बढ़ सकती है छात्रों की मुश्किलें, बोर्ड-एंट्रेंस एग्जाम में लेट आने पर नहीं मिलेगी एंट्री
CBSE ने अगले सत्र से लेट एंट्री को बैन करने का फैसला किया है. अब तक छात्रों को ट्रैफिक और दूसरी वजहों से लेट आने पर भी एग्जाम हॉल में बैठने की अनुमति दे दी जाती थी.

नई दिल्ली: छात्रों की मुश्किलें अगले साल से बढ़ सकती है. सीबीएसई लेट एंट्री को लेकर एक कठोर कदम उठाने जा रही है. अब छात्रों को तय वक्त पर ही परीक्षा के लिए सेंटर पर पहुंचना होगा वरना वो एग्जाम नहीं दे पाएंगे. दरअसल, सीबीएसई ने अगले सत्र से लेट एंट्री को बैन करने का फैसला किया है. इस फैसले के बाद छात्रों को 10:15 से पहले एग्जाम हॉल में पहुंचना होगा.
अब तक छात्रों को ट्रैफिक और दूसरी वजहों से लेट आने पर भी एग्जाम हॉल में बैठने की अनुमति दे दी जाती थी. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. सूत्रों के मुताबिक सीबीएसई इस फैसले को साल 2019 से सभी बोर्ड एग्जाम के साथ जेईई, नीट, और कैट जैसी एंट्रेंस परीक्षा के लिए भी लागू करेगा. बता दें कि पहले सीबीएसई परीक्षा के लिए 9:30 बजे तक सेंटर पर पहुंचना होता था और 10:15 मिनट पर प्रश्न पत्र छात्रों में बांट दिए जाते थे. वहीं परीक्षा लिखने के लिए 10:30 बजे का समय तय था. इसमें छात्रों को 11:00 बजे तक परीक्षा के लिए एंट्री मिल जाती थी. लेकिन आगे ऐसा संभव नहीं होने की आशंका है.
मेडिकल और इमरजेंसी ग्राउंड पर एंट्री
हालांकि सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मेडिकल और किसी दूसरे इमरजेंसी केस में सेंटर हेड के पास विशेष अधिकार होगा. जिसके तहत सेंटर हेड लेट आने पर छात्रों को मेडिकल और इमरजेंसी ग्राउंड पर एंट्री देने की सिफारिश कर सकते हैं. सूत्र बताते हैं कि सीबीएसई ये कदम पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए उठा रहा है. मंत्रालय के सीनियर अधिकारी ने इस बात की जानकारी दी कि सीबीएसई इस फैसले को सख्ती से लागू करने का मन बना चुका है.
बता दें कि पिछले साल सीबीएसई 12वीं और 10वीं के बोर्ड एग्जाम में पेपर लीक की घटना पूरे देश में चर्चा का विषय बनी थी. इसे देखते हुए सीबीएसई पेपर लीक की घटना पर लगाम लगाने के लिए गंभीरता से विचार कर रहा था.
Source: IOCL























