बगैर आधारकार्ड वाले गरीबों को भी मिलता रहे राशन: केंद्र सरकार
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकार (यूआईडीएआई) के सीईओ अजय भूषण पांडे ने बताया कि इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि आधारकार्ड न होने, लिंकिंग न होने और बायोमीट्रिक पहचान पुष्टि में तकनीकी दिक्कतों के कारण किसी को भी राशन का लाभ प्राप्त करने से न रोका जाये.

नई दिल्ली: केन्द्र सरकार ने राज्यों को निर्देश दिया है कि वे किसी ऐसे लाभार्थी को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का लाभ देने से इनकार न करे जिनके पास आधार कार्ड न हो. यानि राशन कार्ड, आधार से नहीं जुड़े होने पर भी उसे लाभ से वंचित नहीं किया जाए. केंद्र सरकार ने कहा है कि इसका उल्लंघन होने पर सख्त कार्रवाई की जायेगी. इस सप्ताह सभी राज्यों को इस संदर्भ में एक निर्देश जारी किया गया है.
इससे पहले झारखंड की एक 11 साल की लड़की को पीडीएस का राशन नहीं दिये जाने के बाद उसकी कथित तौर पर भूख के कारण मौत हो गई थी. अपने निर्देश में केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय ने साफ किया है कि सही तरीके से किए गए जांच के बाद बगैर शक के यह पता चलता हो कि राशन कार्डधारक के संबंध में जानकारी सही नहीं है, केवल तभी राशनकार्ड के डाटाबेस से नाम को हटाया जा सकता है.
प्रदेश के अधिकारी को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि आधार कार्ड नहीं होने के कारण लाभार्थियों को खाली हाथ न लौटाया जाये. इस संबंध में सारे अपवादों की सूचना अलग से एक लॉगबुक में दर्ज की जाए.
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकार (यूआईडीएआई) के सीईओ अजय भूषण पांडे ने बताया, ‘‘इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि आधारकार्ड न होने, लिंकिंग न होने और बायोमीट्रिक पहचान पुष्टि में तकनीकी दिक्कतों के कारण किसी को भी राशन का लाभ प्राप्त करने से न रोका जाये. अगर शख्स सही हो उसे राशन के मामले में लाभ देना चाहिये।’’ खाद्य मंत्रालय ने कहा कि जिनके पास आधारकार्ड नहीं है उनको आधारकार्ड नामांकन सुविधा प्रदान करने के लिए राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को व्यवस्था करनी होगी और उनके आधार संख्या को राशन कार्ड से जोड़ना होगा. उसने आगाह किया कि इस अधिसूचना के प्रावधानों का उल्लंघन करने के लिए सख्त कार्रवाई की जायेगी.
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के अनुसार राज्यों को आधार को राशन कार्डों से जोड़ने के लिए दिसंबर तक की समयसीमा दी गई है. हालांकि केन्द्र सरकार ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट को कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए आधार संख्या को अनिवार्य तौर पर जोड़ने की समयसीमा को उन लोगों के लिए अगले साल 31 मार्च तक के लिए बढ़ाया जायेगा, जिनके पास 12 अंकों वाली बायोमीट्रिक पहचान संख्या नहीं है. अभी तक देश में 82 प्रतिशत राशन कार्डो को आधार संख्या से संबद्ध किया गया है.
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