जावेद अख्तर बोले, गुलामी में भी लिंचिंग जैसी बेशर्मी को जायज नहीं ठहराया गया
पिछले हफ्ते राजस्थान के अलवर में गो-रक्षकों की भीड़ ने रकबर खान नाम के एक शख्स की कथित तौर पर हत्या कर दी थी. रकबर पर भीड़ ने गो-तस्करी का शक जताया था. पुलिस का दावा है कि रकबर की मौत गंभीर चोट से हुई. वहीं चश्मदीदों का दावा है कि उसकी मौत पुलिस की पिटाई में हुई.

नई दिल्ली: देशभर में बढ़ती भीड़ की हिंसा पर बॉलीवुड ने भी कड़ी प्रतिक्रिया जताई है और पीड़ितों को जल्द से जल्द न्याय मिलने की मांग की है. गीतकार जावेद अख्तर ने भीड़ की हिंसा की वारदातों पर कहा कि ऐसी बेशर्म हरकत को जायज नहीं ठहराया जा सकता है. उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘‘अमेरिका में कू क्लक्स क्लान (अमेरिका में कट्टरवादी दक्षिण-पंथी गोपनीय समाज) और गुलामी के दिनों या दक्षिण अफ्रीका में श्वेत (गोरे) प्रभुत्व वाले शासन के चरम काल में भी किसी ने ऐसी बेशर्म हरकत को जायज नहीं ठहराया गया.’’
Even in the days of klu klax klan and slavery in USA or at the peak of White superimist rule In South Africa no one had justified lynching with such shameless audacity. .
— Javed Akhtar (@Javedakhtarjadu) July 24, 2018
आपको बता दें कि पिछले हफ्ते राजस्थान के अलवर में गो-रक्षकों की भीड़ ने रकबर खान नाम के एक शख्स की कथित तौर पर हत्या कर दी थी. रकबर पर भीड़ ने गो-तस्करी का शक जताया था. पुलिस का दावा है कि रकबर की मौत गंभीर चोट से हुई. वहीं चश्मदीदों का दावा है कि उसकी मौत पुलिस की पिटाई में हुई.
अलवर में रकबर की मौत का जिम्मेदार गो-रक्षक या पुलिस? सरकार ने माना कस्टडी में हुई मौत
इस मामले में राजस्थान सरकार ने पुलिस की लापरवाही की बात मानी है और चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है. इनपर आरोप है कि रकबर की पिटाई के बाद मौके पर पुलिस पहुंची लेकिन उसे अस्पताल ले जाने के बजाय थाने ले गई. रास्ते में पुलिस ने चाय भी पी. अगर रकबर को समय पर अस्पताल पहुंचाया जाता तो उसकी जान बच सकती थी.
निर्देशक सुधीर मिश्रा ने भीड़ की हिंसा पर कहा कि हम अपने बच्चों को क्या बताएंगे. उन्होंने ट्वीट कर कहा, ''भीड़ हत्या को जायज ठहराने वाले अपने बच्चों से क्या कहेंगे?'' अभिनेता और स्टैंड-अप कॉमेडियन वीर दास ने ट्वीट किया, ‘‘भीड़ द्वारा यहां हत्या के शिकार लोगों को न्याय दिलाने के लिये एक व्यक्ति किसे गले लगाए?’’
Who does a guy have to hug to get some justice for lynching around here?
— Vir Das (@thevirdas) July 22, 2018
अभिनेत्री गौहर खान ने ट्वीट किया, ‘‘राज्य के नेता हत्याओं के बारे में बेहद हल्के बयान देते हैं जैसे यह चेन छीनने की कोई घटना हो, देश के नेता इस पर चुप्पी साधे रहते हैं, लेकिन भीड़ द्वारा हत्या असल में हत्या के लिये नया अनौपचारिक शब्द बन गया है.’’
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