दिल्ली हिंसा: कांग्रेस की पूर्व पार्षद इशरत जहां गिरफ्तार, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजी गईं
दिल्ली के खुरेजी इलाके में 26 फरवरी को हिंसा भड़काने के आरोप में कांग्रेस की पूर्व पार्षद इशरत जहां को गिरफ्तार कर लिया गया है. इशरत को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है.

नई दिल्ली: सीएए के विरोध में दंगा केवल नॉर्थ-ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के में ही नहीं बल्कि शाहदरा डिस्ट्रिक्ट में भी हुआ. यहां के खुरेजी इलाके में 26 फरवरी को हिंसा हुई. पुलिस ने इस मामले में कांग्रेस की पूर्व निगम पार्षद इशरत जहां को गिरफ्तार किया है. पुलिस का आरोप है कि दंगा भड़काने में इशरत जहां का हाथ है, जो बीते लंबे समय से खुरेजी इलाके में सीएए और एनआरसी के विरोध में प्रदर्शन कर रही थी.
पुलिस का दावा है कि 26 फरवरी को यहां पर फ्लैग मार्च किया जा रहा था. अचानक से कम्युनिटी सेंटर की तरफ से कुछ लोग एकत्रित होकर आए और उन्होंने पुलिस पर पथराव कर दिया. पुलिस का दावा है कि गोली भी चलाई गई. जिसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए लाठीचार्ज किया. इस मामले में पुलिस ने जगतपुरी थाने में दंगे की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है और इशरत जहां समेत कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है. फिलहाल इशरत जहां को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
दरअसल 26 फरवरी को खुरेजी इलाके में उपद्रव हुआ था. जिसके बाद से यहां के लोगों ने यह तय किया कि हमारे इलाके में किसी प्रकार का दंगा नहीं होना चाहिए. इसके बाद सभी धर्मों और कौमों के लोगों ने मिलकर एक मार्च निकालने का निर्णय लिया. खुरेजी में निकाले गए पीस मार्च में सभी धर्म और जाति के लोगों ने मिलकर इलाके में अमन शांति का संदेश दिया. पीस मार्च के दौरान शाहदरा जिले के डीसीपी भी मौजूद रहे.
इस मार्च में शामिल अमन कमेटी के परवेज ने बताया कि इस मार्च में चारों धर्मों के लोग हैं, जो शांति की कामना करते हुए यहां पर मार्च निकाल रहे हैं. हम यहां पर सालों से एक साथ रहते हुए आए हैं और हम नहीं चाहते कि हमारे इलाके में किसी तरह का कोई उपद्रव हो. इसलिए इलाके की पुलिस के साथ मिलकर हम मार्च निकाल रहे हैं.
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