Plane Hijack Rumour: एयर इंडिया फ्लाइट से क्यों मिला हाईजैक का सिग्नल? खुल गया राज; जानें क्या हुआ था 27 जनवरी की रात
Plane Hijack Rumour: 27 जनवरी की रात दिल्ली में एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को एक पायलट की ओर से प्लेन हाईजैक होने का सिग्नल मिला था. इस मामले की जांच के लिए एक कमिटी बनाई गई थी.

Plane Hijack Rumour: 27 जनवरी की रात सिविल एविएशन से जुड़े अधिकारियों और सुरक्षा एजंसियों के लिए दिमाग हिला देने वाली रात रही थी. करीब 2 घंटे तक अधिकारियों के होश उड़े हुए थे. कारण यह था कि एक प्लेन से हाईजैक का सिग्नल मिला था. विमान ने जब सुरक्षित लैंडिंग की तब जाकर अधिकारियों ने राहत की सांस ली थी. हालांकि इसके बावजूद इस पूरे मामले की जांच के लिए एक कमिटी बना दी गई थी. इस मामले में अब तक जांच में क्या-क्या सामने आ रहा है, पढ़ें...
दो वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) को संदेह है कि तकनीकी खराबी के कारण ऐसा हुआ होगा. DGCA का मानना है कि ट्रांसपोंडर की खराबी के कारण विमान से हाईजैक का सिग्नल गया है.
एक अधिकारी ने बताया कि इंडियन एयरफोर्स ने अपनी जांच रिपोर्ट में इस सिग्नल को तकनीकी गलती बताया है. वहीं, नागरिक उड्डयन मंत्रालय के एक अधिकारी ने भी यह पुष्टि की है कि ऐसा लग रहा है कि यह घटना कोड में गलती के कारण हुई.
एयर इंडिया के एक अधिकारी ने बताया कि इस घटना में फ्लाइट क्रू में से किसी की भी संलिप्तता का संकेत नहीं मिला है, जिससे लगता है कि यह एक तकनीकी खामी थी. एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के एक पूर्व अधिकारी ने कहा, कोड का ओवरलैप होना एक दुर्लभ घटना है. एयर ट्रैफिक कंट्रोल को भेजे गए कोड के कारण की पूरी तरह से जांच की जानी चाहिए. बता दें कि डीजीसीए ने AAI से घटना के बारे में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.
क्या हुआ था उस रात?
27 जनवरी की रात 8.40 पर एयर इंडिया की फ्लाइट AI-2957 ने नई दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से उड़ान भरी. प्लेन को मुंबई उतरना था लेकिन उड़ान भरने के चंद मिनट बाद ही पायलट की ओर से दिल्ली के एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को एक इमरजेंसी सिग्नल मिला. यह सिग्नल 'squawk 7500' था, जो कि प्लेन हाईजैकिंग का सिग्नल था.
मिनटों में कमिटी बन गई और सुरक्षा एजंसियों को अलर्ट भेजा गया
सिग्नल मिलते ही एक प्रोटोकॉल बनाया गया, जिसके तहत मुंबई एयरपोर्ट, सुरक्षा एजेंसियों और भारतीय वायुसेना को अलर्ट किया गया. सिविल एविएशन से जुड़ी संस्थाओं की एक सेंट्रल कमिटी बना दी गई. हालांकि कुछ ही देर बाद पायलट ने ATC को बताया कि सिग्नल गलत था, प्लेन हाईजैक नहीं हुआ है. हालांकि इसके बावजूद कमिटी ने लापरवाही न बरतते हुए अपनी तैयारी पूरी रखी. प्लैन के मुंबई एयरपोर्ट पर लैंडिंग के वक्त पूरी इमरजेंसी डिक्लेयर की गई. लैंडिंग के एक घंटे बाद यात्री प्लेन से बाहर आ पाए थे. इस पूरी घटना के बाद DGCA ने BCAS और CISF के साथ मिलकर एक जांच कमिटी बनाई थी.
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Source: IOCL






















