एक्सप्लोरर

प्लाज्मा डोनेट कर इंसानियत की मिसाल कायम कर रहे हैं राजधानी के कोरोना वारियर्स

प्लाजमा थेरेपी कोरोना की जंग में कारगर हथियार साबित हो रहा है. फ्रंटलाइन वारियर्स ठीक होने के बाद प्लाज्मा भी डोनेट कर रहे हैं.

नई दिल्ली: देश दुनिया में पिछले कई महीनों से कोरोना का टीका और इलाज ढूंढने का प्रयास जारी है. हालांकि अभी तक इसमें पूर्ण रूप से कामयाबी नही मिल पाई है. लेकिन वहीं कई ऐसे तरीके अपनाए जा रहे हैं जिससे संक्रमित लोगों की सेहत में सुधार देखा गया है. इन तरीकों में सबसे कारगर साबित होता हुआ नजर आ रहा है प्लाज्मा थेरेपी.

प्लाज़्मा थेरेपी में डॉक्टर खून के तत्वों से प्लाज्मा को अलग करते हैं. जिसमें एंटीबॉडीज शामिल होती हैं. इसको बीमारी से लड़ने वाले लोगों को दिया जाता है. अभी कुछ दिनों पहले जब दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे तब उनके इलाज में भी प्लाज्मा थेरेपी की गई थी. हाल ही में दिल्ली में देश का पहला प्लाज्मा बैंक खोला गया. मगर प्लाज़्मा बैंक खुलने के बाद भी डोनर्स की कमी देखी जा रही है. इसके चलते सरकार हर माध्यम से ठीक हो चुके मरीज़ों को प्लाज्मा डोनेट करने की अपील कर रही है.

कई वारियर्स फ्रंटलाइन पर खड़े होकर संक्रमित मरीज़ों की सेहत में सुधार लाने के प्रयास में लगे हुए हैं. डॉक्टर, नर्सेस और पैरामेडिकल स्टाफ जान जोखिम में डालकर पूरी ईमानदारी से चिकित्सा कार्यों में जुटे हुए हैं. अब खबर ऐसी भी आने लगी है कि कई फ्रंटलाइन वारियर्स ठीक होने के बाद प्लाज्मा भी डोनेट कर रहे हैं. ज़्यादा गम्भीर विपदा के समय उनका ये कदम इनसानियत में विश्वास को और भी कड़ा कर रहा है. दिल्ली के लेडी हार्डिंग अस्पताल के दो डॉक्टर्स से एबीपी न्यूज ने बात की जिन्होंने हाल ही में अपना प्लाज्मा डोनेट किया.

23 साल की डॉक्टर पूजा मीना सर्जरी डिपार्टमेंट में एक कोविड पॉजिटिव मरीज के सम्पर्क में आने से 29 अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव पाई गई थीं. उनका कहना है कि उन्हें किसी भी प्रकार के लक्षण नहीं थे. शुरुआती दिनों में उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा. लेकिन जैसे जैसे दिन बीतने लगे उनकी हिम्मत भी वापस आने लगी. उन्हें 14 दिन के लिए YMCA में आइसोलेट किया गया और ठीक होने के बाद 7 दिन होम आइसोलेशन में रखा गया. लगभग एक महीने बाद उन्होंने अपना प्लाज्मा डोनेट किया.

उनका कहना है कि प्लाज्मा डोनेट करने की कुछ शर्तें होती हैं. उन सबको मद्देनज़र रखते हुए ही प्लाज्मा डोनेट किया जा सकता है. उन्होंने बताया कि प्लाजमा डोनर्स की उम्र 18-6० साल, हीमोग्लोबिन 12.5 से ज़्यादा और एयर वज़न 50 किलो से ज़्यादा होने चाहिए. इसके साथ साथ कई और स्क्रीनिंग टेस्ट कराए जाने की भी जरूरत होती है. सक्रीनिंग टेस्ट क्लियर होने के बाद फिर अगले दिन डोनेशन के लिए बुलाया जाता है. डोनेशन में एक ऑटोमेटेड मशीन की मदद से 500 ml खून लिया जाता है. मशीन खून में से प्लाज्मा को अलग कर देती है और खून को वापिस शरीर में मशीन के ज़रिए ही डाल दिया जाता है.

