महामारियां, जलवायु आपदा और सप्लाई चेन... ब्रिक्स के दूसरे दिन क्या बोले PM मोदी
पीएम मोदी ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में जारी ब्रिक्स सम्मेलन के दूसरे दिन संबोधन देते हुए कई अहम मुद्दों पर चर्चा की. इस दौरान उन्होंने ब्रिक्स लॉजिस्टिक्स सप्लाई चेन से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी.

नई दिल्ली के भारत मंडपम् में जारी ब्रिक्स सम्मलेन का आज दूसरा और आखिरी दिन है. इस मौके पर पीएम मोदी ने संबोधन देते हुए कई अहम बातें कही हैं. पीएम मोदी ने कहा है कि ब्रिक्स लॉजिस्टिक्स सप्लाई चेन सहयोग फ्रेमवर्क हमारी सप्लाई चेन को ज्यादा भरोसेमंद और मजबूत बनाने में मदद करेगा. इनोवेशन के तहत, ब्रिक्स इन्क्यूबेटर नेटवर्क हमारे स्टार्टअप्स और इन्क्यूबेटर्स को आपस में जोड़ेगा.
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पीएम मोदी ने कहा, 'हमने नए और बड़े स्तर पर लागू किए जा सकने वाले समाधानों को बढ़ावा देने के लिए ब्रिक्स स्टार्टअप इनोवेशन फंड का प्रस्ताव रखा है. डिजिटल एग्रीकल्चर पर ब्रिक्स नेटवर्क किसानों के लिए नए मौके पैदा करेगा.'
#WATCH | Delhi: On Day 2 of the BRICS Summit 2026, Prime Minister Narendra Modi says, "The BRICS Logistic Supply Chain Cooperation Framework will help make our supply chains more reliable and resilient. Under the umbrella of innovation, the BRICS Incubator Network will connect… pic.twitter.com/1JbC4c1nlC
— ANI (@ANI) September 13, 2026
इस पहल के जरिए एआई, जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी और जरूरू खनिजों का हथियार के तौर पर इस्तेमाल हमारी साझा तरक्की में रुकावट डाल सकता है. इसलिए हमने टेक्नोलॉजी को अपनाने में सबको साथ लेकर चलने पर जोर दिया है.
'इन चार स्तंभों परविकास को बढ़ावा देने की कोशिश की है'
#WATCH | Delhi: On Day 2 of the BRICS Summit 2026, Prime Minister Narendra Modi says, "Building upon these four pillars, we have endeavored to foster inclusive global growth through BRICS. This is because we believe that the benefits of solutions developed within BRICS should not… pic.twitter.com/1Gi7Sz6JBT
— ANI (@ANI) September 13, 2026
इसके अलावा पीएम मोदी ने कहा, 'इन चार स्तंभों के आधार पर हमने ब्रिक्स के जरिए समावेशी वैश्विक विकास को बढ़ावा देने की कोशिश की है. ऐसा इसलिए है क्योंकि हमारा मानना है कि ब्रिक्स के भीतर विकसित समाधानों का फायदा सिर्फ इसी समूह तक सीमित नहीं रहना चाहिए. उन्हें ग्लोबल साउथ की जरूरतों को पूरा करने के लिए अनुकूल और सुलभ बनाया जाना चाहिए.'
'ब्रिक्स पर ग्लोबल साउथ देशों का भरोसा बढ़ा है'
इसके अलावा पीएम मोदी ने कहा है कि मैं अपने निजी अनुभवों से कह सकता हूं कि ब्रिक्स में ग्लोबल साउथ के देशों का भरोसा बढ़ा है. क्योंकि उनकी बात सुनी जाती है. उनके अनुभवों का सम्मान किया जाता है. समाधान सिर्फ उनके लिए नहीं, बल्कि उनके साथ मिलकर तैयार किए जाते हैं. ब्रिक्स की ताकत हमारी विविधता और सहयोग में है. भले ही हम अलग-अलग परिस्थितियों से जुड़े हों. लेकिन हम सहयोग के जरिए एक साथ आगे बढ़ते हैं. मानवता के लिए फलते फूलते हैं. हमारी विविधता हमारी पहचान बनी रहे. हमारा सहयोग हमारी प्रेरणा बने. हमारी तरक्की से पूरी मानवता को फायदा हो.






















