राज्यसभा में OBC आरक्षण पर विवाद: BJP सांसद के बयान पर विपक्ष का वॉकआउट, सरकार ने किया विरोध
जीरो आवर के दौरान बीजेपी सांसद के लक्ष्मण ने कहा कि कुछ राज्य मुस्लिम समुदाय को OBC श्रेणी में शामिल कर आरक्षण दे रहे हैं और सरकार से ऐसे मामलों की व्यापक समीक्षा करने का आग्रह किया.

राज्यसभा में सोमवार (30 मार्च, 2026) को OBC आरक्षण के मुद्दे पर तीखी बहस के बीच विपक्ष ने वॉकआउट किया. यह विवाद बीजेपी सांसद के लक्ष्मण के उस बयान के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राज्यों में धर्म के आधार पर OBC आरक्षण का दुरुपयोग हो रहा है.
जीरो आवर के दौरान लक्ष्मण ने कहा कि कुछ राज्य मुस्लिम समुदाय को OBC श्रेणी में शामिल कर आरक्षण दे रहे हैं और सरकार से ऐसे मामलों की व्यापक समीक्षा करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि आरक्षण का आधार सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ापन होना चाहिए.
उनके बयान पर विपक्षी सांसदों ने आपत्ति जताई और इसे संविधान की भावना के खिलाफ बताया. इसके बाद कई विपक्षी दलों के सदस्य सदन से वॉकआउट कर गए. कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, 'जीरो आवर में जो मुद्दा उठाया गया, वह मंडल आयोग और भारतीय संविधान की भावना के खिलाफ है… यह अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है.'
आरजेडी सांसद मनोज कुमार झा ने कहा, 'इन्हें संविधान और पिछड़ा वर्ग आयोग की समझ नहीं है… ये संविधान की मूल भावना के खिलाफ जा रहे हैं.' DMK सांसद पी. विल्सन ने कहा, 'आज BJP कह रही है कि OBC कोटे में किसी भी मुस्लिम को आरक्षण नहीं मिलना चाहिए… हम इसका विरोध करते हैं और इसकी निंदा करते हैं.'
विपक्ष के वॉकआउट पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा ने कहा, 'कांग्रेस और INDI गठबंधन को न लोकतंत्र में रुचि है, न संसदीय मर्यादा में… वे तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं.' उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष ने चर्चा में भाग लेने के बजाय सदन से बाहर जाना चुना.
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