'कब तक बूढ़े लोग...', अन्ना हजारे को लेकर ये क्या बोले गए कॉकरोच पार्टी के अभिजीत दीपके, मचा बवाल
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर आंदोलन चला रहे अभिजीत दीपके ने अन्ना हजारे पर विवादित टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि जो लोग 60-70 के हो गए हैं उनको रिटायर हो जाना चाहिए.

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर आंदोलन चला रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने अन्ना हजारे पर विवादित टिप्पणी की. दीपके ने एक सवाल के जवाब में हजारे को बुड्ढे लोग बताते हुए आश्रम में बैठने की नसीहत दी. उन्होंने कहा कि 60-70 से अधिक उम्र के लोगों को रिटायरमेंट ले लेना चाहिए, चाहे वे नेता हों या सामाजिक कार्यकर्ता.
दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 18 दिनों से प्रदर्शन कर रहे सीजेपी के दीपके अपने गृह जिला छत्रपति संभाजीनगर में पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के प्रदर्शन में शामिल हुए. पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब दीपके से सवाल किया गया कि क्या वह अन्ना हजारे से मुलाकात करेंगे, तो उन्होंने कहा कि बिल्कुल नहीं. मुझे लगता है कि युवाओं को अब चीजें अपने हाथ में लेनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि जो लोग 60-70 के हो गए हैं वो रिटायर हो जाएं. चाहें राजनीति हो या एक्टिविज्म. उनको रिटायर हो जाना चाहिए और वो आश्रम में जाकर बैठ जाएं. यह हमारे भविष्य का सवाल है, छात्रों के भविष्य का सवाल है. हमें फैसला करने दो. उन्होंने आगे कहा कि कब तक बूढ़े लोग फैसला करते रहेंगे.
अभिजीत दीपके की हो रही आलोचना
दीपके के इस बयान की लोग जमकर आलोचना कर रहे हैं. कई लोगों ने सवाल उठाया कि अगर वो बूढ़े लोगों की मदद नहीं चाहते तो सोनम वांगचुक से अनशन क्यों करा रहे हैं, जिनकी उम्र 59-60 साल के करीब है. सोशल मीडिया पर लोगों ने कहा कि अभिजीत दीपके कह रहे हैं कि अन्ना हजारे जैसे बूढ़ों से हमें कोई इंस्पिरेशन नहीं लेनी चाहिए, तो फिर खुद भूख हड़ताल क्यों नहीं कर रहे हैं. 59-60 साल के सोनम वांगचुक को क्यों आगे धकेल रहे हैं?
कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर चल रहा प्रदर्शन मंगलवार (7 जुलाई) को 18वें दिन में प्रवेश कर गया है. सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का आज 10वां दिन है. अनशन शुरू करने के बाद से उनका कुल वजन 6.9 किलो कम हो गया है.
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