एक्सप्लोरर

जजों की छुट्टियों पर बहस: दिन में 10 घंटे और साल में 193 दिन काम, जानें- सुप्रीम कोर्ट का पूरा शेड्यूल

ट्रायल कोर्ट साल में 245 दिन खुलते हैं. सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने बताया कि जिला जजों को लीगल कैंप्स और प्रशासनिक कार्य भी करने होतै हैं. जिला जज शनिवार-रविवार को भी काम करते हैं.

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के जजों की गर्मियों की छुट्टियां 20 मई से शुरू हो रही हैं और 8 जुलाई को फिर से कोर्ट खुलेगा. यानी 48 दिन के लिए कोर्ट बंद रहेगा. जजों की इन छुट्टियों को लेकर लंबे समय से बहस चल रही है, जिस पर मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और सुप्रीम कोर्ट के जज भूषण रामकृष्ण गवई भी प्रतिक्रिया दे चुके हैं. उनका कहना है कि लोग ये छुट्टियां देख रहे हैं, लेकिन वो ये नहीं देखते हैं कि जजों को वीकली ऑफ भी नहीं मिलते हैं. सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा, 'हमारे जिला जज एक भी दिन छुट्टी नहीं लेते हैं, उन्हें लीगल कैंप्स और प्रशासनिक कार्य करने होते हैं.' जस्टिस गवई ने यह भी बताया था कि गर्मियों की छुट्टियों में भी जज जजमेंट लिखते हैं.

साल 2022 में तत्कालीन कानून मंत्री किरेन रिजीजू ने कहा था कि लोगों को ऐसा लगता है कि लंबी छुट्टियों से उन लोगों को परेशानी हो सकती है, जो मामलों में न्याय के लिए इंतेजार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह उनका दायित्व और कर्तव्य है कि वह इस संदेश को न्यायपालिका तक पहुंचाएं.

अदालतों की कब-कब होती है छुट्टी?
गर्मियों की छुट्टियों के अलावा, कोर्ट दशहरा और दिवाली पर एक-एक हफ्ते का अवकाश लेते हैं और दिसंबर के आखिर में दो हफ्ते के लिए कोर्ट बंद रहता है. छुट्टियों का यह शेड्यूल ब्रिटिश हुकूमत के समय से चलता आ रहा है, जिसकी कई बार आलोचना हो चुकी है. सुप्रीम कोर्ट की गर्मियों की छुट्टियां मई के आखिर से शुरू होकर जुलाई तक चलती हैं. 

सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और ट्रायल कोर्ट- कितने दिन करते हैं काम?
सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और ट्रायल कोर्ट में से ट्रायल कोर्ट साल में सबसे ज्यादा दिन तक काम करते हैं. सुप्रीम कोर्ट साल के 193 दिन काम करता है, जबकि हाईकोर्ट में 210 दिन काम होता है. इसके अलावा, ट्रायल कोर्ट 365 में से 245 दिन काम करते हैं. हाईकोर्ट के पास यह पावर है कि वो सेवा नियमों के अनुसार कैलेंडर को तैयार कर सकते हैं.

गर्मियों की छुट्टियों के दौरान महत्वपूर्ण सुनवाई कैसे होती हैं?
करीब 48 दिन की लंबी छुट्टियों के दौरान महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई के लिए वेकेशन बेंच बनाई जाती है, जिसमें दो से तीन जज शामिल होते हैं. ये बेंच अर्जेंट मामलों की हियरिंग करती है. जैसे जमानत याचिका या ऐसे मामले जिनमें इंतजार करने की गुंजाइश नहीं होती है, उन्हें वेकेशन बेंच में सुनवाई के लिए प्राथमिकता दी जाती है. 

कई बार वकीलों और जजों की तरफ से लंबी छुट्टियों को लेकर यह भी बताया गया कि यह ऐसा पेशा है, जिसमें कई-कई घंटों काम करना होता है. कोर्ट में काम करने के बाद घर जाकर भी केस स्टडी करनी होती है, पिछली सुनवाइयों की दलीलें पढ़नी होती हैं और फिर अगले दिन कीए हियरिंग के लिए भी तैयारी करनी होती है. ऐसे में छुट्टियों की आवश्यकता होती है. जजों का शेड्यूल देखें तो वह दिन के कम से कम 10 घंटे काम करते हैं. 10.30 से शाम 4 बजे तक कोर्ट में काम करने के बाद उन्हें अगले दिन के मामलों की सुनवाई के लिए केस स्टडी, दलीलें पढ़ना और केस के लिए तैयारी करनी होती है. जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई ने बताया था कि जब जज छुट्टियों पर जाते हैं तो वह जजमेंट भी लिखते हैं. 

जजों की छुट्टियों को लेकर एक बहस यह भी है कि जब सेशन चल रहा हो तो जज दूसरे वर्किंग प्रोफेशनल्स की तरह छुट्टी नहीं ले सकते हैं. यानी जिस तरह दूसरे क्षेत्र में काम करने वाले प्रोफेशनल्स फैमिली फंक्शन या अन्य कार्यक्रमों के लिए छुट्टी लेते हैं, वैसे जजों को नहीं लेनी चाहिए. यहां पर यह याद करना जरूरी है कि साल 2015 में याकूब मेनन के मामले में जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस प्रफुल्ल पंत की बेंच ने आधी रात को सुनवाई की और फिर अगले दिन भी कोर्ट में जाकर अन्य मामलों की हियरिंग की.