डॉक्टरों ने की प्लाजमा डोनेट करने की अपील

500 ml खून शरीर से निकल जाता है तो उसकी भरपाई के लिए नार्मल सेलाइन दिया जाता है. प्लाज्मा डोनर्स को उनकी सलाह है कि उसे पानी पीते रहना चाहिए. साथ ही खाना अच्छे से खाना चाहिए. उनका कहना है, "केस के मुकाबले डोनेट करने वालो की संख्या बेहद ही कम है तो ऐसे में लोगों से यही निवेदन है कि प्लाज्मा डोनेट ज़रूर करें. आप किसी की ज़िंदगी ही बचा रहे हैं. अगर आप दे सकते हैं तो ज़रूर प्लाज्मा दीजिए. पूरी सावधानी बरतते हुए ही सुरक्षित तरीके से प्लाज्मा शरीर से लिया जाएगा तो डरने की कोई बात नहीं है. आपका एक कदम किसी को जीवन दान दे सकता है."

वहीं 25 साल के डॉक्टर नितेश बस्सी लेडी हार्डिंग अस्पताल में रेजिडेंट हैं. उन्होंने बताया, "पिछले 4 महीने से लेडी हार्डिंग अस्पताल के सभी स्वास्थ्यकर्मी दिन रात अपना कर्तव्य निभा रहे हैं. ड्यूटी पर तैनाती के दौरान उनमें भी कोरोना लक्षण नजर आने लगे. बुखार, सूखी खांसी और गले में खराश होने लगी थी जिसके बाद उन्होंने अपना कोविड टेस्ट करवाया. जांच में उनका नतीजा पॉजिटिव निकला. उसके बाद 17 दिन तक उन्हें आइसोलेशन में रहना पड़ा."

प्लाजमा डोनेट करने की है कुछ शर्तें

उनका कहना है कि प्लाज्मा डोनेट करने की प्रेरणा उन्हें वैज्ञानिक जानकारी से मिली. जिसमें ये बात सामने आई थी कि मोडरेट से सीवियर कोरोना संक्रमित मरीज़ों की प्लाज्मा डोनेशन से मदद की जा सकती है. जब उनसे पूछा गया कि कुछ लोग अभी भी हैं जो प्लाज्मा डोनेट नहीं कर रहे हैं और इस पूरी प्रक्रिया में आखिर होता क्या है जिससे लोग इतना घबरा रहे हैं? इसके जवाब में डॉक्टर नितेश ने कहा, "प्लाज्मा डोनेशन बेहद ही साधारण और सुरक्षित मेथड है. कोई भी मरीज़ जिसको कोरोना से ठीक हुए 14 दिन हो चुके हैं, उम्र 18 से 60 साल के बीच है, वज़न 50 किलो से ज़्यादा है और जिसे डायबिटीज, हायपेरटेंशन, मोटापा, गुर्दे में फेलियर नहीं है वो अपना प्लाज्मा डोनेट कर सकता है.

एक कदम इंसानियत के आ सकता बड़ा काम

इन बीमारियों से जूझ रहे मरीज़ वायरस होने के ज़्यादा खतरे में रहते हैं. ऐसे लोगों को प्लाज़्मा डोनेट करने से बचना चाहिए." इसके साथ ही उन्होंने बताया कि अस्पताल में ट्रांसपोर्टेशन, रिफ्रेशमेंट और कोविड सर्टिफिकेट जैसी चीजें भी प्रोत्साहन के लिए दी जा रही हैं. उनका कहना है कि जो मरीज़ कोरोना से ठीक हो चुका है उसे आगे आकर अपना प्लाज्मा डोनेट करना चाहिए. डोनेशन की पूरी प्रक्रिया बहुत ही सुरक्षित तरीके से की जाती है. यह देश हित के लिए है. ऐसा करके ज़्यादा से ज़्यादा लोगों की जान बचाई जा सकती है. गौरतलब है कि दिल्ली की रिकवरी रेट अच्छी होने के बावजूद भी कोविड से लड़ रहे लोगों के लिए प्लाज़्मा की कमी नज़र आ रही है. ऐसे में महासंकट की घड़ी में संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों का आगे बढ़कर प्लाज्मा ज़रूर डोनेट करना चाहिए.

