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LAC पर भारत से तनातनी के बीच पाकिस्तान के स्कार्दू एयरबेस को अपग्रेड करने में जुटा चीन

चीन इन दिनों लद्दाख से सटे पाकिस्तानी एयरबेस में दिन-रात ऑपरेशन के लिए नया इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने में लगा हुआ है. चीन को अकेले भारत से टक्कर लेना टेढ़ी खीर लग रहा है इसीलिए पाकिस्तान से सीक्रेट डिफेंस एग्रीमेंट किया है. बता दें कि 1971 के युद्ध में भारतीय वायुसेना ने स्कार्दू एयरबेस पर बमबारी कर पूरी तरह तबाह कर दिया था.

नई दिल्ली: एलएसी पर पिछले आठ महीने से भारत से चल रही तनातनी के बीच खबर है कि चीन अब पाकिस्तान के स्कार्दू एयरबेस को अपग्रेड करने में जुटा है ताकि वहां दिन-रात ऑपरेशन्स किए जा सकें. पूर्वी लद्दाख से सटे पाकिस्तान के इस एयरबेस को चीन बेहद अहम मान रहा है. कुछ समय पहले चीनी वायुसेना के फाइटर जेट्स भी यहां दिखाई पड़े थे.

स्कार्दू एयरबेस पर चीन ने एक नया रनवे तैयार किया है जानकारी के मुताबिक, स्कार्दू एयरबेस पर चीन ने एक नया रनवे तैयार किया है. खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्कार्दू एयरबेस पर जो नया रनवे तैयार किया गया है वहां अब दिन-रात ऑपरेशन्स करने की तैयारी की जा रही है. इसके लिए स्कार्दू बेस पर एयरफिल्ड लाइटिंग सिस्टम लगाए जा रहे हैं ताकि चौबीसों घंटे फाइटर जेट्स यहां टेकऑफ और लैंडिंग कर सकें. इस लाइटिंग सिस्टम से खराब मौसम में भी एयर-ऑपरेशन्स किए जा सकते हैं. ओपन सोर्स इंटेलीजेंस पोर्ट्ल्स ने हाल ही में स्कार्दू एयरबेस पर चल रहे निर्माण-कार्यों की सैटेलाइट तस्वीरें भी जारी की थीं.

पिछले साल पाकिस्तानी वायुसेना प्रमुख ने स्कार्दू एयरबेस का दौरा किया था आपको बता दें कि गिलगित-बालटिस्तान के स्कार्दू एयरबेस पर फिलहाल जो रनवे था वहां सिर्फ दिन में ही लड़ाकू विमान लैंडिग और टेकऑफ कर सकते थे. लेकिन लद्दाख से सटी एलएसी पर भारत के साथ टकराव को देखते हुए चीन ने पाकिस्तान के इस स्कार्दू एयरबेस को भी अपग्रेड किया है. हालांकि, अभी तक ये जानकारी नहीं है कि क्या वाकई नए एयरबेस से ऑपरेशन्स शुरू हुए हैं या नहीं. पिछले साल अक्टूबर के महीने में पाकिस्तानी वायुसेना प्रमुख ने स्कार्दू एयरबेस का दौरा किया था और चीनी फाइटर जेट, जेएफ17 मे उड़ान भी भरी थी.

भारत की घेराबंदी के लिए पाकिस्तान की मदद ले रहा है चीन

जानकारों की मानें तो चीन को लगने लगा है कि युद्ध की स्थिति में भारत से अकेले निपटने मुश्किल हो सकता है. यही वजह है कि भारत की घेराबंदी के लिए चीन पाकिस्तान की मदद ले रहा है. हाल ही में चीन के रक्षा मंत्री वे फैंगई के पाकिस्तान के दौरे के दौरान दोनों देशों में एक रक्षा समझौता हुआ था जिसके बारे में दोनों देशों ने खुलकर कुछ नहीं बताया है.

एयर चीफ मार्शल भदौरिया ने ली थी चुटकी लेकिन चीन और पाकिस्तान के इस गठजोड़ पर वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आर के एस भदौरिया ने चुटकी लेते हुए कहा था कि अगर चीन को पाकिस्तान की मदद लेनी पड़ रही हैं तो वे उसपर कुछ नहीं कहना चाहते. उनका इशारा खुद को सुपर-पॉवर का दम भरने वाले चीन को भारत के खिलाफ किसी तीसरे देश की मदद को लेकर था. एयर चीफ मार्शल भदौरिया का ये बयान पिछले साल अक्टूबर में ही आया था.

