Immigration Crisis: 'पैरों में जंजीरें, हाथों में हथकड़ी, फिर प्लेन में चढ़ाया', पढ़िए हरप्रतीत की कहानी, जिसे US ने किया डिपोर्ट
Illegal Immigration: नागपुर निवासी हरप्रीत सिंह ललिया ने बताया कि उन्हें हथकड़ी और जंजीरों में बांधकर लाया गया. उन्होंने कहा कि कनाडा जाने के लिए 50 लाख खर्च किए, लेकिन एजेंट की गलती से सपना टूट गया.

US Immigration: अमेरिका से डिपोर्टेशन किए गए 104 भारतीयों में से एक नागपुर निवासी हरप्रीत सिंह ललिया ने अपने दर्दभरे अनुभव को शेयर किया. उन्होंने बताया कि अमेरिका से भारत लाते समय उनके हाथों में हथकड़ी और पैरों में जंजीर डालकर फ्लाइट में चढ़ाया गया. ललिया ने कहा कि उनका सपना कनाडा जाकर काम करने का था, लेकिन एक एजेंट की गलती ने उनके अरमानों को चकनाचूर कर दिया.
हरप्रीत सिंह ललिया ने बताया कि उन्होंने बैंकों और रिश्तेदारों से 50 लाख रुपये उधार लिए थे जो अब पूरी तरह बर्बाद हो चुके हैं. अमेरिका पहुंचने के लिए उन्होंने बेहद कठिन और खतरनाक रास्ता तय किया. इस दौरान स्पेन, ग्वाटेमाला, निकारागुआ, होंडुरास और मैक्सिको होते हुए वे अमेरिकी सीमा तक पहुंचे. उन्होंने बताया कि मैक्सिको में उन्हें माफिया ने पकड़ लिया और 10 दिन तक बंधक बनाए रखा. इसके बाद उन्हें पहाड़ चढ़कर 16 घंटे तक पैदल चलना पड़ा.
अमेरिका से 104 भारतीयों का डिपोर्टेशन
बुधवार (5 फरवरी) को एक अमेरिकी सैन्य विमान अमृतसर पहुंचा जिसमें अलग-अलग राज्यों के 104 अवैध प्रवासी थे. इनमें 33-33 लोग हरियाणा और गुजरात से, 30 पंजाब से, तीन-तीन महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश से और दो चंडीगढ़ से थे. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के तहत ये पहला मौका था जब भारतीयों को इस तरह डिपोर्टेशन किया गया.
एजेंट की गलती बनी जीवनभर की सजा
हरप्रीत सिंह ने बताया कि उनका मकसद सिर्फ कनाडा जाकर काम करना था, लेकिन एजेंट की लापरवाही की वजह से उन्हें इस भयावह स्थिति से गुजरना पड़ा. उन्होंने कहा कि अमेरिका में हिरासत में रहने के दौरान उन्हें बेहद अमानवीय व्यवहार का सामना करना पड़ा और अंत में निर्वासित कर दिया गया. अब न केवल उनका सपना टूट चुका है बल्कि भारी कर्ज का बोझ भी उन पर है.
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Source: IOCL