दिल्ली: कोरोना से हुई मौतों पर स्वास्थ्य विभाग ने केजरीवाल को सौंपी रिपोर्ट, सरकार का दावा- प्रतिदिन होने वाली मौतों में आई गिरावट

DCGI ने 'आइटोलीजुमैब इंजेक्शन' को कोरोना के गंभीर मरीज़ों पर इस्तेमाल की दी इजाज़त 

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

'कोविड वैक्सीन से लोगों को हुए नुकसान के लिए मुआवजा नीति बनाए केंद्र', सुप्रीम कोर्ट का आदेश
'कोविड वैक्सीन से लोगों को हुए नुकसान के लिए मुआवजा नीति बनाए केंद्र', सुप्रीम कोर्ट का आदेश
'रूसी महिला का पता लगाएं और पिता को बच्चे से मिलवाएं', सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को दिया निर्देश
'रूसी महिला का पता लगाएं और पिता को बच्चे से मिलवाएं', सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को दिया निर्देश
गैस की किल्लत होने पर सबसे पहले किसे मिलेगा सिलेंडर? भारत सरकार की लिस्ट में कब आएगा आपका नंबर
गैस की किल्लत होने पर सबसे पहले किसे मिलेगा सिलेंडर? भारत सरकार की लिस्ट में आपका नंबर कब आएगा
'दुर्गा पूजा को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए क्या कर रही सरकार', BJP सांसद ने पूछा सवाल, क्या मिला जवाब
'दुर्गा पूजा को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए क्या कर रही सरकार', BJP सांसद ने पूछा सवाल, क्या मिला जवाब

वीडियोज

Donald Trump ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर...ईरान पर बहुत बड़े दावे कर दिए! | Iran-Israel War Update
Iran New Supreme Leader: इजरायल पर ईरान की खतरनाक प्लानिंग पर ट्रंप का खुलासा | Mojtaba Khamenei
Iran-Israel War : अमेरिका ने ईरान के हजारों ठिकानों पर किया हमला | Trump । Mojtaba
Sansani: Iran में खामेनेई 2.0 के 'दुस्साहस' का दौर ! | Iran- Israel War
Iran Israel War: क्या Middle East War अब और फैलने वाला है? | Big Breaking

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'जहाज छोड़ो एक लीटर तेल भी नहीं जाएगा', अमेरिका की धमकी पर ईरान का सीधा जवाब, अब क्या करेंगे ट्रंप?
'जहाज छोड़ो एक लीटर तेल भी नहीं जाएगा', अमेरिका की धमकी पर ईरान का सीधा जवाब, अब क्या करेंगे ट्रंप?
क्रिकेटर कुलदीप यादव लेंगे सात फेरे, लखनऊ में रिशेप्शन में CM योगी समेत कई हस्तियां होंगी शामिल
क्रिकेटर कुलदीप यादव लेंगे सात फेरे, लखनऊ में रिशेप्शन में CM योगी समेत कई हस्तियां होंगी शामिल
Israel-Iran War: 'अमेरिका नहीं हम तय करेंगे कब खत्म होगी जंग', ट्रंप के दावे पर फायर ईरान, दे दिया जवाब
'अमेरिका नहीं हम तय करेंगे कब खत्म होगी जंग', ट्रंप के दावे पर फायर ईरान, दे दिया जवाब
संजू सैमसन का केरल में जोरदार स्वागत, वाइफ चारुलता के इस जेस्चर ने लूटी महफिल, Video वायरल
संजू सैमसन का केरल में जोरदार स्वागत, वाइफ चारुलता के इस जेस्चर ने लूटी महफिल, Video वायरल
'दोस्ताना 2' से कटा लक्ष्य लालवानी का पत्ता? इससे पहले कार्तिक आर्यन ने भी छोड़ी थी फिल्म, वजह कर देगी परेशान
'दोस्ताना 2' से कटा लक्ष्य लालवानी का पत्ता? इससे पहले कार्तिक आर्यन ने भी छोड़ी थी फिल्म
US Israel Iran War: 'PM मोदी का एक कॉल...',अमेरिका-ईरान जंग के चलते UAE पर हो रहे हमलों को लेकर बोले पूर्व राजदूत
'PM मोदी का एक कॉल...',अमेरिका-ईरान जंग के चलते UAE पर हो रहे हमलों को लेकर बोले पूर्व राजदूत
कपड़ों पर लग गए हैं जिद्दी दाग, दो मिनट में हो जाएंगे गायब; ट्राई करें ये दमदार हैक्स
कपड़ों पर लग गए हैं जिद्दी दाग, दो मिनट में हो जाएंगे गायब; ट्राई करें ये दमदार हैक्स
फाइन आर्ट्स में करियर के शानदार मौके, जानें फैशन डिजाइनर से ग्राफिक डिजाइनर तक के विकल्प
फाइन आर्ट्स में करियर के शानदार मौके, जानें फैशन डिजाइनर से ग्राफिक डिजाइनर तक के विकल्प
Embed widget