CAA: अब CM स्टालिन का ऐलान- तमिलनाडु में नहीं लागू करेंगे CAA
CAA Rules Notification: लोकसभा चुनाव के पहले CAA से जुड़े नियमों को अधिसूचित कर दिया गया है. ऐसे में विपक्षी दल इसकी टाइमिंग को लेकर हमलावर हैं. वहीं बीजेपी इसे अपना वादा बता रही है.

Background
CAA Rules Notification: लोकसभा चुनाव 2024 का शेड्यूल आने से पहले सीएए का नोटिफिकेशन आ चुका है. 11 मार्च, 2024 को एनडीए सरकार की ओर से इसकी अधिसूचना जारी की गई तो विपक्ष ने इसे बड़ा मुद्दा बनाया. कांग्रेस से लेकर आम आदमी पार्टी और असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआई ने इस पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरने की कोशिश की. किसी ने कहा कि चुनावी बॉन्ड के मसले पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद यह ऐलान सिर्फ और सिर्फ ‘सुर्खियां बटोरने’ का प्रयास है तो कोई नेता इसे पूरी तरह से सांप्रदायिक उद्देश्यों के साथ विभाजनकारी और नुकसान पहुंचाने वाला कदम बताता दिखा.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की घोषणा (बंगाल में वह इसे लागू नहीं होने देंगी) के बाद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन ने ऐलान किया कि उनके नेतृत्व वाली सरकार राज्य में सीएए लागू नहीं करेगी, जबकि ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के महासचिव ए के पलानीस्वामी ने सीएए की आलोचना की और बताया कि केंद्र सरकार ने इसके कार्यान्वयन के साथ एक ऐतिहासिक भूल की है. वहीं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि अगर एनआरसी के लिए आवेदन न करने वाले किसी व्यक्ति को नागरिकता मिल जाती है तो वह इस्तीफा देने वाले पहले व्यक्ति होंगे. हालांकि, सियासी गलियारों में ऐसी चर्चा है कि यह मोदी-बीजेपी के लिए बड़े मास्टरस्ट्रोक के रूप में साबित हो सकता है.
केंद्र ने सोमवार को नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (CAA)-2019 को लागू करने की घोषणा की. विवादास्पद कानून को पारित किए जाने के चार साल बाद केंद्र के इस कदम के कारण पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर, 2014 से पहले भारत आने वाले गैर-मुस्लिम प्रवासियों को नागरिकता प्रदान करने का रास्ता साफ हो गया है. सीएए के नियम जारी हो जाने के साथ ही अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार इन तीन देशों के प्रताड़ित गैर-मुस्लिम प्रवासियों (हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई) को भारतीय नागरिकता देना शुरू कर देगी. केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक और प्रतिबद्धता पूरी की है और संविधान निर्माताओं के वादे को साकार किया है.
साल 2019 में संसद से पारित हुआ था CAA
गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘नागरिकता (संशोधन) नियम, 2024 कहे जाने वाले ये नियम CAA-2019 के तहत पात्र व्यक्तियों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने के लिए आवेदन करने में सक्षम बनाएंगे.’’ प्रवक्ता ने कहा, ‘‘आवेदन पूरी तरह से ऑनलाइन मोड में जमा किए जाएंगे जिसके लिए एक वेब पोर्टल उपलब्ध कराया गया है.’’ एक अधिकारी ने कहा कि आवेदकों से कोई दस्तावेज नहीं मांगा जाएगा.
भारतीयों की नागरिकता से नहीं है इसका लेना-देना
सीएए को दिसंबर, 2019 में संसद में पारित किया गया था और बाद में इसे राष्ट्रपति की मंजूरी भी मिल गई थी, लेकिन इसके खिलाफ देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे. यह कानून अब तक लागू नहीं हो सका था क्योंकि इसके कार्यान्वयन के लिए नियमों को अब तक अधिसूचित किया जाना बाकी था. ये नियम अब पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक आधार पर प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को हमारे देश में नागरिकता प्राप्त करने में सक्षम बनाएंगे.
CAA LIVE News: नागरिकता देने को भारत सरकार लाई खास पोर्टल
CAA के तहत भारत के तीन पड़ोसी देशों के सताए हुए गैर-मुस्लिम प्रवासियों को भारत की नागरिकता देने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मंगलवार को खास पोर्टल लॉन्च किया. सरकार के प्रवक्ता की ओर से बताया गया, "सीएए-2019 के तहत नागरिकता (संशोधन) नियम, 2024 अधिसूचित कर दिए गए हैं और नया पोर्टल ‘लॉन्च’ किया गया है." प्रवक्ता ने यह भी जानकारी दी कि सीएए-2019 के तहत पात्र व्यक्ति पोर्टल पर नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते हैं. बाद में सरकार 'सीएए-2019' नाम का मोबाइल ऐप भी लाएगी.
CAA LIVE News: तमिलनाडु में नहीं लागू होगा CAA- CM स्टालिन का ऐलान
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन मंगलवार (12 मार्च, 2024) को ऐलान किया कि उनके नेतृत्व वाली राज्य सरकार सूबे में सीएए लागू नहीं करेगी.
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Source: IOCL























