जेल से AAP सांसद संजय सिंह ने लिखी चिट्ठी, 7 पन्ने में क्या कुछ लिखा है?
Delhi Excise Policy Case: दिल्ली शराब नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में जेल में बंद आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय़ सिंह ने लेटर लिखते हुए कहा कि बीजेपी ने लोगों के लिए कोई काम नहीं किया है.

Sanjay Singh Letter: दिल्ली शराब नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में जेल में बंद आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला किया. उन्होंने जेल से चिट्ठी लिखते हुए कहा कि मैं हर लड़ाई लड़ने को तैयार हूं. आप भी तानाशाही के ख़िलाफ अपनी आवाज़ बुलंद कीजिए, जय हिंद.
सिंह ने कहा कि वर्षों में आम आदमी पार्टी राष्ट्रीय पार्टी बन गई. तीन बार दिल्ली में AAP की सरकार बनी, पंजाब में भी प्रचंड बहुमत से सरकार बनी, गुजरात के गढ़ को भेदने में भी केजरीवाल जी को सफलता मिली. आजादी के बाद देशभर में तमाम सरकारें बनी, लेकिन शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में जैसा सराहनीय कार्य केजरीवाल सरकार ने किया वह देश और दुनिया में एक उदाहरण बन गया.
संजय सिंह ने लेटर में लिखा, ''अरविंद केजरीवाल का काम मोदी सरकार की आंखों की किरकिरी बन गया. बीजेपी को लगा अगर देश की जनता शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी पर वोट देने लगी तो हमारा क्या होगा? आम आदमी पार्टी ना तो जातिवाद फैलाती, न ही धर्म के नाम पर समाज को बांटने का काम करती है. यह तो काम की राजनीति कर रही है. इनका मुकाबला कैसे करें? मोदी और बीजेपी के लिए यह बड़ी कठिनाई बन गई. इसी कारण इन्होंने दमन का रास्ता अपनाया, जिस पार्टी को चुनाव में नहीं हरा सकते उनको डराओ, धमकाओं, झूठ फैला कर बदनाम करो.''
संजय सिंह ने क्या कहा?
संजय सिंह ने लेटर में लिखा कि जेल की सलाखों के पीछे कई दिन बीत चुके हैं. हर दिन के साथ निरंकुश सत्ता से लड़ने की इच्छाशक्ति और मजबूत हो रही है. इन दिनो का सदुपयोग मैने राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की "सत्य के प्रयोग", डा. राममनोहर लोहिया की "जाति प्रथा" और नेल्सन मंडेला की जीवनी पढ़ने से की. इन महापुरुषों के संघर्ष, राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण को पढ़कर लगा कि हर दौर में जुर्म और तानाशाही के खिलाफ लड़ने वाले लोगों को हुकूमत ने अपने दमन का शिकार बनाया है, लेकिन यह भी सच है कि दमन जितना उग्र होता है विरोध और जन आक्रोश भी उतना ही तीव्र होता है.
— AAP (@AamAadmiParty) November 15, 2023
उन्होंने कहा कि महान पुरुष नेल्सन मंडेला ने 67 साल तक अपने देश को आजाद करने की लड़ाई लड़ी, स्वतंत्रता संग्राम में उन्हें 27 साल तक दक्षिण अफ्रीका की जेल में रखा गया। 21 साल के बाद वह अपनी पत्नी से मुलाकात कर सके. तमाम यातनाओं और जुर्म सहने के बाद पूरा देश उनके साथ खड़ा हुआ, दक्षिण अफ्रीका आजाद हुआ। उनको नेशनल शांति पुरस्कार, भारत रत्न सहित 695 अंतर्राष्ट्रीय सम्मान मिले.
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Source: IOCL

