इसके अलावा पिछले महीने भारत से सटे सिंध प्रांत में चीन और पाकिस्तान की वायुसेनाओं ने साझा युद्धभ्यास शाहीन (11-25 दिसम्बर) को अंजाम दिया था. इस युद्धभ्यास में दोनों देशों की वायुसेनाओं ने खासतौर से भारत के रफाल लड़ाकू विमान से टक्कर लेने का अभ्यास किया था. यहां तक की एक्सरसाइज के बाद दोनों देशों की वायुसेनाओं ने एक साझा लोगो (प्रतीक-चिन्ह) जारी किया था जिसमें दो ड्रैगन मिलकर रफाल लड़ाकू विमान के दो टुकड़े करते दिखाए गए थे.

स्कार्दू  एयरबेस को क्यों अपडेट कर रहा है चीन

इसी कड़ी में चीन और पाकिस्तान ने भारत की घेराबंदी के लिए स्कार्दू एयरबेस को अपग्रेड किया है. दरअसल, पूर्वी लद्दाख से सटी एलएसी पर चीन के जो भी एयरबेस (होटान, नगरी-गुंसा, काशगर इत्यादि) हैं वे सभी बेहद ऊंचाई पर हैं, ऐसे में चीनी फाइटर जेट्स के लिए वहां से ऑपरेशन्स करना भारत के मुकाबले थोड़ा पेचीदा है. इसीलिए चीन पाकिस्तान के एयरबेस स्कार्दू को अपग्रेड कर रहा है.

लेकिन यहां ये बताना बेहद जरूरी है कि 71 के युद्ध में भारतीय वायुसेना ने स्कार्दू एयरबेस पर बमबारी कर पूरी तरह तबाह कर दिया था.

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नीरज राजपूत देश के जाने-माने डिफेंस-जर्नलिस्ट और वॉर-लेखक हैं. पत्रकारिता में करीब ढाई दशक का अनुभव रखते हैं और प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल मीडिया तीनों में गहरी पकड़ है.

वर्तमान में वे ABP नेटवर्क से जुड़े हैं, जहाँ युद्ध, रक्षा, नेशनल सिक्योरिटी और जियो-पॉलिटिक्स से संबंधित विषयों को कवर करते हैं. ABP लाइव पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रम ‘गेम-चेंजर’ के प्रस्तुतकर्ता भी हैं.

रूस-यूक्रेन युद्ध पर उन्होंने पहली हिंदी पुस्तक "ऑपरेशन Z लाइव" लिखी, जो बेस्टसेलर सूची में भी शामिल हुई और पाठकों द्वारा खूब सराही गई.

रिपोर्टिंग का दायरा
- दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन से लेकर आतंकवाद प्रभावित जम्मू-कश्मीर और चीन सीमा पर तिब्बत के पठार तक
- पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयर-स्ट्राइक से लेकर पनडुब्बी के जरिए समुद्र के भीतर तक
- ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनके एक्सक्लूसिव खुलासे और सटीक विश्लेषणों की व्यापक सराहना हुई
- यूक्रेन-रूस युद्ध क्षेत्र में मारियुपोल, डोनेत्स्क और लुहांस्क जैसे एक्टिव वॉर-जोन से रिपोर्टिंग. इसी अनुभव पर आधारित उनकी पुस्तक प्रभात प्रकाशन द्वारा प्रकाशित की गई
- दुनिया की सबसे संवेदनशील सीमाओं में से एक उत्तर-दक्षिण कोरिया की DMZ
- ⁠अमेरिका के सबसे बड़े सैन्य अड्डों में से एक JBLM, और शीत युद्ध के दौरान "गैर-मौजूद" माने जाने वाले रूसी सैन्य अड्डों से भी ग्राउंड रिपोर्टिंग. 
- ⁠वे उन चुनिंदा रक्षा जुड़े पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने भारत के पहले स्वदेशी अटैक हेलिकॉप्टर LCH-प्रचंड के कॉकपिट में उड़ान भरी है. इसके अलावा फ्रांस में राफेल लड़ाकू विमान निर्माण सुविधा से भी उन्होंने विशेष रिपोर्टिंग की.

भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित 'Defence Correspondent Course' के Alumni हैं.

पूर्व कार्य अनुभव
- STAR NEWS में लगभग 6 वर्षों तक चीफ रिपोर्टर (क्राइम) के तौर पर कार्य किया और लोकप्रिय क्राइम शो 'सनसनी' से जुड़े रहे
- पत्रकारिता की शुरुआत अंग्रेजी दैनिक नेशनल हेराल्ड से की
- इसके बाद B.A.G. Films के साथ जुड़कर STAR NEWS के लिए क्राइम शो बनाए
- SAHARA TV में भी लगभग 2 वर्षों तक कार्यरत रहे

रक्षा और सुरक्षा के मामलों पर उनकी पकड़, ग्राउंड-जीरो रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण उन्हें देश के सबसे भरोसेमंद डिफेंस जर्नलिस्ट्स में स्थापित करती है.

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