IRCTC की वेबसाइट पर सेंधमारी! 5 राज्यों में ट्रैवल एजेंट्स के 12 ठिकानों पर CBI की छापेमारी, जानें पूरा मामला
CBI: सीबीआई ने भारतीय रेलवे के ई-टिकट की अवैध बिक्री के आरोप में 12 स्थानों पर छापेमारी की है. सीबीआई ने अवैध सॉफ्टवेयर बेचने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान भी की है.

Indian Railways News: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गुरुवार (20 अप्रैल) को आईआरसीटीसी वेबसाइट के जरिए भारतीय रेलवे के आरक्षित ई-टिकट की अवैध बिक्री से संबंधित एक मामले की जांच के तहत पांच राज्यों के 12 स्थानों पर छापेमारी की. ये एक्शन उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, मध्य प्रदेश और दिल्ली में ट्रैवल एजेंट्स के 12 ठिकानों पर लिया गया. सीबीआई ने 1 मार्च 2021 को मामला दर्ज किया था.
छापेमारी में क्या मिला?
अधिकारी ने बताया, छापेमारी के दौरान पाया गया है. कि एजेंट कथित रूप से टिकट खरीदने के लिए मैन्युअल सिस्टम को दरकिनार करने के लिए अवैध सॉफ्टवेयर का उपयोग कर रहे थे जो प्रीमियम पर यात्रियों को बेचे गए थे. सीबीआई ने इस अवैध गतिविधि में शामिल एजेंटों की पहचान की और एक साथ तलाशी ली.
तलाशी में डिजिटल डिवाइस, अवैध सॉफ्टवेयर वाले मोबाइल फोन, आपत्तिजनक दस्तावेज और अवैध सॉफ्टवेयर का उपयोग करके पहले बुक किए गए यात्रियों के टिकट सहित अन्य चीजे बरामद की. सीबीआई ने कहा कि विभिन्न एजेंटों को अवैध सॉफ्टवेयर बेचने और वितरित करने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति की भी पहचान की गई है.
आईआरसीटीसी क्या है?
IRCTC का फुल फॉर्म Indian Railway Catering and Tourism Corporation है. इसे हिंदी में भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम के नाम से भी जाना जाता है. वाणिज्य मंत्रालय के ट्रस्ट इंडिया ब्रांड इक्विटी फाउंडेशन के एक सर्वे के अनुसार भारत में रोजाना 22,593 ट्रेनों का संचालन होता है. हर दिन भारतीय रेलवे से 2.40 करोड़ यात्रा करते हैं. आईआरसीटीसी एक माध्यम है जिसकी मदद से यात्री ट्रेन से यात्रा के लिए टिकट की ऑनलाइन बुकिंग करते हैं. यात्री ट्रेन टिकट की बुकिंग के वक्त कंफर्म टिकट पाने के लिए दूसरे ट्रेन का ऑप्शन भी चुन सकते हैं. दो आप्शन चुनने से कंफर्म टिकट आसानी से मिलने की संभावना बढ़ जाती है.
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