जजों को सेशन के दौरान कुछ ही मामलों में छुट्टी लेने की सुविधा है. जैसे अगर परिवार में कोई इमरजेंसी आ जाए या स्वास्थ्य से जुड़ी कोई समस्या हो जाए. हालांकि, सोशल इवेंट्स के लिए वह कभी-कभार ही छुट्टी ले सकते हैं. 

यह भी पढ़ें:-
Dhananjay Singh: जेल से छूटने के बाद पहले इंटरव्यू में पीएम मोदी-अमित शाह से संबंधों को लेकर क्या बोले धनंजय सिंह?

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

ईरान से जंग के बीच रूस से तुंगुस्का डिफेंस सिस्टम खरीदेगा भारत, हो गया ऐलान, जानें कितना खतरनाक
ईरान से जंग के बीच रूस से तुंगुस्का डिफेंस सिस्टम खरीदेगा भारत, हो गया ऐलान, जानें कितना खतरनाक
'30 अप्रैल तक इंतजार करें', सरकार ने घटाई पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी तो आया कांग्रेस का पहला रिएक्शन
'30 अप्रैल तक इंतजार करें', पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटी तो आया कांग्रेस का पहला रिएक्शन
LPG Crisis: घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की कितनी कमी? सरकार ने बताई एलपीजी से जुड़ी हर बात
घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की कितनी कमी? सरकार ने बताई LPG से जुड़ी हर बात
17 साल की लड़की को प्यार में फंसाकर कर दिया प्रेगनेंट, जानें अब कोर्ट ने आरोपी को क्या सज़ा दी है
17 साल की लड़की को प्यार में फंसाकर कर दिया प्रेगनेंट, जानें अब कोर्ट ने आरोपी को क्या सज़ा दी है

वीडियोज

महायुद्ध... आतंक का 'बारूद' !
बड़े 'धोखे' हैं ट्रंप की 'डील' में ?
Jaipur की सड़क पर लड़की का ताबड़तोड़ हमला! बुलेट भी नहीं बची
ईरानी सेना नहीं जनता से हार रहे ट्रंप!
Asim Munir से बात..PM Modi को दरकिनार क्यों?

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
LPG Crisis: घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की कितनी कमी? सरकार ने बताई एलपीजी से जुड़ी हर बात
घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की कितनी कमी? सरकार ने बताई LPG से जुड़ी हर बात
लखनऊ में जुमे की नमाज के बाद मुसलमानों का प्रदर्शन, मौलाना कल्बे जव्वाद ने किया संबोधित
लखनऊ: जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शन, मौलाना कल्बे जव्वाद बोले- सऊदी सरकार ने कब्रों और मकबरों को ढहाया
'PM मोदी और मैं निपट लेंगे...', ईरान से जंग के बीच ट्रंप का चौंकाने वाला बयान, क्या भारत का नाम घसीट रहा अमेरिका?
'PM मोदी और मैं निपट लेंगे', जंग के बीच डोनाल्ड ट्रंप का चौंकाने वाला बयान, क्या भारत का नाम घसीट रहा US?
IPL 2026 के लिए हुआ कमेंट्री पैनल का एलान, 12 भाषाओं में सुनाई देगी 160 से ज्यादा लोगों की आवाज; देखें पूरी लिस्ट 
IPL 2026 के लिए हुआ कमेंट्री पैनल का एलान, 12 भाषाओं में सुनाई देगी 160 से ज्यादा लोगों की आवाज
Box Office: 'धुरंधर 2' की सुनामी में बंपर कमाई कर रही ये फिल्म, कमाई 100 करोड़ पहुंची
'धुरंधर 2' की सुनामी में बंपर कमाई कर रही ये फिल्म, कमाई 100 करोड़ पहुंची
Kerala Assembly Elections 2026: केरल चुनाव 2026 में ये हैं 10 सबसे अमीर उम्मीदवार, किसकी संपत्ति सबसे ज्यादा, जानिए
केरल चुनाव 2026 में ये हैं 10 सबसे अमीर उम्मीदवार, किसकी संपत्ति सबसे ज्यादा, जानिए
ट्रेन-बस या मेट्रो... जेवर एयरपोर्ट के लिए कौन-सा ट्रांसपोर्ट बेस्ट? जानें फायदे का सौदा
ट्रेन-बस या मेट्रो... जेवर एयरपोर्ट के लिए कौन-सा ट्रांसपोर्ट बेस्ट? जानें फायदे का सौदा
Lakme Fashion Week: लाल लहंगे में लाल परी बन तमन्ना भाटिया ने ढाया कहर, रैंप पर उतरते ही थम गईं सबकी नजरें!
लाल लहंगे में लाल परी बन तमन्ना भाटिया ने ढाया कहर, रैंप पर उतरते ही थम गईं सबकी नजरें!
Embed widget