ईडी के मुताबिक, अवैध कमाई का एक बड़ा हिस्सा नकद के रूप में रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचाया गया। एजेंसी का दावा है कि उनके कहने पर कैश कांग्रेस प्रदेश कार्यालय (राजीव भवन) भेजा गया था।
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में ED का एक्शन, कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल गिरफ्तार
Chhattisgarh Liquor Scam: एजेंसी का दावा है कि रामगोपाल अग्रवाल के कहने पर सिंडिकेट से जुड़े लोगों के जरिए कैश रायपुर स्थित राजीव भवन यानी उस समय कांग्रेस प्रदेश कार्यालय पहुंचाया गया.

- अग्रवाल के निर्देश पर अवैध कैश कांग्रेस कार्यालय पहुंचाया गया।
छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है. ईडी के रायपुर जोनल ऑफिस ने मंगलवार (11 अगस्त, 2026) को छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्कालीन कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को PMLA यानी मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत गिरफ्तार किया है. इसके बाद उन्हें रायपुर की विशेष PMLA कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 18 अगस्त तक यानी 7 दिन की ईडी रिमांड में भेज दिया है.
ईडी ने शराब घोटाले में किस-किस पर लगाया आरोप?
रामगोपाल अग्रवाल पहले से रायपुर सेंट्रल जेल में अंडरट्रायल के तौर पर बंद थे. ईडी ने छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच के दौरान उन्हें गिरफ्तार किया है. ED के मुताबिक, साल 2019 से 2023 के बीच छत्तीसगढ़ के शराब कारोबार में एक सिंडिकेट ने बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की थी. जांच में करीब 3,000 करोड़ रुपये की अवैध कमाई यानी अपराध से हासिल रकम का पता चला है.
ED का आरोप है कि इस सिंडिकेट में रिटायर्ड IAS अधिकारी अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर और ITS अधिकारी अरुणपति त्रिपाठी समेत अन्य लोग शामिल थे. आरोप है कि शराब की बिक्री, बिना हिसाब की शराब, डिस्टिलरी से कमीशन और विदेशी शराब कंपनियों से कमीशन के जरिए बड़ी रकम जुटाई गई थी.
ईडी की जांच में क्या हुआ खुलासा?
ED की जांच में सामने आया है कि इस अवैध कमाई का एक बड़ा हिस्सा कैश के रूप में रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचाया गया. एजेंसी का दावा है कि रामगोपाल अग्रवाल उस समय छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष थे. ईडी के मुताबिक, PMLA की धारा 50 के तहत दर्ज बयानों में उन लोगों ने कैश पहुंचाने की जानकारी दी, जो इस रकम को संभालने और एक जगह से दूसरी जगह ले जाने का काम करते थे.
कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय पहुंचाए जाते थे सिंडिकेट के पैसे- ईडी
एजेंसी का दावा है कि रामगोपाल अग्रवाल के कहने पर सिंडिकेट से जुड़े लोगों के जरिए कैश रायपुर स्थित राजीव भवन यानी उस समय कांग्रेस प्रदेश कार्यालय पहुंचाया गया. ईडी का कहना है कि रामगोपाल अग्रवाल को पूछताछ के लिए चार बार समन भेजे गए थे, लेकिन वो एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए.
बाद में उनका बयान दर्ज किया गया, जिसमें ईडी के मुताबिक उन्होंने कई सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं दिए और टालमटोल वाला रवैया अपनाया. इस मामले में ईडी की जांच अभी जारी है. एजेंसी शराब घोटाले से जुड़े पैसों के लेन-देन और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है.
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