पुणे में कोरोना के खिलाफ छेड़ा गया अभियान, घर घर जाकर की जा रही है जांच
पुणे के डिविजनल कमिश्नर दीपक म्हैसेकर लगातार शहर में कोरोना के बढ़ते मामलों का जायजा ले रहे हैं और सुरक्षा के लिहाज से तमाम कदम उठा रहे हैं.कोरोना के लक्षणों में बुखार, कफ और सांस में कमी शामिल हैं. इसके अलावा कुछ गंभीर मामलों में इन्फेक्शन की वजह निमोनिया या सांस लेने में दिक्कत हो सकती है.

पुणे: भारत में कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा पॉजिटिव मरीज महाराष्ट्र में पाये गये हैं, जिसमें सबसे ज्यादा मामले पुणे से सामने आए हैं. पुणे में मरीजों की संख्या लगातर बढ़ती जा रही है. यह संख्या अब 16 तक पहुंच चुकी है. पुणे में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए, पुणे महानगर पालिका ने 50 टीमें बनाईं हैं, जो घर घर जाकर कोरोना वायरस संदिग्ध मरीजों की पहचान कर रही है.
पुणे के डिविजनल कमिश्नर दीपक म्हैसेकर लगातार शहर में कोरोना के बढ़ते मामलों का जायजा ले रहे हैं और सुरक्षा के लिहाज से तमाम कदम उठा रहे हैं. म्हैसेकर के मुताबिक पुणे में महानगर पालिका की 50 टीमें अब तक करीब 16 हजार घरों में जाकर जांच पड़ताल कर चुकी है.
पुणे में लगातार कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए, जो कंपनी हैं, उनसे कहा गया है कि वो अपने ज्यादातर कर्मचारियों को वर्क फ्रोम होम यानी घर से काम करने का आदेश दे. कंपनियां अपने किसी भी कर्मचारी को विदेश यात्रा के लिए न भेजे. साथ ही पुणे प्रशासन ने यहां विदेश से आने वाले लोगों पर रोक लगा दी है. पुणे में सुरक्षा के लिहाज से एक जगह पर कई लोगों के इकट्ठा होने पर भी पाबंदी लगाई गई है.
कोरोना वायरस कैसे फैलता है? सबसे पहले ये जानना ज़रूरी है कि ये वायरस एक शख्स से दूसरे शख्स तक कैसे फैलता है? इसका सीधा सा जवाब है सांस की गतिविधियों के ज़रिए. अगर कोई शख्स कोरोना वायरस से संक्रमित है और वो आपके करीब रहते हुए छींकता या खांसता है, तो मुमकिन है कि आपको भी संक्रमण हो जाए. इसके अलावा किसी ऐसी जगह को छूने से भी आप संक्रमित हो सकते हैं, जहां पर ये वायरस गिरा हो. कोरोना वायरस किसी जगह पर कुछ घंटो तक ज़िंदा रह सकता है. हालांकि इसे किसी आम से कीटाणुनाशक से भी मारा जा सकता है.
कोरोना वायरस संक्रमण के लक्षण क्या हैं? कोरोना के लक्षणों में बुखार, कफ और सांस में कमी शामिल हैं. इसके अलावा कुछ गंभीर मामलों में इन्फेक्शन की वजह निमोनिया या सांस लेने में दिक्कत हो सकती है. बेहद कम मामलों में ये बीमारी जानलेवा होती है. इसके लक्षणों की खास बात ये है कि ये आम फ्लू और सर्दी ज़ुकाम की तरह ही है, जोकि किसी को भी होना आम है. इसलिए लक्षण दिखने पर भी परेशान होने से बेहतर है कि आप जांच कराएं. जांच के बाद ही पुष्टि होगी कि आप कोरोना से संक्रमित हैं या नहीं. इसलिए ऐसे हालात में अपने हाथों को बार बार, सही तरीके से साबुन से धोएं और साथ ही छींकते या खांसते वक्त अपनी कोहनी से मुंह को ढकें या टिसू का इस्तेमाल करें और उसे किसी बंद कचरे के डब्बे में फेंक दें.
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