लेकर अंदर घुस सकता है तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि सुरक्षा व्यवस्था कैसी रही होगी.'
उमर अब्दुल्ला ने घटना पर जताई नाराजगी
इस हमले पर नाराजगी जताते हुए जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, 'अल्लाह मेहरबान है. मेरे पिता बाल-बाल बच गए.' उन्होंने X पर एक पोस्ट में कहा कि फिलहाल विवरण अस्पष्ट हैं, लेकिन जो ज्ञात है वह यह है कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ 'बिल्कुल करीब' आकर गोली चलाने में कामयाब हो गया. मुख्यमंत्री ने कहा, 'अंदरुनी घेरे के सुरक्षा दस्ते ने हमले के प्रयास को नाकाम कर दिया. इस समय जवाबों से ज्यादा सवाल हैं, जिनमें यह भी शामिल है कि Z प्लस श्रेणी के साथ NSG सुरक्षा प्राप्त पूर्व मुख्यमंत्री के इतने करीब कोई व्यक्ति कैसे पहुंच गया.'
Source: IOCL


























