'युवाओं की एक और बड़ी जीत...' NALSAR विवाद पर सौरव दास
NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के 2026 बैच के ग्रेजुएट्स को वकील के तौर पर एनरोल करने से रोका गया था. अब बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने अपने निर्देश में बदलाव कर लिया है इस पर सीजेपी के सौरव दास ने रिक्ट किया है.

बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने गुरुवार को चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के पुराने निर्देश में बदलाव को सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने युवाओं की जीत बताया है. उन्होंने मनन कुमार मिश्रा के पोस्ट को शेयर करते हुए कहा ये युवाओं की एक और बड़ी जीत है. सौरव ने मनन कुमार मिश्रा का पोस्ट शेयर किया है.
जवाबदेही की लड़ाई जारी रहेगी
सौरव ने मनन मिश्रा को पोस्ट शेयर करते हुए लिखा- ''हो गया, भाई. युवाओं के लिए एक और बड़ी जीत! लेकिन जवाबदेही की लड़ाई जारी रहेगी.'' सौरव ने कई पोस्ट शेयर किए हैं. उन्होंने मनन मिश्रा पर निशाना भी साधा है.
#Breaking🚨
— Saurav Das (@SauravDassss) August 13, 2026
It’s done, bro.
Another major victory for the youth!
But the quest for accountability will continue.@Cockroachisback https://t.co/jllQrc6irm
बार काउंसिल के चेयरमैन पर साधा निशाना
सौरव ने लिखा- दोस्तों, मिस्टर मनन कुमार मिश्रा की बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने सिर्फ एक साल में मीटिंग और कॉन्फ़्रेंस पर 14 करोड़ रुपये खर्च किए. आज उन्हें NALSAR के छात्रों के लिए जारी किए गए अपने बेहद सख्त आदेश का एक हिस्सा 1 घंटे के अंदर ही वापस लेना पड़ा. तो आखिर यह 14 करोड़ रुपये कहां और कैसे खर्च हो रहे हैं? यात्रा और रहने-सहने पर भी 12 करोड़ रुपये खर्च किए गए. लेकिन इसका नतीजा क्या निकला? अगर मिस्टर मिश्रा युवा छात्रों के खिलाफ इतना सख़्त आदेश जारी कर सकते हैं, तो उन्होंने युवा वकीलों और लॉ स्कूलों के लिए क्या भलाई का काम किया है? वह 2012 से इस पद पर हैं और 2030 तक रहेंगे. मिस्टर मिश्रा, अब आपका समय खत्म हो गया है! #LegalCockroachesUnite और उनसे जवाब-तलब करें।
🚨Friends, Mr. Manan Kumar Mishra’s Bar Council of India spent 14 CRORES on meetings and conferences in just one year.
— Saurav Das (@SauravDassss) August 13, 2026
Today, he had to withdraw a portion of his outrageous order on NALSAR students within 1 hour. So where and how is this 14 crores being spent?
12 crores was… pic.twitter.com/1OXU4YniIG
मनन मिश्रा ने शेयर किया था ये पोस्ट
उन्होंने लिखा- ''सीनियर वकीलों, बार के सम्मानित सदस्यों, लॉ के छात्रों और समाज के प्रति जागरूक नागरिकों की बातों और प्रतिक्रियाओं पर विचार करने के बाद, और इस बात से संतुष्ट होने के बाद कि NALSAR, हैदराबाद के 2026 बैच की किसी भी गड़बड़ी या आंदोलन में कोई भूमिका नहीं थी, बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने इस मामले की कार्यवाही को पूरी तरह से बंद करने का फैसला किया है. अब आगे किसी कार्रवाई की जरूरत नहीं है. मैं छात्रों के करियर के लिए उन्हें बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं. एक सलाह: हमें अपने कानूनी संस्थानों पर बहुत गर्व है, और जिस दिन आप एनरोल होते हैं, आप उनके अगुआ बन जाते हैं. अपनी राय खुलकर रखें, लेकिन सम्मान और संस्थान की मर्यादा का ध्यान रखते हुए.
#WATCH | Delhi | Chairman, Bar Council of India and MP, Manan Kumar Mishra says, "The Bar Council of India aims to protect the interests of the youth of India. I want to communicate to Abhijeet Dipke and Das (Sourav Das) that our interests are the same as theirs, to protect the… pic.twitter.com/NEFQCwij6g
— ANI (@ANI) August 14, 2026
सबसे ऊंचा न्यायिक पद हमारा सामूहिक गौरव है. लोकतंत्र में असहमति का स्वागत है, लेकिन संवैधानिक संस्थानों का सार्वजनिक मजाक उड़ाना अक्सर नुकसानदेह होता है. आधिकारिक सूचना जल्द ही जारी की जाएगी.
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